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Mathura News: बदलते मौसम ने बढ़ाई जोड़ों में दर्द के मरीजों की संख्या
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मथुरा। बदलते मौसम में लोगों को जोड़ों में दर्द की समस्या भी परेशान कर रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 200 से ज्यादा मरीज इसी तरह के आ रहे हैं। दोपहर दो बजे के बाद भी चिकित्सक के कक्ष के बाहर मरीजों की लाइन नजर आ रही है। इनमें भी कमर, घुटने और रीढ़ की हड्डी में दर्द के मरीजों की संख्या सर्वाधिक रहती है।
जिला अस्पताल के सीएमएस और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि बदलते मौसम में बुजुर्गों के जोड़ो में दर्द होना आम बात है। मौसम में नमी बढ़ने से हड्डियां और मांसपेशियां प्रभावित होती हैं। इसी कारण गठिया और आर्थराइटिस के मरीजों को अधिक परेशानी होती है। जोड़ों में दर्द के जिला अस्पताल में रोजाना 200 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। अस्पताल से उन्हें कैल्शियम बढ़ाने और दर्द निवारक दवा के साथ ही दर्द निवारक मरहम भी दी जाती है।
यह कहते हैं चिकित्सक
- जिस स्थान पर दर्द हैं उस स्थान की गर्म कपड़े से सिकाई करें।
- फिटकरी या सेंधा नमक डालकर गुनगुने पानी को धीरे-धीरे दर्द वाले स्थान पर डालें।
- फ्रिज का पानी, आइसक्रीम समेत ठंडी वस्तुओं से परहेज करें।
जोड़ो में चिकनाई (कार्टिलेज) कम होने के लक्षण
- जोड़ों में हल्का या तेज दर्द।
- जोड़ो में सूजन।
- सुबह के समय या लंबे समय तक बैठने बाद उठने पर दर्द होना।
- जोड़ों को पूरी तरह से सीधा करने या मोड़ने में परेशानी होना।
- चलते, खड़े होते समय या मुड़ते समय जोड़ों से चरमराहट या चटचट की आवाज आना।
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जिला अस्पताल के सीएमएस और हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. नीरज अग्रवाल ने बताया कि बदलते मौसम में बुजुर्गों के जोड़ो में दर्द होना आम बात है। मौसम में नमी बढ़ने से हड्डियां और मांसपेशियां प्रभावित होती हैं। इसी कारण गठिया और आर्थराइटिस के मरीजों को अधिक परेशानी होती है। जोड़ों में दर्द के जिला अस्पताल में रोजाना 200 से ज्यादा मरीज आ रहे हैं। अस्पताल से उन्हें कैल्शियम बढ़ाने और दर्द निवारक दवा के साथ ही दर्द निवारक मरहम भी दी जाती है।
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यह कहते हैं चिकित्सक
- जिस स्थान पर दर्द हैं उस स्थान की गर्म कपड़े से सिकाई करें।
- फिटकरी या सेंधा नमक डालकर गुनगुने पानी को धीरे-धीरे दर्द वाले स्थान पर डालें।
- फ्रिज का पानी, आइसक्रीम समेत ठंडी वस्तुओं से परहेज करें।
जोड़ो में चिकनाई (कार्टिलेज) कम होने के लक्षण
- जोड़ों में हल्का या तेज दर्द।
- जोड़ो में सूजन।
- सुबह के समय या लंबे समय तक बैठने बाद उठने पर दर्द होना।
- जोड़ों को पूरी तरह से सीधा करने या मोड़ने में परेशानी होना।
- चलते, खड़े होते समय या मुड़ते समय जोड़ों से चरमराहट या चटचट की आवाज आना।