फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   colonial economics should be changed said economist

अंग्रेजों के जमाने की अर्थव्यवस्था में बदलाव जरूरी

Thu, 29 Dec 2016 11:07 PM IST
अमर उजाला मथुरा
अमर उजाला मथुरा Updated Thu, 29 Dec 2016 11:07 PM IST
विज्ञापन
colonial economics should be changed said economist
आर्थिक विशेषज्ञ बोले विकास के लिए रोकना होगा देश से तकनीशियनों का पलायन - फोटो : अमर उजाला
भारतीय आर्थिक परिषद के सदस्यों ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में बेहतरी के लिए अंग्रेजों के जमाने की अर्थव्यवस्था में बदलाव लाना होगा। देश के विकास के लिए तकनीकी का पलायन रोकना जरूरी है।
विज्ञापन


वेटरनेरी विश्वविद्यालय में चल रही भारतीय आर्थिक परिषद की कार्यशाला में तीसरे दिन एनएएस कालेज मेरठ के प्रोफेसर आरपी जुयाल ने कहा कि किसान देश की आर्थिक विकास की रीढ़ है। इसे अब तक नजरंदाज किया गया। न तो किसान को उसकी फसल का वाजिब मूल्य दिलाने को ठोस बाजार है, और न उसकी फसल रखने को भंडार के पर्याप्त साधन।
विज्ञापन


जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति डा. डीएस चौहान ने कहा कि देश के 131 विश्वविद्यालयों में 90 प्रतिशत छात्र सरकारी विश्वविद्यालयों में पढ़ते हैं लेकिन सरकारी विश्वविद्यालय का ग्रामीण क्षेत्र से उच्च शिक्षा को लेकर सामाजिक संबंध नहीं है। देश में केवल 10 प्रतिशत ही तकनीशियन काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


देश के समग्र विकास को हर क्षेत्र के तकनीशियनों का पलायन रोकना होगा। लोक सेवा आयोग उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष अनिरुद्ध सिंह यादव ने कहा कि वर्तमान अर्थव्यस्था अंग्रेजों की जमाने की है। इसे बदलाव की जरूरत है। इस दौरान प्रोफेसर पीके चौबे, संयोजिका डा इंदू वार्ष्णेय ने संबोधित किया और अब तक पढ़े गए 50 पत्रों के बारे में जानकारी दी। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed