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सड़ा आलू देख सदमे में गई किसान की जान
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
अमर उजाला ब्यूरो
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Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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बरनाहल। आर्थिक तंगी से जूझ रहे किसान का जब खेत में रखा आलू सड़ा निकला तो ऐसा सदमा लगा कि उसकी मौत हो गई। बेटी की शादी और बेटे की बीमारी के चलते उसे करीब डेढ़ लाख रुपये कर्ज भी लेना पड़ा था। तीन बीघा खेत में निकाला आलू बेचने का मन बनाया तो वह भी सड़ा निकला। किसान की मौत की जानकारी पर एसडीएम करहल ने गांव पहुंचकर जानकारी जुटाने के बाद रिपोर्ट डीएम को भेजी है। जिले में बर्बाद फसलों के चलते मरने वाले किसानों की संख्या बढ़कर 40 जा पहुंची है।
ग्राम मढ़ामई निवासी रामभरोसे राठौर (58) केे पास महज ढाई बीघा जमीन थी। वर्ष 2004 में उसे यह जमीन बेटी की शादी और बेटे की बीमारी के चलते बेचनी पड़ गई थी। रामभरोसे ने बैंक से 50 हजार रुपये और गांव के लोगों से एक लाख रुपये का कर्जा भी ले रखा था। खेती भी हाथ से निकल जाने के बाद वह बटाई पर खेत लेकर खेती करने लगे। खेती के साथ रामभरोसे और उनके पुत्र मजदूरी भी कर लेते थे। किसी प्रकार परिवार का भरण पोषण हो रहा था। रामभरोसे के दो पुत्रों की पहले ही मौत हो चुकी है। इस बार रामभरोसे ने तीन बीघा जमीन बटाई पर लेकर आलू की फसल की थी। खेत से निकले आलू को उसने खेत में ढेर लगाकर रखा था। आलू के ढेर को फूस और पॉलिथिन से ढक रखा था। बुधवार को उसने आलू बेचने के लिए ले जाने का मन बनाया। रामभरोसे ने जब ढेर को खोला तो देखा कि आधे से अधिक आलू सड़ चुका है।
सड़ा आलू देखकर रामभरोसे को ऐसा सदमा लगा कि खेत पर ही बेहोश होकर गिर गए। आसपास खेताें से किसान दौड़कर आए और उन्हें उठाकर घर ले गए। लेकिन कुछ देर बाद ही रामभरोसे ने दम तोड़ दिया। रामभरोसे की मौत से पत्नी रामलली और पुत्र रामजीवन का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंचे एसडीएम विजय प्रताप ने जानकारी जुटाई और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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ग्राम मढ़ामई निवासी रामभरोसे राठौर (58) केे पास महज ढाई बीघा जमीन थी। वर्ष 2004 में उसे यह जमीन बेटी की शादी और बेटे की बीमारी के चलते बेचनी पड़ गई थी। रामभरोसे ने बैंक से 50 हजार रुपये और गांव के लोगों से एक लाख रुपये का कर्जा भी ले रखा था। खेती भी हाथ से निकल जाने के बाद वह बटाई पर खेत लेकर खेती करने लगे। खेती के साथ रामभरोसे और उनके पुत्र मजदूरी भी कर लेते थे। किसी प्रकार परिवार का भरण पोषण हो रहा था। रामभरोसे के दो पुत्रों की पहले ही मौत हो चुकी है। इस बार रामभरोसे ने तीन बीघा जमीन बटाई पर लेकर आलू की फसल की थी। खेत से निकले आलू को उसने खेत में ढेर लगाकर रखा था। आलू के ढेर को फूस और पॉलिथिन से ढक रखा था। बुधवार को उसने आलू बेचने के लिए ले जाने का मन बनाया। रामभरोसे ने जब ढेर को खोला तो देखा कि आधे से अधिक आलू सड़ चुका है।
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सड़ा आलू देखकर रामभरोसे को ऐसा सदमा लगा कि खेत पर ही बेहोश होकर गिर गए। आसपास खेताें से किसान दौड़कर आए और उन्हें उठाकर घर ले गए। लेकिन कुछ देर बाद ही रामभरोसे ने दम तोड़ दिया। रामभरोसे की मौत से पत्नी रामलली और पुत्र रामजीवन का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना पर पहुंचे एसडीएम विजय प्रताप ने जानकारी जुटाई और पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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