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Mainpuri News: छंटनी और उत्पीड़न के विरोध में बिजली संविदाकर्मियों का हल्ला बोल

Thu, 30 Jul 2026 11:15 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी Updated Thu, 30 Jul 2026 11:15 PM IST
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Electricity contract workers protest against retrenchment and harassment
फोटो 5 धरने के दौरान नारेबाजी करते बिजली संविदा कर्मी। स्रोत संगठन
मैनपुरी। उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर बृहस्पतिवार को जिलेभर के आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मचारियों ने कई बिजली घरों पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। धरने में कर्मचारियों ने बिलिंग और राजस्व वसूली कार्य का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। कर्मियों ने छंटनी और उत्पीड़न के विरोध में आवाज उठाई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारी अपने नियमित तकनीकी कार्य करते रहेंगे।
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संघ के जिला संरक्षक सुबोध यादव और जिलाध्यक्ष सुनील यादव के संयुक्त नेतृत्व में आंदोलन के दौरान कर्मचारियों ने पावर कारपोरेशन प्रबंधन और ठेका कंपनियों पर उत्पीड़न का आरोप लगाया। पदाधिकारियों ने कहा कि अनुभवी सब स्टेशन ऑपरेटरों और लाइनमैनों को बिना पूर्व नोटिस और ठोस कारण के सेवा से हटाया जा रहा है। इसके साथ ही नई भर्ती और अन्य विभागीय कार्यों के नाम पर कर्मचारियों से कथित तौर पर नाजायज वसूली का दबाव बनाए जाने का भी आरोप लगाया।
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पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन लखनऊ के शक्ति भवन और ईको गार्डन में चल रहे प्रांतीय आंदोलन और 14 सूत्री मांगों के समर्थन में किया जा रहा है। इस दौरान उपाध्यक्ष सोनू सिंह, पुनीत पांडेय, विनय कुमार, संयुक्त मंत्री अशोक, सुमित मिश्रा, कौशलेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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ये हैं प्रमुख मांगें
संघ ने वर्ष 2023 से अब तक बिना ठोस कारण सेवा से हटाए गए अनुभवी संविदा कर्मियों की बहाली, कुशल और अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन 18 हजार से 22 हजार रुपये किए जाने, लाइनमैनों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और शत-प्रतिशत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके अलावा ऊर्जा निगमों के संविदा कर्मियों को आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल करने, ईपीएफ और ईएसआई फंड में कथित अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा श्रम कानूनों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की मांग भी शामिल है।
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