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Mahoba News: रात गंवाई सोय कर, दिवस गंवायो खाय...
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महोबा। अमृतवाणी समिति के तत्वावधान में रविवार को कठकुलवापुरा स्थित संत कबीर आश्रम में सत्संग का आयोजन हुआ। समिति के सचिव डॉ. एलसी अनुरागी ने कबीर की साखी रात गंवाई सोय कर दिवस गंवायो खाय, हीरा जन्म अनमोल था कौड़ी बदले जाय की व्याख्या कर भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।
सत्संग का शुभारंभ वंदना जय कबीर, जय गुरु कबीरा से हुआ। समिति सचिव ने कहा कि आज का मानव आठ प्रहर में से पांच प्रहर धंधे में लगाता है। तीन प्रहर तक सोता है, फिर भी मुक्ति चाहता है। मनुष्य अज्ञानवश अपने अनमोल जीवन को सांसारिक गतिविधियों में गंवा रहा है। पं. आशाराम तिवारी ने रचना शीलवंत सबसे बड़ा सब रत्नन की खान पेश की।
उमराव सिंह ने सत्य और तप की महत्ता बताई। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने रचना प्रस्तुत की। डिग्री कॉलेज के सहायक प्रवक्ता डॉ. एसएस राजपूत ने जल जाए जिब्हा पापिनी हरी नाम के बिना भजन सुनाया। यहां गायक इंद्रजीत सिंह, पं. हरिशंकर नायक, सोमेश्वर चौरसिया, देवेंद्र मोहन, हरकिशन आदि मौजूद रहे।
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सत्संग का शुभारंभ वंदना जय कबीर, जय गुरु कबीरा से हुआ। समिति सचिव ने कहा कि आज का मानव आठ प्रहर में से पांच प्रहर धंधे में लगाता है। तीन प्रहर तक सोता है, फिर भी मुक्ति चाहता है। मनुष्य अज्ञानवश अपने अनमोल जीवन को सांसारिक गतिविधियों में गंवा रहा है। पं. आशाराम तिवारी ने रचना शीलवंत सबसे बड़ा सब रत्नन की खान पेश की।
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उमराव सिंह ने सत्य और तप की महत्ता बताई। वरिष्ठ कवि हरिश्चंद्र वर्मा ने रचना प्रस्तुत की। डिग्री कॉलेज के सहायक प्रवक्ता डॉ. एसएस राजपूत ने जल जाए जिब्हा पापिनी हरी नाम के बिना भजन सुनाया। यहां गायक इंद्रजीत सिंह, पं. हरिशंकर नायक, सोमेश्वर चौरसिया, देवेंद्र मोहन, हरकिशन आदि मौजूद रहे।
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