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जून तक कार्यदायी संस्था को दें भवन
अमर उजाला ब्यूरो, मैनपुरी
Updated Mon, 11 Apr 2016 11:37 PM IST
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निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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राजकीय इंजीनियरिंग कालेज का मुख्य भवन जून तक कार्यदायी संस्था हैंडओवर करे। ताकि नया सत्र जुलाई से शुरू हो सके। कार्यदायी संस्था के परियोजना प्रबंधक जून तक कार्य पूर्ण कराने संबंधी प्रमाण पत्र उपलब्ध करा दें। उक्त निर्देश प्रमुख सचिव प्राविधिक शिक्षा मुकुल सिंघल ने निर्माणाधीन इंजीनियरिंग कालेज के निरीक्षण के दौरान दिए।
प्रमुख सचिव ने कहा कि क्लासरूम में इको न हो इसके विशेष प्रबंध किए जाएं। फर्नीचर की गुणवत्ता अच्छी हो। इंजीनियरिंग कालेज के निर्माण में किसी प्रकार की कमी न रहे। सभी कार्य गुणवत्ता के साथ मानक अनुसार कराए जाएं। हास्टल बनकर तैयार है लेकिन वाटरहैड टैंक का निर्माण नहीं हुआ, इस पर नाराजगी जताई। कहा नया सत्र शुरू होनेे वाला है। छात्र हास्टल में रहेंगे और क्लास भी शुरू होगी। ऐसे में छात्रों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। अभी कार्यदायी संस्था ने 10 केवीए का विद्युत कनेक्शन ही कराया है। यह कालेज के संचालन के हिसाब से काफी कम है। उन्होंने तत्काल एस्टीमेट बनवाकर विद्युत कनेक्शन का भार बढ़ाने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने 1984 में बने पालीटेक्निक कालेज का भी निरीक्षण कर व्यवस्था देखीं। कालेज में 180 सीट हैं जो दो सालों से नहीं भरी हैं। विद्यालय में स्वीकृत 32 पद हैं लेकिन 14 रिक्त चल रहे हैं। कालेज के चारदीवारी के लिए भी 50 लाख रुपये मिले हैं। सचिव ने विद्यालय के जीर्णोद्धार, फर्नीचर, रंगाई, पुताई करवाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के वेलफेयर की धनराशि बच्चों के जरिए ही खर्च की जाए। निरीक्षण के दौरान डीएम लोकेश एम, निदेशक प्राविधिक शिक्षा ओपी वर्मा, नोडल अधिकारी प्रदीप कुमार, एसडीएम सदर गजेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
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प्रमुख सचिव ने कहा कि क्लासरूम में इको न हो इसके विशेष प्रबंध किए जाएं। फर्नीचर की गुणवत्ता अच्छी हो। इंजीनियरिंग कालेज के निर्माण में किसी प्रकार की कमी न रहे। सभी कार्य गुणवत्ता के साथ मानक अनुसार कराए जाएं। हास्टल बनकर तैयार है लेकिन वाटरहैड टैंक का निर्माण नहीं हुआ, इस पर नाराजगी जताई। कहा नया सत्र शुरू होनेे वाला है। छात्र हास्टल में रहेंगे और क्लास भी शुरू होगी। ऐसे में छात्रों को पानी की समस्या का सामना करना पड़ेगा। अभी कार्यदायी संस्था ने 10 केवीए का विद्युत कनेक्शन ही कराया है। यह कालेज के संचालन के हिसाब से काफी कम है। उन्होंने तत्काल एस्टीमेट बनवाकर विद्युत कनेक्शन का भार बढ़ाने के निर्देश दिए।
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प्रमुख सचिव ने 1984 में बने पालीटेक्निक कालेज का भी निरीक्षण कर व्यवस्था देखीं। कालेज में 180 सीट हैं जो दो सालों से नहीं भरी हैं। विद्यालय में स्वीकृत 32 पद हैं लेकिन 14 रिक्त चल रहे हैं। कालेज के चारदीवारी के लिए भी 50 लाख रुपये मिले हैं। सचिव ने विद्यालय के जीर्णोद्धार, फर्नीचर, रंगाई, पुताई करवाने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के वेलफेयर की धनराशि बच्चों के जरिए ही खर्च की जाए। निरीक्षण के दौरान डीएम लोकेश एम, निदेशक प्राविधिक शिक्षा ओपी वर्मा, नोडल अधिकारी प्रदीप कुमार, एसडीएम सदर गजेंद्र कुमार आदि उपस्थित रहे।
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