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कुष्ठ रोग इलाज से हो सकता है ठीक: सीएमएस
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कुष्ठ रोगियों को कंबल व दवा वितरित करते सीएमएस।
- फोटो : MAHOBA
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महोबा। कुष्ठ रोग अभिशाप नहीं है। यह रोग इलाज से ठीक हो सकता है। यह बात मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरपी मिश्रा ने कुष्ठ जागरूकता अभियान के शुभारंभ के मौके पर कही। इस दौरान कुष्ठ रोगियों को कंबल, चप्पल और दवा किट वितरित की गईं।
जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में सेल टैक्स ऑफिसर सुनील कुमार जायसवाल ने कहा कि कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं, जो हमें शारीरिक रूप से तो हानि पहुंचाती ही हैं, साथ ही मानसिक और सामाजिक रूप से भी आघात पहुंचाती हैं। ऐसी ही बीमारी कुष्ठ रोग है। समाजसेवी सुनील शर्मा ने कहा कि कुष्ठ रोग विश्व की सबसे पुरानी और खतरनाक बीमारियों में से एक है।
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए 13 फरवरी तक घर-घर जागरूकता अभियान चलाकर रोगियों को सेल्फ केयर किट दी जाएगी। जिले में इस समय 40 रोगी उपचाराधीन हैं जबकि 79 रोगियों को पेंशन भी मिल रही है। कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्रे नामक बैक्टीरिया से होता है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से मानव त्वचा, ऊपरी श्वसन पथ, तंत्रिकाओं, आंखों और शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित करता है। इसके लक्षण सामने आने में चार से पांच साल का समय लग जाता है।
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जिला अस्पताल में आयोजित कार्यक्रम में सेल टैक्स ऑफिसर सुनील कुमार जायसवाल ने कहा कि कुछ बीमारियां ऐसी होती हैं, जो हमें शारीरिक रूप से तो हानि पहुंचाती ही हैं, साथ ही मानसिक और सामाजिक रूप से भी आघात पहुंचाती हैं। ऐसी ही बीमारी कुष्ठ रोग है। समाजसेवी सुनील शर्मा ने कहा कि कुष्ठ रोग विश्व की सबसे पुरानी और खतरनाक बीमारियों में से एक है।
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फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया कि कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए 13 फरवरी तक घर-घर जागरूकता अभियान चलाकर रोगियों को सेल्फ केयर किट दी जाएगी। जिले में इस समय 40 रोगी उपचाराधीन हैं जबकि 79 रोगियों को पेंशन भी मिल रही है। कुष्ठ रोग माइकोबैक्टीरियम लेप्रे नामक बैक्टीरिया से होता है। यह बैक्टीरिया मुख्य रूप से मानव त्वचा, ऊपरी श्वसन पथ, तंत्रिकाओं, आंखों और शरीर के अन्य हिस्सों को प्रभावित करता है। इसके लक्षण सामने आने में चार से पांच साल का समय लग जाता है।
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