फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   crisis in ration distribution due to strike of Kotedars in Mathura

Mathura: कोटेदारों की हड़ताल... कैसे बंटेगा राशन, बोले- कमीशन बढ़ोतरी की मांग पूरी होने तक नहीं खोलेंगे दुकान

Tue, 09 Jan 2024 10:21 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Tue, 09 Jan 2024 10:21 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के मथुरा में कोटेदारों ने हड़ताल की घोषणा की है। अब जिले में राशन कैसे बंटेगा ? उनका कहना है कि कमीशन बढ़ोतरी की मांग पूरी होने तक दुकान नहीं खोलेंगे। 

विज्ञापन
crisis in ration distribution due to strike of Kotedars in Mathura
पूर्ति निरीक्षक-छाता को ज्ञापन देते राशन डीलर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के मथुरा में राशन कोटेदारों की हड़ताल के कारण जनपद में राशन वितरण पर संकट खड़ा हो गया है। शासन ने बुधवार से राशन वितरण का आदेश दिया है, लेकिन उचित दर पर राशन विक्रेताओं से मंगलवार शाम प्रशासन से वार्ता में साफ कर दिया कि प्रदेश नेतृत्व के आदेश के बिना वह दुकान नहीं खोलेंगे।

विज्ञापन


जिले में 424323 पात्र गृहस्थी कार्ड धारक और 41436 अंत्योदय कार्ड धारक हैं। इन सभी लाभार्थियों को जिले की 832 सरकारी दुकानों से राशन वितरित किया जाता है। हर माह की 5 तारीख से राशन वितरित किया जाता है, लेकिन नव वर्ष से पूर्व से कोटेदार हड़ताल पर हैं। 
विज्ञापन


हड़ताल को देखते हुए शासन ने 10 जनवरी से राशन वितरण की तिथि निर्धारित की थी। शासन का अनुमान था कि इस दौरान कोटेदारों से समझौता वार्ता कर उनको राशन वितरण के लिए सहमत कर लिया जाएगा, लेकिन कोटेदारों से समझौता वार्ता फेल हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

इन मांगों को लेकर हड़ताल पर हैं कोटेदार

प्रादेशिक आह्वान पर मथुरा उचित दर विक्रेता परिषद के सदस्य अनिश्चितकालीन धरने पर हैं। परिषद के महामंत्री मनोज कुमार के अनुसार कोटेदारों को लाभांश के रूप में महज 90 रुपये प्रति क्विंटल ही दिया जा रहा है। जबकि हरियाणा में 250 रुपये, केरल व गोवा में 200 रुपये, महाराष्ट्र में 180 रुपये प्रति क्विंटल लाभांश दिया जा रहा है। 


इसके अलावा कोटेदारों को दो हजार रुपये मानदेय के रूप में भी दिया जा रहा है, लेकिन यूपी के कोटेदारों की उपेक्षा की जा रही है। पदाधिकारियों ने दूसरे राज्यों के बराबर लाभांश देने की मांग की है। मांग न पूरी होने पर सभी कोटेदारों ने वितरण कार्य न करने का फैसला किया है।


कोटेदारों से समझौता वार्ता की जा रही है। शासन स्तर से इनके प्रदेश नेतृत्व और जिला स्तर पर जिले की इकाइयों से वार्ता की जा रही है। भरोसा है कि वार्ता का परिणाम सार्थक निकलेगा। -सतीश मिश्रा, डीएसओ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed