{"_id":"6176f87a5bda0378637c9d81","slug":"the-condition-of-the-fasting-deteriorated-organizations-came-out-in-support-mahoba-news-knp6603727112","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनशनकारी की हालत बिगड़ी, समर्थन में उतरे विभिन्न संगठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनशनकारी की हालत बिगड़ी, समर्थन में उतरे विभिन्न संगठन
विज्ञापन
सदर तहसील में अनशनकारी की हालत बिगड़ने पर जांच करती स्वास्थ्य टीम।
- फोटो : MAHOBA
महोबा। मोहल्ला कल्याण सागर में करंट से मासूम की मौत के मामले में मुआवजा न दिए जाने से भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित की सोमवार को हालत बिगड़ गई। सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जांच की। भूख हड़ताल के पांचवें दिन सपा, कांग्रेस, सत्यमेव जयते व विकसित इंडियन संगठन के पदाधिकारियों ने पीड़ित के साथ अनशन पर बैठकर आवाज बुलंद की।
कल्याण सागर निवासी कल्लू रैक्वार के पुत्र विशाल की 28 जुलाई को विद्युत पोल के सपोर्टर में करंट उतरने से मौत हो गई थी। परिजनों व नागरिकों ने हाईवे जामकर हंगामा किया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था। मुआवजा न मिलने और बेटे की मौत के बाद से मां के बीमार हो जाने से परेशान पीड़ित ने 21 अक्तूबर से सदर तहसील में आमरण अनशन शुरू कर दिया था।
सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित कल्लू की हालत बिगड़ गई। इससे नाराज महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शकीला बानो, लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव योगेश यादव योगी, पुष्पेंद्र सिंह, रणविजय सिंह, बाबू मंसूरी, कांग्रेस अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महासचिव बृजराज सिंह, अरविंद चौधरी, सत्यमेव जयते के अध्यक्ष विकास यादव, विकसित इंडियन संगठन के जिलाध्यक्ष सिद्घांत त्रिपाठी ने अनशन स्थल पहुंचकर समर्थन दिया और आरपार की लड़ाई का ऐलान किया। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चेकअप कर हालचाल लिया।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर तहसीलदार बालकृष्ण सिंह अनशन स्थल पहुंच गए। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की बात कहकर अनशन समाप्त करने की बात कही लेकिन पीड़ित परिवार 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।
विज्ञापन
कल्याण सागर निवासी कल्लू रैक्वार के पुत्र विशाल की 28 जुलाई को विद्युत पोल के सपोर्टर में करंट उतरने से मौत हो गई थी। परिजनों व नागरिकों ने हाईवे जामकर हंगामा किया था। प्रशासनिक अधिकारियों ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था। मुआवजा न मिलने और बेटे की मौत के बाद से मां के बीमार हो जाने से परेशान पीड़ित ने 21 अक्तूबर से सदर तहसील में आमरण अनशन शुरू कर दिया था।
विज्ञापन
सोमवार को भूख हड़ताल पर बैठे पीड़ित कल्लू की हालत बिगड़ गई। इससे नाराज महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष शकीला बानो, लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव योगेश यादव योगी, पुष्पेंद्र सिंह, रणविजय सिंह, बाबू मंसूरी, कांग्रेस अनुसूचित मोर्चा के प्रदेश महासचिव बृजराज सिंह, अरविंद चौधरी, सत्यमेव जयते के अध्यक्ष विकास यादव, विकसित इंडियन संगठन के जिलाध्यक्ष सिद्घांत त्रिपाठी ने अनशन स्थल पहुंचकर समर्थन दिया और आरपार की लड़ाई का ऐलान किया। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने चेकअप कर हालचाल लिया।
विज्ञापन
सूचना मिलने पर तहसीलदार बालकृष्ण सिंह अनशन स्थल पहुंच गए। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को संविदा पर नौकरी देने की बात कहकर अनशन समाप्त करने की बात कही लेकिन पीड़ित परिवार 50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे।