{"_id":"571912b14f1c1bcf4f8b4aff","slug":"paanee-ke-lie-ghanton-bahaana-padata-hai-paseena","type":"story","status":"publish","title_hn":"पानी के लिए घंटों बहाना पड़ता है पसीना ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पानी के लिए घंटों बहाना पड़ता है पसीना
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Thu, 21 Apr 2016 11:24 PM IST
विज्ञापन
पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गर्मी की शुरुआत होते ही पानी की मारामारी शुरू हो गई है। खासकर देहात और उसमें भी डार्क जोन बरनाहल में लोगों को काफी दूर से पानी भरकर लाना पड़ता है। इससे जहां लोगों को परेशानी हो रही है।
जिले में कुल नौ ब्लाक हैं। इनमें से अधिकांश में पानी की कोई किल्लत नहीं है। इसमें बरनाहल ब्लाक में पानी को लेकर विकराल स्थिति है। यहां के गांवों के लोगों को कई-कई किलोमीटर दूर स्थित खेतों में लगे नलकूप से पानी लाना पड़ता है। सुबह के कई घंटे गांव के बच्चे, आदमी और औरतें पानी ढोती रहती हैं। गांव भदौलपुर और सलूकनगर में तो प्रशासन ने वर्ष 2006 में ओवरहैड टैंक बनवा दिया था। शुरू में कुछ साल तो पानी की आपूर्ति सुचारु रही लेकिन पिछले कई सालों से इस टंकी से पानी की आपूर्ति नहीं होती है। वहीं गांव में लगे सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। इसके चलते गांव के लोगों को करीब दो किमी दूर लगे नलकूप से पीने और अन्य कार्यों के लिए पानी लाना पड़ता है। ग्रामीण महेशचंद ने बताया कि पानी की टंकी बंद होने की मुख्य वजह वहां पर आपरेटर का तैनात न होना है। इस संबंध में अधिकारियों से कई बार शिकायत की लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। वहीं प्रधान पति संजीव कुमार ने बताया कि टंकी से भदौलपुर और गांव सलूकनगर आ रही पानी की पाइप लाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मार्ग का सीसी निर्माण हो चुका है। ऐसे में पाइप लाइन की मरम्मत भी नहीं कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि हैंडपंप सही कराने के लिए समय-समय पर उनकी मरम्मत कराई जाती है। वहीं ग्रामीण श्याम सिंह, लालकुमार, रतन सिंह, वीरपाल, अंतराम सिंह, राजेंद्र सिंह, राजवीर सिंह आदि ने कहा कि यदि शीघ्र उक्त दोनों गांवों में पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं होती है तो वो डीएम से शिकायत करेंगे।
विज्ञापन
जिले में कुल नौ ब्लाक हैं। इनमें से अधिकांश में पानी की कोई किल्लत नहीं है। इसमें बरनाहल ब्लाक में पानी को लेकर विकराल स्थिति है। यहां के गांवों के लोगों को कई-कई किलोमीटर दूर स्थित खेतों में लगे नलकूप से पानी लाना पड़ता है। सुबह के कई घंटे गांव के बच्चे, आदमी और औरतें पानी ढोती रहती हैं। गांव भदौलपुर और सलूकनगर में तो प्रशासन ने वर्ष 2006 में ओवरहैड टैंक बनवा दिया था। शुरू में कुछ साल तो पानी की आपूर्ति सुचारु रही लेकिन पिछले कई सालों से इस टंकी से पानी की आपूर्ति नहीं होती है। वहीं गांव में लगे सरकारी हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। इसके चलते गांव के लोगों को करीब दो किमी दूर लगे नलकूप से पीने और अन्य कार्यों के लिए पानी लाना पड़ता है। ग्रामीण महेशचंद ने बताया कि पानी की टंकी बंद होने की मुख्य वजह वहां पर आपरेटर का तैनात न होना है। इस संबंध में अधिकारियों से कई बार शिकायत की लेकिन कोई परिणाम नहीं निकला। वहीं प्रधान पति संजीव कुमार ने बताया कि टंकी से भदौलपुर और गांव सलूकनगर आ रही पानी की पाइप लाइन कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मार्ग का सीसी निर्माण हो चुका है। ऐसे में पाइप लाइन की मरम्मत भी नहीं कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि हैंडपंप सही कराने के लिए समय-समय पर उनकी मरम्मत कराई जाती है। वहीं ग्रामीण श्याम सिंह, लालकुमार, रतन सिंह, वीरपाल, अंतराम सिंह, राजेंद्र सिंह, राजवीर सिंह आदि ने कहा कि यदि शीघ्र उक्त दोनों गांवों में पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं होती है तो वो डीएम से शिकायत करेंगे।
विज्ञापन