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पुलिस के जाते ही दलित की फूंकी झोंपड़ी
अमर उजाला ब्यूरो मैनपुरी।
Updated Thu, 18 May 2017 11:03 PM IST
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पुलिस के जाते ही दलित की फूंकी झोंपड़ी
- फोटो : अमर उजाला
थाना क्षेत्र के गांव नगला केहरी में गुरुवार सुबह आरोपियों ने दलित परिवार की झोंपड़ी आग के हवाले कर दी। इससे पहले पूरे परिवार की पिटाई की। आरोपियों की दहशत से अन्य लोग घर छोड़कर भाग गए। सूचना पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी पहुंच गए। दमकलकर्मियों ने झोंपड़ी में लगी आग को बुझाया। अधिकारियों ने पीड़ित परिवार की सुरक्षा के लिए गांव में फोर्स तैनात कर दी है। आश्वासन दिया है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। देर शाम पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
उल्लेखनीय है कि गांव में थ्रेसर में गेहूं के बोझ डालने से मना करने पर आरोपियों ने तीन दिन पूर्व एक दलित परिवार को लाठी-डंडों से पीटा था। तब पीड़ित राजकुमार उर्फ राजू की तहरीर पर गांव के अजय उर्फ बाबा, गजेंद्र, रीटू को नामजद कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बुधवार को पीड़ित राजकुमार ने फोन पर थाना पुलिस को सूचना दी कि आरोपी उसके परिजनों को घेर रहे हैं। इस पर थाना पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों को घर के पास तैनात कर दिया।
ग्राम नगला केहरी निवासी अजय ने बताया कि वह गर्भवती पत्नी विजयलक्ष्मी को बेवर अस्पताल दिखाने ले जा रहा था। वह रोड पर पहुंचा तभी गांव के अजय यादव उर्फ बाबा, रीटू, अंकित आदि अन्य ने उसे घेरकर पीटा। बचाने आए पिता चंद्रभान और अन्य परिवारीजनों की भी पिटाई लगाई। बाद में सभी लोग चंद्रभान की झोंपड़ी के पास पहुंचे। दहशत के चलते झोंपड़ी में मौजूद महिलाएं और अन्य परिवारीजन भाग गए। इसके बाद अजय उर्फ बाबा ने चंद्रभान की झोंपड़ी में आग लगा दी। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर चले गए। बता दें कि जिस समय आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया उस समय पुलिस नहीं थी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी दमकल विभाग को दी। फायर बिग्रेड कर्मियों ने झोंपड़ी में लगी आग बुझाई। इस दौरान गृहस्थी का सामान और तीस हजार नकद, आठ बोरी गेहूं, दो बोरी सरसों जलकर राख हो गई। क्षेत्राधिकारी भोगांव राजपाल सिंह, उपजिलाधिकारी करहल समेत आलाधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली। सीओ भोगांव ने बताया कि दलित परिवार की सुरक्षा के लिए गांव में दो दरोगा और चार सिपाही तैनात कर दिए हैं। देर शाम तहरीर के आधार पर अजय उर्फ बाबा, रीटू, अंकित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सभी आरोपी घर छोड़कर भाग गए हैं।
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पुलिस के जाने का कर रहे थे इंतजार
पुलिस में शिकायत करने से गुस्साए आरोपी दलित परिवार की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के जाने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही ड्यूटी समाप्त होते ही पुलिसकर्मी गए। आरोपियों ने सुबह आठ दलित परिवार पर कहर बरपाना शुरू कर दिया।
घायलों ने कराया मेडिकल
ग्राम नगला केहरी में 16 मई को थ्रेसर से गेहूं कटवाने की मना करने को लेकर आरोपियों ने राजकुमार, अनार देवी, विनीता, अरविंद, सुरेश, विपिन, भइयालाल, नौरतन, ममतेश, चंद्रपाल और अजय की पिटाई की थी। पुलिस ने सभी का मेडिकल कराया है।
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उल्लेखनीय है कि गांव में थ्रेसर में गेहूं के बोझ डालने से मना करने पर आरोपियों ने तीन दिन पूर्व एक दलित परिवार को लाठी-डंडों से पीटा था। तब पीड़ित राजकुमार उर्फ राजू की तहरीर पर गांव के अजय उर्फ बाबा, गजेंद्र, रीटू को नामजद कर उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। बुधवार को पीड़ित राजकुमार ने फोन पर थाना पुलिस को सूचना दी कि आरोपी उसके परिजनों को घेर रहे हैं। इस पर थाना पुलिस ने दो पुलिसकर्मियों को घर के पास तैनात कर दिया।
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ग्राम नगला केहरी निवासी अजय ने बताया कि वह गर्भवती पत्नी विजयलक्ष्मी को बेवर अस्पताल दिखाने ले जा रहा था। वह रोड पर पहुंचा तभी गांव के अजय यादव उर्फ बाबा, रीटू, अंकित आदि अन्य ने उसे घेरकर पीटा। बचाने आए पिता चंद्रभान और अन्य परिवारीजनों की भी पिटाई लगाई। बाद में सभी लोग चंद्रभान की झोंपड़ी के पास पहुंचे। दहशत के चलते झोंपड़ी में मौजूद महिलाएं और अन्य परिवारीजन भाग गए। इसके बाद अजय उर्फ बाबा ने चंद्रभान की झोंपड़ी में आग लगा दी। साथ ही जान से मारने की धमकी देकर चले गए। बता दें कि जिस समय आरोपियों ने घटना को अंजाम दिया उस समय पुलिस नहीं थी। सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घटना की जानकारी दमकल विभाग को दी। फायर बिग्रेड कर्मियों ने झोंपड़ी में लगी आग बुझाई। इस दौरान गृहस्थी का सामान और तीस हजार नकद, आठ बोरी गेहूं, दो बोरी सरसों जलकर राख हो गई। क्षेत्राधिकारी भोगांव राजपाल सिंह, उपजिलाधिकारी करहल समेत आलाधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर घटना की जानकारी ली। सीओ भोगांव ने बताया कि दलित परिवार की सुरक्षा के लिए गांव में दो दरोगा और चार सिपाही तैनात कर दिए हैं। देर शाम तहरीर के आधार पर अजय उर्फ बाबा, रीटू, अंकित के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सभी आरोपी घर छोड़कर भाग गए हैं।
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पुलिस के जाने का कर रहे थे इंतजार
पुलिस में शिकायत करने से गुस्साए आरोपी दलित परिवार की सुरक्षा के लिए तैनात पुलिसकर्मियों के जाने का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही ड्यूटी समाप्त होते ही पुलिसकर्मी गए। आरोपियों ने सुबह आठ दलित परिवार पर कहर बरपाना शुरू कर दिया।
घायलों ने कराया मेडिकल
ग्राम नगला केहरी में 16 मई को थ्रेसर से गेहूं कटवाने की मना करने को लेकर आरोपियों ने राजकुमार, अनार देवी, विनीता, अरविंद, सुरेश, विपिन, भइयालाल, नौरतन, ममतेश, चंद्रपाल और अजय की पिटाई की थी। पुलिस ने सभी का मेडिकल कराया है।