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महिला सहित तीन को 10-10 साल की सजा
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी
Updated Tue, 14 Feb 2017 11:49 PM IST
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court shimla
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गैंगेस्टर कोर्ट के जज ने महिला सहित तीन को दोषी पाकर 10-10 साल की सजा सुनाई है। उनको पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी अदा करना पड़ेगा। जुर्माना अदा नहीं करने पर उनको एक-एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
थाना बिछवां के तत्कालीन थानाध्यक्ष चंद्रहास तिवारी ने सात अगस्त 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार महरमई बिछवां निवासी लालकुमार उर्फ रिंकू, अशोक कुमार, राजरानी गैंग बनाकर अपराध करते हैं। हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देते हैं। भय की वजह से कोई उनके खिलाफ गवाही तक नहीं देता है। राजरानी ने अपने साथियों की मदद से अपने पति की हत्या तक करा दी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट सुनवाई के लिए कोर्ट में भेज दी। मामले की सुनवाई गैंगेस्टर कोर्ट के अपर जिला जज बच्चू सिंह की कोर्ट में की गई।
छह साल तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक सहित मुकदमे के गवाहों ने पुलिस की कहानी के समर्थन में गवाही दी। सुनवाई के आधार पर अपर जिला जज ने तीनों को गैंग बनाकर अपराध करने का दोषी पाया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शाक्य ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने तीनों को 10-10 साल और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। निर्णय में लिखा है राजरानी ने अपने पति की हत्या कराकर पति पत्नी के संबंध को कलंकित कर विश्वास तोड़ा है। जुर्माना नहीं देने पर उनको एक एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। उनको सजा सुनाए जाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
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थाना बिछवां के तत्कालीन थानाध्यक्ष चंद्रहास तिवारी ने सात अगस्त 2010 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार महरमई बिछवां निवासी लालकुमार उर्फ रिंकू, अशोक कुमार, राजरानी गैंग बनाकर अपराध करते हैं। हत्या जैसी गंभीर वारदातों को अंजाम देते हैं। भय की वजह से कोई उनके खिलाफ गवाही तक नहीं देता है। राजरानी ने अपने साथियों की मदद से अपने पति की हत्या तक करा दी थी। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट सुनवाई के लिए कोर्ट में भेज दी। मामले की सुनवाई गैंगेस्टर कोर्ट के अपर जिला जज बच्चू सिंह की कोर्ट में की गई।
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छह साल तक चली सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक सहित मुकदमे के गवाहों ने पुलिस की कहानी के समर्थन में गवाही दी। सुनवाई के आधार पर अपर जिला जज ने तीनों को गैंग बनाकर अपराध करने का दोषी पाया।
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सहायक शासकीय अधिवक्ता सुशील कुमार शाक्य ने आरोपियों को कड़ी सजा देने की दलील दी। अपर जिला जज ने तीनों को 10-10 साल और पांच-पांच हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। निर्णय में लिखा है राजरानी ने अपने पति की हत्या कराकर पति पत्नी के संबंध को कलंकित कर विश्वास तोड़ा है। जुर्माना नहीं देने पर उनको एक एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। उनको सजा सुनाए जाने के बाद हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।