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150 बीटीसी अभ्यर्थी काउंसलिंग में नहीं होंगे शामिल
Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
Anonymous User
ब्यूरो,अमर उजाला मैनपुरी
ब्यूरो,अमर उजाला मैनपुरी
Published by: Anonymous User
Updated Thu, 09 Nov 2023 07:05 PM IST
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मैनपुरी। प्राथमिक स्कूलों में होने जा रही 15 हजार शिक्षकों की भर्ती में निजी बीटीसी कालेजों को ठेंगा दिखा दिया गया है। 2012 बैच के वह अभ्यर्थी जिन्होंने निजी कालेज से बीटीसी की है उनका आवेदन स्वीकार नहीं होगा। जिले में लगभग 150 अभ्यर्थी ऐसे हैं जिन्होंने निजी कालेज से बीटीसी किया है।
उल्लेखनीय है कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए दिसंबर 2014 में आदेश हुआ था। उस समय बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी, उर्दू बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। दूसरे चरण में केवल विशेष शिक्षा वाले अभ्यर्थियों से आवेदन करने को कहा गया। जबकि तीसरे चरण में उच्च न्यायालय की ओर से पारित आदेश के अनुपालन के लिए अनुवर्ती वर्ष के आधार पर विशिष्ट बीटीसी 2004, 2007 एवं 2008 के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों और साथ ही अधिक उम्र के प्रकरण को देखते हुए आवेदन मांगे थे।
अभ्यर्थी बताते हैं कि तीसरे चरण के लिए जब परिषद की वेबसाइट खोली गई तो उसमें निर्देश साफ स्पष्ट हो रहे थे। ऐसे में निजी कालेज से वर्ष 2012 सत्र में बीटीसी करने वाले अभ्यर्थी पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। उनका 19 अगस्त 2015 को परिणाम जारी हुआ तब उन्होंने आवेदन जरूर किया, लेकिन उस पर विचार होना संभव नहीं लगता। दरअसल डायट से 2012 में ही बीटीसी करने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम छह महीने पहले आ गया और निजी कालेजों का परिणाम छह माह बाद आया।
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इससे निजी कालेज वाले हाशिए पर चले गए। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने बीएसए हरिकेश यादव को भेजे पत्र में लिखा है कि मदर लिस्ट में तीन चक्रों में आवेदन हुए हैं। इसमें शासनादेशों की शर्तों से भिन्न अभ्यर्थियों के आवेदन को निरस्त करते हुए शेष अभ्यर्थियों के एक्सेल डाटा पर मेरिट सूची तैयार की जाए।
इस आदेश से निजी कालेज के बीटीसी अभ्यर्थी निराश हैं। अभ्यर्थी रोहित कुमार, सीता यादव, साधना, पूजा सिंह, हिमांशु आदि का कहना है कि विभाग की लापरवाही से उनके हाथ से मौका जा रहा है।
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उल्लेखनीय है कि बेसिक शिक्षा परिषद के प्राथमिक स्कूलों में 15 हजार शिक्षकों की भर्ती के लिए दिसंबर 2014 में आदेश हुआ था। उस समय बीटीसी, विशिष्ट बीटीसी, उर्दू बीटीसी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए। दूसरे चरण में केवल विशेष शिक्षा वाले अभ्यर्थियों से आवेदन करने को कहा गया। जबकि तीसरे चरण में उच्च न्यायालय की ओर से पारित आदेश के अनुपालन के लिए अनुवर्ती वर्ष के आधार पर विशिष्ट बीटीसी 2004, 2007 एवं 2008 के उत्तीर्ण अभ्यर्थियों और साथ ही अधिक उम्र के प्रकरण को देखते हुए आवेदन मांगे थे।
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अभ्यर्थी बताते हैं कि तीसरे चरण के लिए जब परिषद की वेबसाइट खोली गई तो उसमें निर्देश साफ स्पष्ट हो रहे थे। ऐसे में निजी कालेज से वर्ष 2012 सत्र में बीटीसी करने वाले अभ्यर्थी पहले आवेदन नहीं कर पाए थे। उनका 19 अगस्त 2015 को परिणाम जारी हुआ तब उन्होंने आवेदन जरूर किया, लेकिन उस पर विचार होना संभव नहीं लगता। दरअसल डायट से 2012 में ही बीटीसी करने वाले अभ्यर्थियों का परिणाम छह महीने पहले आ गया और निजी कालेजों का परिणाम छह माह बाद आया।
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इससे निजी कालेज वाले हाशिए पर चले गए। सचिव बेसिक शिक्षा परिषद संजय सिन्हा ने बीएसए हरिकेश यादव को भेजे पत्र में लिखा है कि मदर लिस्ट में तीन चक्रों में आवेदन हुए हैं। इसमें शासनादेशों की शर्तों से भिन्न अभ्यर्थियों के आवेदन को निरस्त करते हुए शेष अभ्यर्थियों के एक्सेल डाटा पर मेरिट सूची तैयार की जाए।
इस आदेश से निजी कालेज के बीटीसी अभ्यर्थी निराश हैं। अभ्यर्थी रोहित कुमार, सीता यादव, साधना, पूजा सिंह, हिमांशु आदि का कहना है कि विभाग की लापरवाही से उनके हाथ से मौका जा रहा है।