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आए भरत संग सब लोगा..
ब्यूरो, अमर उजाला मथ्ाुरा/कोसीकलां
Updated Sat, 24 Oct 2015 08:37 PM IST
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ब्रजमंडल के ऐतिहासिक भरत मिलाप मेले में शनिवार को विहंगम दृश्य था। भगवान राम के स्वागत के लिए भरत सभी लोगों के साथ आए। श्रीरघुवीर के वियोग से अवध में सब दुबले हो रहे थे। प्रभु ने वामदेव, वशिष्ठ आदि मुनि श्रेष्ठों को देखकर धनुष-बाण पृथ्वी पर रख दिए और उनसे आशीर्वाद लिया। मेले जब भरत-शत्रुघ्न के स्वरूप श्रद्धालुओं के कंधों पर होते हुए अयोध्या के द्वार पर श्रीराम से मिले तो पूरा मेला क्षेत्र राजा रामचंद्र की जय से गुंजायमान हो उठा। शोभायात्रा में देर रात तक झांकियां निकलती रहीं।
चारों भाईयों का मिलन और माता जानकी के चरणों में भरत जी का शीश झुकाना श्रद्धालुओं को इतना भाया कि बार-बार राजा रामचंद्र की जय होने लगी। मिलन के साथ ही अयोध्या आगमन पर भगवान राम की आरती उतारी गई। जिसने राम के आने की खबर सुनी, वही अयोध्या के प्रवेश द्वार की ओर दौड़ पड़ा। दूसरी ओर भरत को राम के आने की खबर देकर हनुमान वापस श्रीराम के पास चले आते हैं।
इधर चित्रकूट के प्रतीक ग्यालाल स्मृति भवन से पुष्पक विमान रूपी रथ पर शाम सात बजे श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण की सवारी हनुमान सहित निकाली गई। इससे पूर्व राम दरबार की आरती हुई। श्रीराम की सवारी को भरत मिलाप चौक पहुंचने में लगभग ढाई घंटे से अधिक का समय लगा। रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा और आरती हुई। पूरे नगर को इस मौके पर दुल्हन की तरह सजाया गया थाद्घ रोशनी और तोरण द्वारा बने थे।
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रात्रि में श्रीराम की सवारी जब भरत मिलाप चौक में पहुंची तो श्रद्धालुओं की अपार भीड़ से वातावरण राममय हो चुका था। श्रीराम के पास भरत-शत्रुघ्न के जाने के लिए श्रद्धालुओं ने अपने कंधों से मानव सड़क का निर्माण कर दिया। इस मानवी सड़क से भरत और शत्रुघ्न अयोध्या के द्वार तक पहुंचे और वहां पहुंचकर भैया राम से गले मिले। चारों भाईयों के गले मिलते ही ब्रज मंडल का अलौकिक भरत मिलाप संपन्न हो गया।
शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत
भरतमिलाप मेले के दौरान निकाली गई पुष्पक विमान की झांकी का अग्रसेन मार्ग, बस स्टैंड, अंबेडकर पार्क, पालिका मार्केट, शेरगढ़ तिराहा, घंटाघर, पंजाबी बाजार, सुभाष बाजार, लाठी बाजार पर आरती उतारी गई और स्वागत किया गया। शोभायात्रा के साथ संस्थान के मेला आचार्य नन्नूमल शास्त्री, सत्यनारायण शर्मा, संयोजक अजय गोयंका, अशीष ठाकुर, पालिकाध्यक्ष भगवत रुहेला, जितेंद्र अग्रवाल, प्रेमचंद जैन आदि जय-जयकार करते चल रहे थे।
सीसीटीवी की जद में रहा मेला
भरत मिलाप मेले पर किसी भी अप्रिय घटना और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने नगर के प्रमुख स्थानों पर छह सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। जिनका कंट्रोल रूम थाने मेें रहा। इसके अलावा मोबाइल टीम तैनात रही। पुलिस ने नगर के सभी प्रवेश द्वारों पर शाम पांच बजे से प्रत्येक व्यक्ति की चेकिंग की।
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चारों भाईयों का मिलन और माता जानकी के चरणों में भरत जी का शीश झुकाना श्रद्धालुओं को इतना भाया कि बार-बार राजा रामचंद्र की जय होने लगी। मिलन के साथ ही अयोध्या आगमन पर भगवान राम की आरती उतारी गई। जिसने राम के आने की खबर सुनी, वही अयोध्या के प्रवेश द्वार की ओर दौड़ पड़ा। दूसरी ओर भरत को राम के आने की खबर देकर हनुमान वापस श्रीराम के पास चले आते हैं।
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इधर चित्रकूट के प्रतीक ग्यालाल स्मृति भवन से पुष्पक विमान रूपी रथ पर शाम सात बजे श्रीराम, जानकी और लक्ष्मण की सवारी हनुमान सहित निकाली गई। इससे पूर्व राम दरबार की आरती हुई। श्रीराम की सवारी को भरत मिलाप चौक पहुंचने में लगभग ढाई घंटे से अधिक का समय लगा। रास्ते में जगह-जगह पुष्प वर्षा और आरती हुई। पूरे नगर को इस मौके पर दुल्हन की तरह सजाया गया थाद्घ रोशनी और तोरण द्वारा बने थे।
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रात्रि में श्रीराम की सवारी जब भरत मिलाप चौक में पहुंची तो श्रद्धालुओं की अपार भीड़ से वातावरण राममय हो चुका था। श्रीराम के पास भरत-शत्रुघ्न के जाने के लिए श्रद्धालुओं ने अपने कंधों से मानव सड़क का निर्माण कर दिया। इस मानवी सड़क से भरत और शत्रुघ्न अयोध्या के द्वार तक पहुंचे और वहां पहुंचकर भैया राम से गले मिले। चारों भाईयों के गले मिलते ही ब्रज मंडल का अलौकिक भरत मिलाप संपन्न हो गया।
शोभायात्रा का जगह-जगह स्वागत
भरतमिलाप मेले के दौरान निकाली गई पुष्पक विमान की झांकी का अग्रसेन मार्ग, बस स्टैंड, अंबेडकर पार्क, पालिका मार्केट, शेरगढ़ तिराहा, घंटाघर, पंजाबी बाजार, सुभाष बाजार, लाठी बाजार पर आरती उतारी गई और स्वागत किया गया। शोभायात्रा के साथ संस्थान के मेला आचार्य नन्नूमल शास्त्री, सत्यनारायण शर्मा, संयोजक अजय गोयंका, अशीष ठाकुर, पालिकाध्यक्ष भगवत रुहेला, जितेंद्र अग्रवाल, प्रेमचंद जैन आदि जय-जयकार करते चल रहे थे।
सीसीटीवी की जद में रहा मेला
भरत मिलाप मेले पर किसी भी अप्रिय घटना और संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखने के लिए पुलिस-प्रशासन ने नगर के प्रमुख स्थानों पर छह सीसीटीवी कैमरे लगाए थे। जिनका कंट्रोल रूम थाने मेें रहा। इसके अलावा मोबाइल टीम तैनात रही। पुलिस ने नगर के सभी प्रवेश द्वारों पर शाम पांच बजे से प्रत्येक व्यक्ति की चेकिंग की।