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बीयरर चेक से भुगतान पर स्पष्टीकरण तलब
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
Updated Sat, 17 Jan 2015 12:09 AM IST
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित जननी सुरक्षा योजना में नियमों को ताक पर रखकर लाभार्थियों को नगद भुगतान (बीयरर चेक) के मामले में स्वास्थ्य विभाग की नींद टूटी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर निदेशक स्वास्थ्य ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से स्पष्टीकरण मांगा है।
708 लाभार्थियों को बीयरर चेक जारी किए गए। ‘अमर उजाला’ ने 13 जनवरी के संस्करण में शीर्षक ‘एनआरएचएम में 9.91 लाख का गोलमाल’ से प्रकाशित खबर में इसका खुलासा किया था। पूरे मामले में अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. सत्यमित्र ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में पूछा गया है कि आखिर शासन के आदेशों के विपरीत लाभार्थियों को भुगतान कैसे किया गया और इसका दोषी कौन है।
गड़बड़ी वाले केंद्र प्रभारियों के बेतुके बोल
नौहझील में 449 लाभार्थियों को नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किया गया। प्रभारी का जवाब भी गैर जिम्मेदाराना रहा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. सचिन राइया ने कहा कि सीएमओ ने स्पष्टीकरण मांगा है लेकिन ये बातें गोपनीय होती हैं। आखिर धनराशि तो लाभार्थियों को ही मिली है।
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चौमुंहा में 137 लाभार्थियों को बीयरर चेक से भुगतान पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. अरविंद का कहना है कि हम बैंकों से जानकारी जुटा रहे हैं। किन-किन लाभार्थियों को ऐसे चेक जारी किए गए हैं। इसके बाद संपूर्ण रिपोर्ट सौंपेंगे। ये चेक किसने जारी किए इस सवाल पर प्रभारी खामोश हैं।
मांट प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. प्रवीन भारती ने बताया कि सभी 86 केस उनके कार्यकाल के नहीं हैं। उन्होंने तो केवल दो लाभार्थियों को नकद भुगतान किया जो बेहद गरीब थे। बाकी नगद भुगतान का मामला उनसे पहले का है।
एनआरएचएम में स्पष्ट निर्देश हैं कि भुगतान लाभार्थी को एकाउंट पे चेक से दिया जाए। इसके बाद भी बीयरर चेक से भुगतान गंभीर मामला है। हमने स्पष्टीकरण मांगा है।
-डा. सत्यमित्र, अपर निदेशक आगरा
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708 लाभार्थियों को बीयरर चेक जारी किए गए। ‘अमर उजाला’ ने 13 जनवरी के संस्करण में शीर्षक ‘एनआरएचएम में 9.91 लाख का गोलमाल’ से प्रकाशित खबर में इसका खुलासा किया था। पूरे मामले में अपर निदेशक स्वास्थ्य डा. सत्यमित्र ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से स्पष्टीकरण मांगा है। पत्र में पूछा गया है कि आखिर शासन के आदेशों के विपरीत लाभार्थियों को भुगतान कैसे किया गया और इसका दोषी कौन है।
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गड़बड़ी वाले केंद्र प्रभारियों के बेतुके बोल
नौहझील में 449 लाभार्थियों को नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किया गया। प्रभारी का जवाब भी गैर जिम्मेदाराना रहा। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. सचिन राइया ने कहा कि सीएमओ ने स्पष्टीकरण मांगा है लेकिन ये बातें गोपनीय होती हैं। आखिर धनराशि तो लाभार्थियों को ही मिली है।
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चौमुंहा में 137 लाभार्थियों को बीयरर चेक से भुगतान पर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. अरविंद का कहना है कि हम बैंकों से जानकारी जुटा रहे हैं। किन-किन लाभार्थियों को ऐसे चेक जारी किए गए हैं। इसके बाद संपूर्ण रिपोर्ट सौंपेंगे। ये चेक किसने जारी किए इस सवाल पर प्रभारी खामोश हैं।
मांट प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डा. प्रवीन भारती ने बताया कि सभी 86 केस उनके कार्यकाल के नहीं हैं। उन्होंने तो केवल दो लाभार्थियों को नकद भुगतान किया जो बेहद गरीब थे। बाकी नगद भुगतान का मामला उनसे पहले का है।
एनआरएचएम में स्पष्ट निर्देश हैं कि भुगतान लाभार्थी को एकाउंट पे चेक से दिया जाए। इसके बाद भी बीयरर चेक से भुगतान गंभीर मामला है। हमने स्पष्टीकरण मांगा है।
-डा. सत्यमित्र, अपर निदेशक आगरा