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स्वयंसेवकों ने कला और संस्कृति के क्षेत्र में लहराया परचम
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महोबा। वीरभूमि राजकीय महाविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवी छात्र-छात्राओं ने एमजीपीजी कॉलेज फिरोजाबाद द्वारा आयोजित तीन दिवसीय ऑनलाइन पावस महोत्सव के अंतर्गत बुंदेलखंड की भाषा व संस्कृति का प्रतिनिधित्व करने वाले कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुतियां दी। रविवार को समापन के मौके पर ऐसी माटी न भारत के खंड-खंड में, जनम दइयो विधाता बुंदेलखंड में गीत की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया।
एमजीपीजी कॉलेज द्वारा आयोजित ऑनलाइन पावस महोत्सव में चार राज्यों अरुणाचल, असम, गोवा व यूपी की स्वयंसेवी छात्राओं ने हिस्सा लिया। समापन के मौके पर महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम की ऑनलाइन प्रस्तुति कराई गई। स्वयंसेवी छात्रा अंजलि तिवारी, रुचि खरे, स्नेहा सोनी ने गीत पर स्वर दिया, जबकि स्वाति सैनी, धर्मेश वर्मा, कल्पना वर्मा, स्वेता, कल्पना चौधरी ने नृत्य की प्रस्तुत दी। आल्हा गायन छात्र दातादीन ने किया। युद्ध की प्रस्तुति आशीष अलबेला, नरेंद्र कुमार व मनीष ने की।
तीसरी प्रस्तुति झूला पड़ा कदम की डार में अंजली तिवारी ने लोकगीत के माध्यम से दी। अंतिम प्रस्तुति ओरछा महारानी चंपावती व कुंवर हरदौल के बीच मान मनोबल के ऐतिहासिक संदर्भों को प्रस्तुत किया गया। बुंदेली लोक संस्कृति की शानदार प्रस्तुतियों से छात्राओं ने परचम फहराया। कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. सुशील बाबू के संरक्षण व डॉ. संतोष कुमार पांडे नोडल अधिकारी एनएसएस के निर्देशन में संपन्न हुए। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. एबी चौबे, संयोजिका संध्या द्विवेदी राज्य संपर्क अधिकारी, अंशुमाली शर्मा, अशोक श्रोतीय, मुन्ना तिवारी, शैलेष तिवारी आदि मौजूद रहे।
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एमजीपीजी कॉलेज द्वारा आयोजित ऑनलाइन पावस महोत्सव में चार राज्यों अरुणाचल, असम, गोवा व यूपी की स्वयंसेवी छात्राओं ने हिस्सा लिया। समापन के मौके पर महाविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम की ऑनलाइन प्रस्तुति कराई गई। स्वयंसेवी छात्रा अंजलि तिवारी, रुचि खरे, स्नेहा सोनी ने गीत पर स्वर दिया, जबकि स्वाति सैनी, धर्मेश वर्मा, कल्पना वर्मा, स्वेता, कल्पना चौधरी ने नृत्य की प्रस्तुत दी। आल्हा गायन छात्र दातादीन ने किया। युद्ध की प्रस्तुति आशीष अलबेला, नरेंद्र कुमार व मनीष ने की।
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तीसरी प्रस्तुति झूला पड़ा कदम की डार में अंजली तिवारी ने लोकगीत के माध्यम से दी। अंतिम प्रस्तुति ओरछा महारानी चंपावती व कुंवर हरदौल के बीच मान मनोबल के ऐतिहासिक संदर्भों को प्रस्तुत किया गया। बुंदेली लोक संस्कृति की शानदार प्रस्तुतियों से छात्राओं ने परचम फहराया। कार्यक्रम प्राचार्य प्रो. सुशील बाबू के संरक्षण व डॉ. संतोष कुमार पांडे नोडल अधिकारी एनएसएस के निर्देशन में संपन्न हुए। कार्यक्रम के आयोजक डॉ. एबी चौबे, संयोजिका संध्या द्विवेदी राज्य संपर्क अधिकारी, अंशुमाली शर्मा, अशोक श्रोतीय, मुन्ना तिवारी, शैलेष तिवारी आदि मौजूद रहे।
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