{"_id":"591dd9a44f1c1bdb30f227c2","slug":"instructions-on-action-on-negligence-in-wheat-procurement","type":"story","status":"publish","title_hn":"गेहूं खरीद में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गेहूं खरीद में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Thu, 18 May 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
गेहूं खरीद में लापरवाही पर कार्रवाई के निर्देश
- फोटो : अमर उजाला
गेहूं खरीद में लगातार हो रही लापरवाही को लेकर अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाया है। जिले में तीन खरीद एजेंसियों ने जिले के अनुपात से कम खरीद की है उनके खिलाफ शासन को लिखा जा रहा है। वहीं जिन केंद्रों पर कम खरीद हो रही है। उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
उल्लेखनीय है कि जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो गई है। पहले जिले को 56 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था। अब इसे बढ़ाकर 91 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसके सापेक्ष अभी तक जिले में मात्र 23963 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। जो एजेंसियां गेहूं खरीद कर रही हैं उनमें से पीसीयू, यूपी एग्रो और भारतीय खाद्य निगम की खरीद सबसे खराब है। अधिकारियों के अनुसार पीसीयू ने लक्ष्य की मात्र आठ फीसदी, यूपी एग्रो ने 16 फीसदी और भारतीय खाद्य निगम ने 19 फीसदी ही खरीद की है। इसके चलते उक्त एजेंसियों को जिला स्तरी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है।
इसके अलावा गेहूं क्रय केंद्र बरनाहल, एसएसएस नौगांव, पीसीएफ आलीपुरखेड़ा, क्षेत्रीय सहकारी समिति नवीगंज, पीसीएफ घिरोर, एसएसएस कैथौली, मोहब्बतपुर, सहन, टीकराहार, उझियानी, केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार ललुपुरा, क्षेत्रीय सहकारी समिति प्रतापपुर, क्षेत्रीय सहकारी समिति टोडरपुर, बमटापुरी, अजीतगंज के अलावा शिवपुर, बसैत, घिरोर, हिमांयुपुर, मुरादपुर नगरिया, सलमानपुर, मैनपुरी मंडी आदि गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीद की स्थिति काफी खराब मिली है। इस पर एडीएम डाक्टर एके श्रीवास्तव ने उक्त केंद्रों के प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हो गई है। पहले जिले को 56 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था। अब इसे बढ़ाकर 91 हजार मीट्रिक टन कर दिया गया है। इसके सापेक्ष अभी तक जिले में मात्र 23963 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। जो एजेंसियां गेहूं खरीद कर रही हैं उनमें से पीसीयू, यूपी एग्रो और भारतीय खाद्य निगम की खरीद सबसे खराब है। अधिकारियों के अनुसार पीसीयू ने लक्ष्य की मात्र आठ फीसदी, यूपी एग्रो ने 16 फीसदी और भारतीय खाद्य निगम ने 19 फीसदी ही खरीद की है। इसके चलते उक्त एजेंसियों को जिला स्तरी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जा रहा है।
विज्ञापन
इसके अलावा गेहूं क्रय केंद्र बरनाहल, एसएसएस नौगांव, पीसीएफ आलीपुरखेड़ा, क्षेत्रीय सहकारी समिति नवीगंज, पीसीएफ घिरोर, एसएसएस कैथौली, मोहब्बतपुर, सहन, टीकराहार, उझियानी, केंद्रीय उपभोक्ता सहकारी भंडार ललुपुरा, क्षेत्रीय सहकारी समिति प्रतापपुर, क्षेत्रीय सहकारी समिति टोडरपुर, बमटापुरी, अजीतगंज के अलावा शिवपुर, बसैत, घिरोर, हिमांयुपुर, मुरादपुर नगरिया, सलमानपुर, मैनपुरी मंडी आदि गेहूं खरीद केंद्रों पर खरीद की स्थिति काफी खराब मिली है। इस पर एडीएम डाक्टर एके श्रीवास्तव ने उक्त केंद्रों के प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं।
विज्ञापन