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UP: बच्चों की ये दवा जांच में फेल; संक्रमण रोकने के लिए होता है उपयोग; हरिद्वार की कंपनी पर मुकदमा
Thu, 17 Jul 2025 03:01 AM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Thu, 17 Jul 2025 03:01 AM IST
सार
जांच के लिए गए नमूने में ट्रिनिडाजोल दवा की मात्रा शून्य थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर औषधि निरीक्षक ने दवा कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब में दवा कंपनी ने यह स्वीकार किया कि दवा उनकी कंपनी द्वारा ही बनाई गई है।
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सिरप (सांकेतिक)
- फोटो : संवाद
विस्तार
मथुरा के बच्चों के पेट में होने वाले संक्रमण के उपचार के लिए प्रयोग में लाई जाने वाली दवा का नमूना जांच में फेल हो गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर औषधि निरीक्षक प्रेम पाठक ने हरिद्वार की दवा कंपनी के खिलाफ मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) कोर्ट में मुकदमा दायर किया है।
करीब छह माह पूर्व औषधि निरीक्षक ने शेरगढ़ स्थित बजरंग मेडिकल स्टोर से सेंट्रोफ्लोक्स एम संस्पेंशन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। यह दवा हरिद्वार की जेनेका हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाई गई थी। मेडिकल स्टोर संचालक ने दवा खरीद के पक्के बिल भी औषधि निरीक्षक को उपलब्ध कराए थे।
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करीब छह माह पूर्व औषधि निरीक्षक ने शेरगढ़ स्थित बजरंग मेडिकल स्टोर से सेंट्रोफ्लोक्स एम संस्पेंशन का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा था। यह दवा हरिद्वार की जेनेका हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा बनाई गई थी। मेडिकल स्टोर संचालक ने दवा खरीद के पक्के बिल भी औषधि निरीक्षक को उपलब्ध कराए थे।
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जांच रिपोर्ट आई तो पता चला कि दवा में ओफ्लोक्सासिन दवा तो निर्धारित मात्रा में उपलब्ध थी, लेकिन मेट्रिनिडाजोल दवा की मात्रा शून्य थी। जांच रिपोर्ट के आधार पर औषधि निरीक्षक ने दवा कंपनी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। जवाब में दवा कंपनी ने यह स्वीकार किया कि दवा उनकी कंपनी द्वारा ही बनाई गई है।
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हालांकि दवा में मेट्रिनिडाजोल की मात्रा शून्य होने की बात स्वीकार नहीं की। मामले में कार्रवाई करते हुए औषधि निरीक्षक ने दवा कंपनी के विरुद्ध सीजेएम न्यायालय मथुरा में मुकदमा दायर किया है। अब न्यायालय द्वारा ही दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुनाया जाएगा।
जांच रिपोर्ट को भी दवा कंपनी ने दी थी चुनौती
औषधि निरीक्षक द्वारा सेंट्रोफ्लोक्स एम सस्पेंशन की जांच में मेट्रिनिडाजोल की मात्रा शून्य मिलने पर कंपनी को नोटिस जारी किया गया था। जवाब ने कंपनी ने दवा को सही ठहराते हुए जांच रिपोर्ट को चुनौती दी थी। इसके बाद दोबारा से उसी दवा की जांच प्रयोगशाला से कराई गई। इस बार भी जांच में दवा फेल हो गई। इसके बाद ही दवा कंपनी के सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया।
औषधि निरीक्षक द्वारा सेंट्रोफ्लोक्स एम सस्पेंशन की जांच में मेट्रिनिडाजोल की मात्रा शून्य मिलने पर कंपनी को नोटिस जारी किया गया था। जवाब ने कंपनी ने दवा को सही ठहराते हुए जांच रिपोर्ट को चुनौती दी थी। इसके बाद दोबारा से उसी दवा की जांच प्रयोगशाला से कराई गई। इस बार भी जांच में दवा फेल हो गई। इसके बाद ही दवा कंपनी के सीजेएम न्यायालय में मुकदमा दायर किया गया।
औषधि निरीक्षक प्रेम पाठक ने बताया कि दवा का नमूना जांच में फेल हो गया था। कंपनी द्वारा जांच रिपोर्ट को चुनौती दी गई थी, जिसके बाद दोबारा जांच कराई गई। इस बार भी जांच रिपोर्ट में दवा फेल हो गया। दवा निर्माता कंपनी के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दायर किया गया है।
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