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UP: आठ साल की मासूम को बनाया था हवस का शिकार...आंखें निकल आई थीं बाहर, कोर्ट ने दोषी को सुनाई फांसी की सजा
Tue, 02 Sep 2025 08:31 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 02 Sep 2025 08:31 PM IST
सार
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने महेश उर्फ मसुआ के बचाव को कई दलीलें दीं, लेकिन विशेष लोक अभियोजक की दलील के समक्ष उनकी एक न चली। कोर्ट ने साक्ष्य, गवाहों और दलील के बाद महेश उर्फ मसुआ को मृत्युदंड की सजा सुना दी।
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सजा मिलने के बाद दोषी को ले जाती पुलिस।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
मथुरा में अनुसूचित जाति की आठ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने वाले अपराधी को अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कक्ष संख्या-2) ब्रजेश कुमार (द्वितीय) ने मंगलवार को मृत्युदंड की सजा सुनाई। अपराधी पर 3.20 लाख रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है। बालिका के साथ उसने जो दरिंदगी की थी, कोर्ट ने उसे बेहद गंभीर माना।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि जैंत थाने में 26 नवंबर 2020 को अनुसूचित जाति की बालिका की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। पुलिस बालिका की तलाश में जुटी तो अगले ही दिन गांव के पास स्थित जंगल में एक पुलिया के नजदीक उसका शव मिला।
पुलिस ने बालिका के शव का पोस्टमार्टम कराया तो दुष्कर्म के बाद हत्या का पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके से फोरेंसिक साक्ष्य भी एकत्रित किए। पुलिस ने गुमशुदगी को दुष्कर्म, हत्या समेत अन्य धाराओं में तरमीम किया। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी रमेश चंद तिवारी ने की।
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एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि जैंत थाने में 26 नवंबर 2020 को अनुसूचित जाति की बालिका की गुमशुदगी दर्ज हुई थी। पुलिस बालिका की तलाश में जुटी तो अगले ही दिन गांव के पास स्थित जंगल में एक पुलिया के नजदीक उसका शव मिला।
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पुलिस ने बालिका के शव का पोस्टमार्टम कराया तो दुष्कर्म के बाद हत्या का पुष्टि हुई। पुलिस ने मौके से फोरेंसिक साक्ष्य भी एकत्रित किए। पुलिस ने गुमशुदगी को दुष्कर्म, हत्या समेत अन्य धाराओं में तरमीम किया। मामले की विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी रमेश चंद तिवारी ने की।
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विवेचना में छाता कोतवाली के गांव तरौली सुमाली निवासी महेश उर्फ मसुआ का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने मौके से मिले फोरेंसिक साक्ष्य, फिंगर प्रिंट आदि का मिलान महेश उर्फ मसुआ से करने के बाद उसकी गिरफ्तारी की। विवेचना पूरी होने के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी ने जमानत के लिए काफी प्रयास किए, लेकिन उसे जमानत नहीं मिली।
मंगलवार को अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पॉक्सो कक्ष संख्या-2) में बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने महेश उर्फ मसुआ के बचाव को कई दलीलें दीं, लेकिन विशेष लोक अभियोजक की दलील के समक्ष उनकी एक न चली। कोर्ट ने साक्ष्य, गवाहों और दलील के बाद महेश उर्फ मसुआ को मृत्युदंड की सजा सुना दी। अर्थदंड अदा न करने पर महेश को एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतने की सजा भी सुनाई है।
गला दबाने के कारण बालिका की आंखें निकल आई थीं बाहर
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि बालिका के साथ की गई दरिंदगी का खुलासा उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालिका के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे। उसकी बच्चेदानी तक बाहर निकल आई थी। मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और आंखें बाहर निकल आई थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बालिका की मौत गला घोंटने के कारण हुई।
एसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि बालिका के साथ की गई दरिंदगी का खुलासा उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बालिका के शरीर पर जगह-जगह चोट के निशान थे। उसकी बच्चेदानी तक बाहर निकल आई थी। मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था और आंखें बाहर निकल आई थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार बालिका की मौत गला घोंटने के कारण हुई।
गवाहों ने निभाई अहम भूमिका
बालिका से दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी को सजा दिलाने में गवाहों ने अहम भूमिका निभाई। गवाहों ने कोर्ट में बताया कि महेश उर्फ मसुआ महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करता था। महिलाओं को देखकर वह अपने कपड़े तक उतार देता था। सुनवाई के दौरान बालिका के परिजन समेत नौ लोगों ने गवाही दी।
ये भी पढ़ें-UP: धर्मांतरण के एक और गिरोह का पर्दाफाश...गरीबी और शारीरिक कष्ट दूर करने का झांसा, तीन महिला समेत आठ गिरफ्तार
बालिका से दुष्कर्म के बाद हत्या के आरोपी को सजा दिलाने में गवाहों ने अहम भूमिका निभाई। गवाहों ने कोर्ट में बताया कि महेश उर्फ मसुआ महिलाओं के साथ अश्लील हरकत करता था। महिलाओं को देखकर वह अपने कपड़े तक उतार देता था। सुनवाई के दौरान बालिका के परिजन समेत नौ लोगों ने गवाही दी।
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