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लुटेरों के हवाले यमुना एक्सप्रेसवे
पुनीत शर्मा मथुरा
Updated Tue, 23 May 2017 11:46 PM IST
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यमुना एक्सप्रेस वे
- फोटो : demo pic
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यमुना एक्सप्रेसवे फिलहाल लुटेरों के हवाले है। कारण राहगीरों की सुरक्षा के लिए पुलिस को मिलीं गाड़ियां ग्रामीण इलाकों में गश्त कर रही हैं। टोल पर बनीं पुलिस चौकियों से भी स्टाफ गायब है। ऐसे में एक्सप्रेस वे पर सफर सुरक्षित नहीं रह गया है।
नोएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेसवे पर अथारिटी ने पुलिस को 6 गाड़ियां दे रखी हैं। इन गाड़ियों के डीजल का खर्च भी एक्सप्रेसवे अथारिटी ही वहन करती है। दो गाड़ियां जेबर टोल के लिए हैं जबकि दो मांट और इतनी ही खंदौली टोल के लिए। ये गाड़ियां पुलिस को इसलिए उपलब्ध कराई गई थीं ताकि एक्सप्रेसवे पर पुलिस की गश्त रहे। पुलिस की गाड़ियां जगह-जगह दिखाई देंगी तो लोगों में सुरक्षा का भाव आएगा। लेकिन अब यह गाड़ियां महीनों से एक्सप्रेसवे पर गश्त नहीं कर रही हैं। इन गाड़ियों से पुलिस ग्रामीण इलाकों में गश्त करती है। वांछितों के घरों पर दबिश में इन गाड़ियों का प्रयोग हो रहा है। एक्सप्रेसवे की सुरक्षा रामभरोसे है।
अगर कोई आगरा से नोएडा जा रहा है तो कहीं पुलिस नजर नहीं आएगी। यही वजह है कि वारदातें हो रही हैं। एक्सप्रेसवे अथारिटी ने हर टोल प्लाजा पर पुलिस चौकी का भी निर्माण कराकर दिया था लेकिन यहां भी पुलिस वाले कभी-कभार ही पहुंचते हैं। वर्ष 2015 में व्यवस्था बनाई गई थी कि जो भी थाने एक्सप्रेसवे पर पड़ेंगे वह अपने यहां से एक दरोगा और दो सिपाही हर रोज यमुना एक्सप्रेसवे पर गश्त के लिए लगाएंगे। लेकिन वह व्यवस्था भी पूरी तरह से भंग हो गई है। रात को गश्त हो नहीं पा रही है। अधिकारी फोर्स कम होने का रोना रो रहे हैं। ये स्थिति तो तब है जब खुद डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा था कि यमुना एक्सप्रेस की सुरक्षा को अतिरिक्त फोर्स तैनात की जाएगी।
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अथारिटी ने दे रखीं हैं पुलिस को गाड़ियां
यमुना एक्सप्रेसवे कारीडोर के इंचार्ज मेजर मनीष सिंह का कहना है कि हर टोल प्लाजा क्षेत्र में पुलिस की मदद के लिए गाड़ियां दे रखी हैं। हर टोल पर चौकी भी एक्सप्रेसवे अथारिटी ने बनवाई है। इन चौकियों का प्रयोग भी किया जा रहा है।
नोएडा से आगरा तक 165 किलोमीटर के यमुना एक्सप्रेसवे पर अथारिटी ने पुलिस को 6 गाड़ियां दे रखी हैं। इन गाड़ियों के डीजल का खर्च भी एक्सप्रेसवे अथारिटी ही वहन करती है। दो गाड़ियां जेबर टोल के लिए हैं जबकि दो मांट और इतनी ही खंदौली टोल के लिए। ये गाड़ियां पुलिस को इसलिए उपलब्ध कराई गई थीं ताकि एक्सप्रेसवे पर पुलिस की गश्त रहे। पुलिस की गाड़ियां जगह-जगह दिखाई देंगी तो लोगों में सुरक्षा का भाव आएगा। लेकिन अब यह गाड़ियां महीनों से एक्सप्रेसवे पर गश्त नहीं कर रही हैं। इन गाड़ियों से पुलिस ग्रामीण इलाकों में गश्त करती है। वांछितों के घरों पर दबिश में इन गाड़ियों का प्रयोग हो रहा है। एक्सप्रेसवे की सुरक्षा रामभरोसे है।
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अगर कोई आगरा से नोएडा जा रहा है तो कहीं पुलिस नजर नहीं आएगी। यही वजह है कि वारदातें हो रही हैं। एक्सप्रेसवे अथारिटी ने हर टोल प्लाजा पर पुलिस चौकी का भी निर्माण कराकर दिया था लेकिन यहां भी पुलिस वाले कभी-कभार ही पहुंचते हैं। वर्ष 2015 में व्यवस्था बनाई गई थी कि जो भी थाने एक्सप्रेसवे पर पड़ेंगे वह अपने यहां से एक दरोगा और दो सिपाही हर रोज यमुना एक्सप्रेसवे पर गश्त के लिए लगाएंगे। लेकिन वह व्यवस्था भी पूरी तरह से भंग हो गई है। रात को गश्त हो नहीं पा रही है। अधिकारी फोर्स कम होने का रोना रो रहे हैं। ये स्थिति तो तब है जब खुद डीजीपी सुलखान सिंह ने कहा था कि यमुना एक्सप्रेस की सुरक्षा को अतिरिक्त फोर्स तैनात की जाएगी।
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अथारिटी ने दे रखीं हैं पुलिस को गाड़ियां
यमुना एक्सप्रेसवे कारीडोर के इंचार्ज मेजर मनीष सिंह का कहना है कि हर टोल प्लाजा क्षेत्र में पुलिस की मदद के लिए गाड़ियां दे रखी हैं। हर टोल पर चौकी भी एक्सप्रेसवे अथारिटी ने बनवाई है। इन चौकियों का प्रयोग भी किया जा रहा है।