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यमुना भक्त फिर छेड़ेंगे आंदोलन
अमर उजाला मथुरा
Updated Wed, 19 Oct 2016 11:59 PM IST
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गोकुल में आयोजित सम्मेलन
- फोटो : अमर उजाला
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यमुना को शुद्ध और स्वच्छ बनाने के लिए एक बार फिर आंदोलन होने जा रहा है। साधु-संत और यमुना मुक्तिकरण अभियान की कोर कमेटी के साथ बल्लभकुल के आचार्यों ने ऐलान किया है कि इस बार आरपार की लड़ाई होगी। निशाने पर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ही है।
यमुना शुद्धीकरण के लिए होने वाले आगामी आंदोलन को धार देने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र सहित देश भर के यमुना भक्तों के बीच संपर्क शुरू हो गया है। ब्रज 84 कोस यात्राओं के माध्यम से यमुना को शुद्ध करने के लिए गांव-गांव तक संपर्क कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है ।
इसी कड़ी में गोकुल में बल्लभकुल की यात्रा के पड़ाव स्थल पर यमुना मुक्तिकरण अभियान के बैनर तले सम्मेलन हुआ। इसकी अध्यक्षता पुष्टि मार्ग के आचार्य पंकज बाबा महाराज ने की। पंकज बाबा ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार यह आंदोलन 17 दिसंबर से शुरू होगा और अनिश्चितकालीन होगा।
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नरेंद्र मोदी ने गंगा की कसम खाकर लोकसभा चुनाव भले ही जीत लिया हो लेकिन यमुना भक्तों की यह चेतावनी यूपी विधान सभा की वैतरणी पार करने में भाजपा की मुश्किल जरूर खड़ी कर देगी। इस बार का निर्णायक आंदोलन ब्रज की पावन धरा पर ही होगा। अब यमुना भक्त दिल्ली नहीं जाएंगे। दिल्ली वालों को यहां आना होगा।
बल्लभकुल की 84 कोसीय ब्रजयात्रा के संचालक आचार्य द्वारकेश लाल महाराज ने कहा यमुना जी के लिये पुष्टि मार्ग के लाखों वैष्णव आंदोलन के लिए तैयार हैं। यमुना मुक्तिकरण आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक राधाकांत शास्त्री ने बताया कि करीब दो लाख से अधिक यमुना भक्त इस बार आरपार के आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।
गोकुल के इस सम्मेलन में करीब 10 हजार यमुना भक्तों ने यमुना शुद्धि का संकल्प लिया है। इस दौरान मुंबई से आए वैष्णव और कोर कमेटी के सदस्य हरीश भाई, अभियान के तकनीकी सलाहकार राधाप्रिय, अभियान की कोर कमेटी के सदस्य सुनील सिंह, हरेश ठेनुआ, श्याम चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी के अलावा मान मंदिर की साध्वी मुरलिका शर्मा, मुंबई के मनु भाई, रजनी भाई ठक्कर, महेश भाई प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
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यमुना शुद्धीकरण के लिए होने वाले आगामी आंदोलन को धार देने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र सहित देश भर के यमुना भक्तों के बीच संपर्क शुरू हो गया है। ब्रज 84 कोस यात्राओं के माध्यम से यमुना को शुद्ध करने के लिए गांव-गांव तक संपर्क कर लोगों को जागरूक किया जा रहा है ।
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इसी कड़ी में गोकुल में बल्लभकुल की यात्रा के पड़ाव स्थल पर यमुना मुक्तिकरण अभियान के बैनर तले सम्मेलन हुआ। इसकी अध्यक्षता पुष्टि मार्ग के आचार्य पंकज बाबा महाराज ने की। पंकज बाबा ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस बार यह आंदोलन 17 दिसंबर से शुरू होगा और अनिश्चितकालीन होगा।
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नरेंद्र मोदी ने गंगा की कसम खाकर लोकसभा चुनाव भले ही जीत लिया हो लेकिन यमुना भक्तों की यह चेतावनी यूपी विधान सभा की वैतरणी पार करने में भाजपा की मुश्किल जरूर खड़ी कर देगी। इस बार का निर्णायक आंदोलन ब्रज की पावन धरा पर ही होगा। अब यमुना भक्त दिल्ली नहीं जाएंगे। दिल्ली वालों को यहां आना होगा।
बल्लभकुल की 84 कोसीय ब्रजयात्रा के संचालक आचार्य द्वारकेश लाल महाराज ने कहा यमुना जी के लिये पुष्टि मार्ग के लाखों वैष्णव आंदोलन के लिए तैयार हैं। यमुना मुक्तिकरण आंदोलन के राष्ट्रीय संयोजक राधाकांत शास्त्री ने बताया कि करीब दो लाख से अधिक यमुना भक्त इस बार आरपार के आंदोलन का हिस्सा बनेंगे।
गोकुल के इस सम्मेलन में करीब 10 हजार यमुना भक्तों ने यमुना शुद्धि का संकल्प लिया है। इस दौरान मुंबई से आए वैष्णव और कोर कमेटी के सदस्य हरीश भाई, अभियान के तकनीकी सलाहकार राधाप्रिय, अभियान की कोर कमेटी के सदस्य सुनील सिंह, हरेश ठेनुआ, श्याम चतुर्वेदी, पंकज चतुर्वेदी के अलावा मान मंदिर की साध्वी मुरलिका शर्मा, मुंबई के मनु भाई, रजनी भाई ठक्कर, महेश भाई प्रमुख रूप से मौजूद रहे।