{"_id":"67c20ead24fa2a15300ea79f","slug":"beeme-kee-pooree-dhanaraashi-na-dena-kampanee-ko-pada-mahanga-mathura-news-c-369-1-mt11002-125897-2025-03-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mathura News: बीमे की पूरी धनराशि न देना कंपनी को पड़ा महंगा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mathura News: बीमे की पूरी धनराशि न देना कंपनी को पड़ा महंगा
विज्ञापन
मथुरा। टेंपो में आग लगने और चालक के घायल होने का बीमा कंपनी ने पूरा क्लेम नहीं दिया। इस पर टेंपो मालिक ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग की शरण ली। आयोग ने बीमा कंपनी को 1.80 लाख रुपये देने का आदेश सुनाया है।
बरसाना के गांव लधौली निवासी रमेश चंद ने बताया कि 27 फरवरी 2019 को चालक रामवीर सिंह आरओ का पानी देकर गांव लौट रहा था। तभी अचानक टेंपो में आग लग गई। आग लगने के कारण चालक ने अचानक ब्रेक लगाए तो चालक का सिर खिड़की के ऊपर लगे हैंडल से टकरा गया, सिर व दाहिनी आंख में गंभीर चोट आई। उन्हें सूचना मिली तो वह तत्काल मौके पर पहुंचे और चालक को अस्पताल में भर्ती कराया। लाभ न होने पर एम्स में नेत्र विशेषज्ञ से आंख का परीक्षण कराया।
उन्होंने बताया कि चोट लगने के कारण आंख पूरी तरह से खराब हो गई और उपचार नहीं हो सकता। उन्होंने टेंपो का सौंख रोड स्थित न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 13 मार्च 2018 से 12 मार्च 2019 तक के लिए बीमा कराया था। बीमा दावा के लिए उन्होंने सीएमओ मथुरा कार्यालय से अपंगता का प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। इसके बाद उन्होंने बीमा का क्लेम किया। उन्होंने बताया कि बीमा कंपनी से 40 प्रतिशत एक लाख रुपये का भुगतान किया। उसने इसके लिए पुनः बीमा कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर 23 मई 2022 को उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के यहां वाद दायर कर दिया।
विज्ञापन
आयोग के अध्यक्ष नवनीत सहगल और मनीष परमार ने वाद की सुनवाई की। बेंच ने माना की पीड़ित के साथ अन्याय हुआ है और बीमा कंपनी ने शर्तों का उल्लंघन कर सेवा में कमी की है। इसलिए बीमा कंपनी को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत बकाया 1.50 लाख रुपये 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित का आर्थिक, मानसिक व वाद व्यय समेत अन्य क्षतियों के लिए एकमुश्त 30 हजार रुपये देने के आदेश दिए।
विज्ञापन
बरसाना के गांव लधौली निवासी रमेश चंद ने बताया कि 27 फरवरी 2019 को चालक रामवीर सिंह आरओ का पानी देकर गांव लौट रहा था। तभी अचानक टेंपो में आग लग गई। आग लगने के कारण चालक ने अचानक ब्रेक लगाए तो चालक का सिर खिड़की के ऊपर लगे हैंडल से टकरा गया, सिर व दाहिनी आंख में गंभीर चोट आई। उन्हें सूचना मिली तो वह तत्काल मौके पर पहुंचे और चालक को अस्पताल में भर्ती कराया। लाभ न होने पर एम्स में नेत्र विशेषज्ञ से आंख का परीक्षण कराया।
विज्ञापन
उन्होंने बताया कि चोट लगने के कारण आंख पूरी तरह से खराब हो गई और उपचार नहीं हो सकता। उन्होंने टेंपो का सौंख रोड स्थित न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से 13 मार्च 2018 से 12 मार्च 2019 तक के लिए बीमा कराया था। बीमा दावा के लिए उन्होंने सीएमओ मथुरा कार्यालय से अपंगता का प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। इसके बाद उन्होंने बीमा का क्लेम किया। उन्होंने बताया कि बीमा कंपनी से 40 प्रतिशत एक लाख रुपये का भुगतान किया। उसने इसके लिए पुनः बीमा कंपनी के अधिकारियों से संपर्क किया, लेकिन उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इस पर 23 मई 2022 को उन्होंने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के यहां वाद दायर कर दिया।
विज्ञापन
आयोग के अध्यक्ष नवनीत सहगल और मनीष परमार ने वाद की सुनवाई की। बेंच ने माना की पीड़ित के साथ अन्याय हुआ है और बीमा कंपनी ने शर्तों का उल्लंघन कर सेवा में कमी की है। इसलिए बीमा कंपनी को व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा योजना के तहत बकाया 1.50 लाख रुपये 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ देने के निर्देश दिए। साथ ही पीड़ित का आर्थिक, मानसिक व वाद व्यय समेत अन्य क्षतियों के लिए एकमुश्त 30 हजार रुपये देने के आदेश दिए।