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खाकपति लखपति बने तो लखपति हो गए करोड़पति
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 22 Feb 2017 12:22 AM IST
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सुजीत
- फोटो : अमर उजाला
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रिफाइनरी की पाइप लाइन में सेंधमारी करके करीब 100 करोड़ के तेल की चोरी की गई है। डेढ़ साल से पेट्रोल और डीजल की चोरी की जा रही थी। पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया है उनका नाम भी कुछ ही दिनों में पैसों वालों में शामिल हो गया था। पुलिस अब सभी की संपत्ति का रिकार्ड खंगाल रही है।
तेल चोरी के बड़े नेटवर्क का सरगना आगरा का पेट्रोल पंप मालिक मनोज गोयल बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मनोज गोयल ने होटल, स्कूल के साथ ही कई शहरों में पेट्रोल पंप खोल लिए हैं। उसके पास अकूत संपत्ति बताई जा रही है। पुलिस ने भंकरपुर बसेला के जिस रामहरि चौधरी को पकड़ा है उसने भी कुछ ही समय में संपत्ति बना ली है। अभी कुछ दिन पहले ही उसने छह लाख में मकान खरीदा था। हाथरस रोड पर उसका होटल है। कुछ समय पहले उसने कूम्हां के पास 45 लाख की जमीन भी खरीदी थी। मथुरा में बैराज रोड पर उसकी कोठी है। उसके पास छह लग्जरी गाड़ियां बताई गई हैं। करीब दस टैंकर भी हैं। बताया जाता है कि रामहरि हाईस्कूल तक ही पढ़ा है।
इसी गांव के रवि चौधरी ने भी प्रापर्टी अर्जित कर ली है। वहीं पुलिस पकड़ से दूर सुरेश ठाकुर, सुजीत प्रधान, कुलदीप पाठक, देवू जाट, कृष्णा, रवि और राम उर्फ सोनू के ठाटबाट भी अचानक बढ़े हैं। कभी मोटरसाइकिलों पर घूमते थे लेकिन अब लग्जरी गाड़ियों से सफर करते हैं। किसी ने गांव में जमीन खरीद ली है तो किसी ने शहर में मकान और प्लाट। सुजीत चौधरी ने कुछ दिन पहले ही एक होटल खरीदा है।
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कई जिलों में खोले डीजल के सेल प्वाइंट
तेल माफियाओं ने कस्बों में डीजल के सेल प्वाइंट खोल दिए थे। मथुरा, आगरा और आसपास के जनपदों में इन सेल प्वाइंट पर रिफाइनरी से चोरी किए गए डीजल की कमीशन पर बिक्री कराई जा रही थी। पुलिस को रामहरि चौधरी और रवि चौधरी से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक कहीं दस ड्रम बिक्री का सेल प्वाइंट था तो कहीं बीस ड्रम। कुछ जगह तो छोटे टैंकर ही खड़े रहते थे जिनके माध्यम से सस्ता डीजल बेचा जा रहा था।
शस्त्र लाइसेंस निरस्त होंगे
तेल चोरी के मामले में आरोपियों पर शस्त्र लाइसेंस होने की जांच की जा रही है। इन आरोपियों पर शस्त्र लाइसेंस होंगे तो उनको निरस्त किया जाएगा। सभी पर गैंगेस्टर भी लगाया जाएगा। गिरफ्तारी और संपत्ति की जांच होने के बाद कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) से सभी 17 आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
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तेल चोरी के बड़े नेटवर्क का सरगना आगरा का पेट्रोल पंप मालिक मनोज गोयल बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मनोज गोयल ने होटल, स्कूल के साथ ही कई शहरों में पेट्रोल पंप खोल लिए हैं। उसके पास अकूत संपत्ति बताई जा रही है। पुलिस ने भंकरपुर बसेला के जिस रामहरि चौधरी को पकड़ा है उसने भी कुछ ही समय में संपत्ति बना ली है। अभी कुछ दिन पहले ही उसने छह लाख में मकान खरीदा था। हाथरस रोड पर उसका होटल है। कुछ समय पहले उसने कूम्हां के पास 45 लाख की जमीन भी खरीदी थी। मथुरा में बैराज रोड पर उसकी कोठी है। उसके पास छह लग्जरी गाड़ियां बताई गई हैं। करीब दस टैंकर भी हैं। बताया जाता है कि रामहरि हाईस्कूल तक ही पढ़ा है।
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इसी गांव के रवि चौधरी ने भी प्रापर्टी अर्जित कर ली है। वहीं पुलिस पकड़ से दूर सुरेश ठाकुर, सुजीत प्रधान, कुलदीप पाठक, देवू जाट, कृष्णा, रवि और राम उर्फ सोनू के ठाटबाट भी अचानक बढ़े हैं। कभी मोटरसाइकिलों पर घूमते थे लेकिन अब लग्जरी गाड़ियों से सफर करते हैं। किसी ने गांव में जमीन खरीद ली है तो किसी ने शहर में मकान और प्लाट। सुजीत चौधरी ने कुछ दिन पहले ही एक होटल खरीदा है।
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कई जिलों में खोले डीजल के सेल प्वाइंट
तेल माफियाओं ने कस्बों में डीजल के सेल प्वाइंट खोल दिए थे। मथुरा, आगरा और आसपास के जनपदों में इन सेल प्वाइंट पर रिफाइनरी से चोरी किए गए डीजल की कमीशन पर बिक्री कराई जा रही थी। पुलिस को रामहरि चौधरी और रवि चौधरी से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक कहीं दस ड्रम बिक्री का सेल प्वाइंट था तो कहीं बीस ड्रम। कुछ जगह तो छोटे टैंकर ही खड़े रहते थे जिनके माध्यम से सस्ता डीजल बेचा जा रहा था।
शस्त्र लाइसेंस निरस्त होंगे
तेल चोरी के मामले में आरोपियों पर शस्त्र लाइसेंस होने की जांच की जा रही है। इन आरोपियों पर शस्त्र लाइसेंस होंगे तो उनको निरस्त किया जाएगा। सभी पर गैंगेस्टर भी लगाया जाएगा। गिरफ्तारी और संपत्ति की जांच होने के बाद कुर्की की कार्रवाई भी की जा सकती है। एसएसपी मोहित गुप्ता ने बताया कि सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स) से सभी 17 आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।