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नहीं मिली एंबुलेंस, मृत पशु ढोने वाले रिक्शे से पिता को ले गया अस्पताल
महोबा
Updated Sat, 03 Nov 2018 09:49 PM IST
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मृत पशु ढोने वाले रिक्शे से पिता को अस्पताल ले जाता पुत्र
- फोटो : महोबा
महोबा। बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के दावे की शनिवार को पोल खुल गई। पिता का पैर फ्रैक्चर हो जाने पर 108 नंबर एंबुलेस सेवा को दो बार फोन लगाया लेकिन एंबुलेंस नहीं पहुंची। तब पुत्र अपने वृद्ध पिता को मृत पशु ढोने वाले रिक्शे में लिटाकर अस्पताल पहुंचा। यहां स्ट्रेचर की व्यवस्था न होने पर उसे कंधे में लादकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचाया। जहां वृद्ध का उपचार चल रहा है।
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शहर के चरखारी बाइपास मार्ग निवासी दिल्लीपत (60) शनिवार को घर पर काम कर रहा था। अचानक पैर फिसल जाने से वह नीचे गिर गया, जिससे उसका एक पैर फ्रैक्चर हो गया। तब वृद्ध के पुत्र अजय कुमार ने पिता को अस्पताल ले जाने के लिए 108 नंबर नि:शुल्क एंबुलेंस सेवा को फोन किया। दो बार कॉल करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं आई। इस दौरान दर्द से कराह रहे पिता को देखकर बेटे ने मृत पशु ढोने वाले रिक्शे में पिता को लिटाकर अस्पताल पहुंचाया। करीब एक किमी दूरी से रिक्शा खींचकर जिला अस्पताल पहुंचे अजय कुमार को स्ट्रेचर भी नसीब नहीं हुआ। वह अपने पिता को कंधे में लादकर इमरजेंसी वार्ड पहुंचा और पिता का उपचार शुरू कराया।
घायल वृद्ध के पुत्र अजय कुमार ने बताया कि दो बार फोन लगाने के काफी देर बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो उसे मजबूरी में रिक्शा से पिता को अस्पताल लाना पड़ा। अस्पताल में भी अव्यवस्थाएं मिली। उधर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदयवीर सिंह का कहना है कि 108 नंबर एंबुलेंस सेवा लखनऊ से संचालित होती है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट के बाहर बार्ड व्वाय रहते है। जो तत्काल मरीजों को स्ट्रेचर मुहैया कराते है। मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
घायल वृद्ध के पुत्र अजय कुमार ने बताया कि दो बार फोन लगाने के काफी देर बाद भी जब एंबुलेंस नहीं पहुंची तो उसे मजबूरी में रिक्शा से पिता को अस्पताल लाना पड़ा। अस्पताल में भी अव्यवस्थाएं मिली। उधर जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. उदयवीर सिंह का कहना है कि 108 नंबर एंबुलेंस सेवा लखनऊ से संचालित होती है। जिला अस्पताल के इमरजेंसी गेट के बाहर बार्ड व्वाय रहते है। जो तत्काल मरीजों को स्ट्रेचर मुहैया कराते है। मामले की जांच कराई जाएगी। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।