फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mathura News ›   appose of madhumangan shukla in vrindavan

मधुमंगल शुक्ला के महंत लिखने पर संतों की आपत्ति

Fri, 03 Mar 2017 12:15 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा
ब्यूरो, अमर उजाला मथुरा Updated Fri, 03 Mar 2017 12:15 AM IST
विज्ञापन
appose of madhumangan shukla in vrindavan
चतुः संप्रदाय संतों की बैठक
चतु: संप्रदाय विरक्त वैष्णव परिषद की बैठक में मधुमंगल शुक्ला के स्वयं को महंत घोषित करने पर निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।  चैतन्य कुटी पर गुरुवार को महंत तुलसीदासाचार्य विष्णुदेवाचार्य महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में महंत फूलडोल बिहारी दास महाराज और महंत रामस्वरूप ब्रह्मचारी ने बताया कि विरक्त संत या महंत बनने पर ही आम व्यक्ति अपने नाम के साथ दास या शरण लिख सकता है लेकिन मधुमंगल शुक्ला ने सारी धार्मिक मर्यादा लांघकर अपना नाम महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ल रखा है जो कि सर्वथा अनुचित है। उन्हाेंने कहा कि मधुमंगल शुक्ला ने महंत बनने के लिए किसी अखाडे़ से मान्यता या अधिकार प्राप्त नहीं किया है। 
विज्ञापन


श्रीपंच झाड़िया निर्मोही अखाड़ा के महंत सुंदरदास और श्रीपंच राधाबल्लभिया निर्मोही अखाड़ा के महंत लाड़ली शरण दास ने कहा कि संत समाज के सभी अखाड़े और चार संप्रदाय मिलकर ही योग्य व्यक्ति को महंताई की चादर ओढ़ाते है लेकिन मधुमंगल शुक्ला को किसी भी संत या संप्रदाय ने महंताई नहीं दी। 
विज्ञापन


श्रीहरि व्यासी महानिर्माणी निर्मोही अखाड़ा के महंत गोपी कृष्णदास और अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष मंहत हरिशंकर दास नागा ने कहा कि संत समाज की ओर से इस मामले में जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बैठक में आचार्य रामनिहोर त्रिपाठी, आचार्य बद्रीश, महंत रामदास, महंत सुखदेव दास, महंत विष्णुदास, महंत लक्ष्मणदास, महंत मोहिनीशरण दास, गोपेश गोस्वामी आदि उपस्थित रहे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed