{"_id":"61e06e67d9ff1855436815c2","slug":"mahoba-news-mahoba-news-knp675179845","type":"story","status":"publish","title_hn":"खराब पड़ी बायोकैमिस्ट्री मशीन को जुगाड़ का सहारा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खराब पड़ी बायोकैमिस्ट्री मशीन को जुगाड़ का सहारा
विज्ञापन
रिसाव रोकने के लिए मशीन के पास रखा हीटर।
- फोटो : MAHOBA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महोबा। जिला अस्पताल में दो सप्ताह से खराब पड़ी बायोकेमिस्ट्री मशीन अब तक सही नहीं हो सकी है। जिससे किडनी, लीवर समेत प्रमुख जांचों का काम प्रभावित है। मशीन में रिसाव को कम करने के लिए हीटर का सहारा लेकर जुगाड़ से काम किया जा रहा है।
बता दें कि पैथोलॉजी की बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब हो गई है। जिसमें रिसाव हो रहा है। मशीन को ठीक करने के लिए करीब एक लाख के उपकरणों पर खर्च होने है। उसे सही करने की बजाय जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है। लखनऊ की साइरेक्स कंपनी की लापरवाही की सजा हर दिन 200 मरीज भुगत रहे हैं। कंपनी की लापरवाही से ही जांच मशीन सही नहीं हो पा रही है। अस्पताल की ओर से बार-बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं बीते दिन मंडलायुक्त और जिलाधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं लेकिन इस समस्या को आला अधिकारी भी नजर अंदाज किए हुए हैं।
अस्पताल में मशीन के खराब होने पर उसको ठीक करने की जिम्मेदारी साइरेक्स कंपनी की है, लेकिन कंपनी को जब से जिम्मेदारी मिली है, कोई भी कार्य समय से नहीं हो पा रहा है। इंजीनियर पहले आए थे, लेकिन मशीन के खराब उपकरण को नहीं बदले। इसे ठीक करने के लिए कई रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं। मशीन से फिलहाल जांचे शुरू कर दी गई हैं।
विज्ञापन
-डॉ. आरपी मिश्रा, सीएमएस जिला अस्पताल
विज्ञापन
बता दें कि पैथोलॉजी की बायोकेमिस्ट्री मशीन खराब हो गई है। जिसमें रिसाव हो रहा है। मशीन को ठीक करने के लिए करीब एक लाख के उपकरणों पर खर्च होने है। उसे सही करने की बजाय जुगाड़ से काम चलाया जा रहा है। लखनऊ की साइरेक्स कंपनी की लापरवाही की सजा हर दिन 200 मरीज भुगत रहे हैं। कंपनी की लापरवाही से ही जांच मशीन सही नहीं हो पा रही है। अस्पताल की ओर से बार-बार रिमाइंडर भेजने के बाद भी इस पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। वहीं बीते दिन मंडलायुक्त और जिलाधिकारी निरीक्षण कर चुके हैं लेकिन इस समस्या को आला अधिकारी भी नजर अंदाज किए हुए हैं।
विज्ञापन
अस्पताल में मशीन के खराब होने पर उसको ठीक करने की जिम्मेदारी साइरेक्स कंपनी की है, लेकिन कंपनी को जब से जिम्मेदारी मिली है, कोई भी कार्य समय से नहीं हो पा रहा है। इंजीनियर पहले आए थे, लेकिन मशीन के खराब उपकरण को नहीं बदले। इसे ठीक करने के लिए कई रिमाइंडर भेजे जा चुके हैं। मशीन से फिलहाल जांचे शुरू कर दी गई हैं।
विज्ञापन
-डॉ. आरपी मिश्रा, सीएमएस जिला अस्पताल