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Mathura News: एएमयू की रिपोर्ट में आजाद मार्केट कंडम, मरम्मत का इंतजार
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मथुरा। डीगगेट के निकट स्थित आजाद मार्केट को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) की टेक्निकल टीम ने कंडम घोषित कर दिया है। 24 जुलाई को टीम ने मार्केट का सर्वे कर भवन के ढांचे की बारीकियों को परखा था और नमूने लेकर स्ट्रक्चर की खामियों को रिपोर्ट में दर्ज किया था। बीते दिनों से टीम ने अपनी रिपोर्ट नगर निगम को सौंप दी है। रिपोर्ट पटल पर पहुंचने के बाद नवनिर्माण व मरम्मत कार्य की दिशा तय की जाएगी।
क्षेत्रीय पार्षद मुन्ना मलिक काफी समय से डीग गेट स्थित जर्जर आजाद मार्केट के निर्माण की मांग उठा रहे हैं। बोर्ड बैठक में भी उन्होंने मार्केट के नवनिर्माण का मुद्दा उठाया। पार्षद की मांग के बाद भवन के स्ट्रक्चर की जांच के लिए नगर निगम ने एएमयू को पत्र भेजा। 24 जुलाई को प्रोफेसर अमजद मसूद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम मथुरा आई और आजाद मार्केट भवन की जांच की। टीम ने भवन के नमूने भी लिए और स्ट्रक्चर की बारीकियों को रिपोर्ट में दर्ज किया। वर्ष 2005 में निर्माण के बाद से तत्कालीन नगर पालिका व नगर निगम ने मार्केट की मरम्मत नहीं कराई गई। प्रथम तल पर जाने वाले दोनों सीढि़यां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कई दुकानों की छतों के लिंटर और प्लास्टर गिर चुके हैं। मार्केट में सड़कें व खरंजा उखड़ चुके हैं। यहीं नहीं बारिश में नालियां चोक होने से जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। इसके बावजूद आजाद मार्केट में प्रतिदिन सैकड़ों व्यापारियों और ग्राहकों की आवाजाही रहती है। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया है कि मार्केट के भवन की जांच रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों समक्ष रखा जाएगा और आगे की दिशा तय की जाएगी।
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साल 2005 में हुआ था निर्माण
आजाद मार्केट का निर्माण वर्ष 2005 में हुआ था। उस समय मथुरा में नगर पालिका परिषद अस्तित्व में थी। तत्कालीन नगर पालिका ने दुकानों को लीज पर दिया था। मार्केट के भूतल और प्रथम तल को मिलाकर कुल 144 दुकानें हैं। इन दुकानों में थोक, डॉक्टर और अधिवक्ताओं के कार्यालय, गिलेट की पायजेब, भगवान की पोशाक, मूर्तियां और तस्वीरें आदि का कारोबार होता है।
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भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हमने नगर आयुक्त से मांग की थी कि एएमयू की टेक्निकल टीम से जांच कराई जाए और एएमयू की रिपोर्ट के आधार पर इस मार्केट का नवनिर्माण कराया जाए। ताकि व्यापारियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
मुन्ना मलिक, पार्षद वार्ड-31
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क्षेत्रीय पार्षद मुन्ना मलिक काफी समय से डीग गेट स्थित जर्जर आजाद मार्केट के निर्माण की मांग उठा रहे हैं। बोर्ड बैठक में भी उन्होंने मार्केट के नवनिर्माण का मुद्दा उठाया। पार्षद की मांग के बाद भवन के स्ट्रक्चर की जांच के लिए नगर निगम ने एएमयू को पत्र भेजा। 24 जुलाई को प्रोफेसर अमजद मसूद के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम मथुरा आई और आजाद मार्केट भवन की जांच की। टीम ने भवन के नमूने भी लिए और स्ट्रक्चर की बारीकियों को रिपोर्ट में दर्ज किया। वर्ष 2005 में निर्माण के बाद से तत्कालीन नगर पालिका व नगर निगम ने मार्केट की मरम्मत नहीं कराई गई। प्रथम तल पर जाने वाले दोनों सीढि़यां बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। कई दुकानों की छतों के लिंटर और प्लास्टर गिर चुके हैं। मार्केट में सड़कें व खरंजा उखड़ चुके हैं। यहीं नहीं बारिश में नालियां चोक होने से जलभराव की समस्या पैदा हो जाती है। इसके बावजूद आजाद मार्केट में प्रतिदिन सैकड़ों व्यापारियों और ग्राहकों की आवाजाही रहती है। नगर निगम के मुख्य अभियंता संजय चौहान ने बताया है कि मार्केट के भवन की जांच रिपोर्ट आ गई है। रिपोर्ट को उच्च अधिकारियों समक्ष रखा जाएगा और आगे की दिशा तय की जाएगी।
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साल 2005 में हुआ था निर्माण
आजाद मार्केट का निर्माण वर्ष 2005 में हुआ था। उस समय मथुरा में नगर पालिका परिषद अस्तित्व में थी। तत्कालीन नगर पालिका ने दुकानों को लीज पर दिया था। मार्केट के भूतल और प्रथम तल को मिलाकर कुल 144 दुकानें हैं। इन दुकानों में थोक, डॉक्टर और अधिवक्ताओं के कार्यालय, गिलेट की पायजेब, भगवान की पोशाक, मूर्तियां और तस्वीरें आदि का कारोबार होता है।
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भवन पूरी तरह जर्जर हो चुका है और कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हमने नगर आयुक्त से मांग की थी कि एएमयू की टेक्निकल टीम से जांच कराई जाए और एएमयू की रिपोर्ट के आधार पर इस मार्केट का नवनिर्माण कराया जाए। ताकि व्यापारियों को सुरक्षित माहौल मिल सके।
मुन्ना मलिक, पार्षद वार्ड-31