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Mathura News: आलू के खेत में मिला 10 फुट लंबा अजगर, किया रेस्क्यू
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मथुरा। वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने शनिवार को कुरकंदा गांव स्थित एक आलू के खेत से 10 फुट लंबे अजगर का रेस्क्यू किया। इसके अलावा टीम ने अलग-अलग जगहों पर दो और रेस्क्यू किए।
मथुरा के कुरकंदा में एक 10 फीट लंबा भारतीय रॉक पाइथन (अजगर) आलू के खेत में आराम करता मिला। किसानों ने तत्काल वाइल्डलाइफ एसओएस को इसकी जानकारी दी। आवश्यक उपकरणों से लैस होकर टीम मौके पर पहुंची और अजगर को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर जंगल में वापस छोड़ा। वाइल्डलाइफ एसओएस के मीडिया अधिकारी श्रेष्ठ पचौरी ने बताया कि धाना तेजा में एक बिटुमेन ड्रम फिलिंग परिसर की दीवार के पास एक 7 फुट लंबा अजगर देखा गया। उसके बाद मथुरा के परखम गांव से धान के खेत में एक और अजगर के देखे जाने की सूचना मिली। इन सभी मामलों में वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने उनका रेस्क्यू किया।
सबसे चुनौतीपूर्ण बचाव आगरा के किरौली में हुआ, जहां एक 13 फुट लंबा भारतीय रॉक अजगर एक गहरे कुएं में पाया गया। स्थानीय किसानों और वन अधिकारियों ने अजगर के दिखने की सूचना वाइल्डलाइफ एसओएस को दी। बचाव कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची, जहां उन्होंने अजगर को कुएं से रेस्क्यू करने का चुनौतीपूर्ण कार्य किया। टीम ने एक अनूठा तरीका अपनाते हुए कुएं में एक जूट बैग डाला। बचावकर्ताओं में से एक ने धीरे-धीरे अजगर को बैग की ओर मोड़ते हुए उसे सुरक्षित बैग के अंदर पहुंचाया। बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया।
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वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि अजगरों की यह बढ़ी हुई उपस्थिति मौसम में बदलाव और फसल कटाई की गतिविधियों का स्वाभाविक परिणाम है, जिसके कारण अजगर सुरक्षित आराम की जगह की तलाश में आते हैं। डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एमवी ने बताया कि प्रत्येक रेस्क्यू के साथ लोगों और उनके आस-पास के वन्यजीवों के बीच टीम संवाद को मजबूत करती है।
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मथुरा के कुरकंदा में एक 10 फीट लंबा भारतीय रॉक पाइथन (अजगर) आलू के खेत में आराम करता मिला। किसानों ने तत्काल वाइल्डलाइफ एसओएस को इसकी जानकारी दी। आवश्यक उपकरणों से लैस होकर टीम मौके पर पहुंची और अजगर को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू कर जंगल में वापस छोड़ा। वाइल्डलाइफ एसओएस के मीडिया अधिकारी श्रेष्ठ पचौरी ने बताया कि धाना तेजा में एक बिटुमेन ड्रम फिलिंग परिसर की दीवार के पास एक 7 फुट लंबा अजगर देखा गया। उसके बाद मथुरा के परखम गांव से धान के खेत में एक और अजगर के देखे जाने की सूचना मिली। इन सभी मामलों में वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने उनका रेस्क्यू किया।
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सबसे चुनौतीपूर्ण बचाव आगरा के किरौली में हुआ, जहां एक 13 फुट लंबा भारतीय रॉक अजगर एक गहरे कुएं में पाया गया। स्थानीय किसानों और वन अधिकारियों ने अजगर के दिखने की सूचना वाइल्डलाइफ एसओएस को दी। बचाव कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची, जहां उन्होंने अजगर को कुएं से रेस्क्यू करने का चुनौतीपूर्ण कार्य किया। टीम ने एक अनूठा तरीका अपनाते हुए कुएं में एक जूट बैग डाला। बचावकर्ताओं में से एक ने धीरे-धीरे अजगर को बैग की ओर मोड़ते हुए उसे सुरक्षित बैग के अंदर पहुंचाया। बाद में उसे जंगल में छोड़ दिया।
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वाइल्डलाइफ एसओएस के सह-संस्थापक और सीईओ कार्तिक सत्यनारायण ने कहा कि अजगरों की यह बढ़ी हुई उपस्थिति मौसम में बदलाव और फसल कटाई की गतिविधियों का स्वाभाविक परिणाम है, जिसके कारण अजगर सुरक्षित आराम की जगह की तलाश में आते हैं। डायरेक्टर कंजरवेशन प्रोजेक्ट्स बैजूराज एमवी ने बताया कि प्रत्येक रेस्क्यू के साथ लोगों और उनके आस-पास के वन्यजीवों के बीच टीम संवाद को मजबूत करती है।