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गोहत्या प्रतिबंध को सख्त कदम उठाए केंद्र
Mathura
Updated Tue, 30 Jul 2013 05:33 AM IST
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वृंदावन। अखिल भारतीय संत महासभा की सोमवार को ठा. राधासनेह बिहारी मंदिर में बैठक हुई। इसमें संतों की सुरक्षा, धर्मरक्षा, राष्ट्रहित में गंगा यमुना को प्रदूषणमुक्त कराना एवं गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने जैसे मुद्दों पर चिंतन किया गया। संतों ने एक सुर में केंद्र सरकार से गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने को सख्त कदम उठाने की मांग की।
बैठक में संत महासभा के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष स्वामी सत्यवृतानंद सरस्वती और महामंडलेश्वर योगी नवल गिरी ने कहा कि गंगा और यमुना को बचाने के लिए कानून बनाने की जरूरत है। वहीं गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, रमेशचंद्र विधि शास्त्री ने केंद्र सरकार से उत्तराखंड आपदा के पीड़ितों को जो राहत सामग्री भेजी जा रही है, उसे पीड़ितों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की।
आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि संतों की प्रेरणा और संत सभा ही न्यायालय में राम मंदिर मुद्दे में पार्टी है। मंदिर निर्माण की पहल और उसका श्रेय पाने का अधिकार भी संतों को है, न कि किसी राजनैतिक पार्टी को। इस अवसर पर बाबा देवदत्त महाराज, अतुल कृष्ण गोस्वामी, स्वामी आदित्यानंद महाराज, युगल किशोर कटारे, भूदेव कौशिक, बिंदू गोस्वामी, अशोक गोस्वामी, वीरेंद्र शर्मा, बालकृष्ण गौतम आदि लोग उपस्थित थे।
बैठक में संत महासभा के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष स्वामी सत्यवृतानंद सरस्वती और महामंडलेश्वर योगी नवल गिरी ने कहा कि गंगा और यमुना को बचाने के लिए कानून बनाने की जरूरत है। वहीं गोहत्या पर प्रतिबंध लगाने के लिए केंद्र सरकार को सख्त कदम उठाने होंगे। पंडित बिहारीलाल वशिष्ठ, रमेशचंद्र विधि शास्त्री ने केंद्र सरकार से उत्तराखंड आपदा के पीड़ितों को जो राहत सामग्री भेजी जा रही है, उसे पीड़ितों तक पहुंचाने की व्यवस्था करने की मांग की।
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आचार्य अतुल कृष्ण गोस्वामी ने कहा कि संतों की प्रेरणा और संत सभा ही न्यायालय में राम मंदिर मुद्दे में पार्टी है। मंदिर निर्माण की पहल और उसका श्रेय पाने का अधिकार भी संतों को है, न कि किसी राजनैतिक पार्टी को। इस अवसर पर बाबा देवदत्त महाराज, अतुल कृष्ण गोस्वामी, स्वामी आदित्यानंद महाराज, युगल किशोर कटारे, भूदेव कौशिक, बिंदू गोस्वामी, अशोक गोस्वामी, वीरेंद्र शर्मा, बालकृष्ण गौतम आदि लोग उपस्थित थे।
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