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महोबा: कारोबारी इंद्रकांत की मौत के मामले में निलंबित आईपीएस की बर्खास्तगी और सीबीआई जांच की मांग
Sat, 31 Jul 2021 07:59 PM IST
शिखा पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महोबा
Published by: शिखा पांडेय
Updated Sat, 31 Jul 2021 07:59 PM IST
सार
क्रशर कारोबारी ने पिछले साल सात सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
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इंद्रकांत त्रिपाठी की फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी के महोबा जिले में क्रशर कारोबारी इंद्रकांत त्रिपाठी की मौत के मामले में फरार चल रहे एक लाख के इनामी निलंबित आईपीएस मणिलाल पाटीदार को 10 माह बाद भी पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई।
इंद्रकांत के भाई ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर मामले की सीबीआई जांच कराने और पाटीदार को बर्खास्त करने की मांग की। क्रशर कारोबारी ने पिछले साल सात सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
आठ सितंबर को इंद्रकांत के गले में गोली लगने से 13 सितंबर को कानपुर में मौत हो गई थी। इस मामले में पाटीदार समेत चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में सिपाही अरुण यादव को भी आरोपी बनाया गया। चार आरोपी लखनऊ जेल में बंद हैं, जबकि निलंबित आईपीएस पाटीदार फरार हैं।
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पाटीदार को भगोड़ा घोषित कर उन पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर इंद्रकांत के भाई विजय त्रिपाठी ने गृहमंत्री को पत्र भेजकर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। बताया कि घटना के 10 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। ऐसे में पाटीदार को शीघ्र बर्खास्त किया जाए।
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इंद्रकांत के भाई ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भेजकर मामले की सीबीआई जांच कराने और पाटीदार को बर्खास्त करने की मांग की। क्रशर कारोबारी ने पिछले साल सात सितंबर को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर तत्कालीन एसपी मणिलाल पाटीदार पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था।
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आठ सितंबर को इंद्रकांत के गले में गोली लगने से 13 सितंबर को कानपुर में मौत हो गई थी। इस मामले में पाटीदार समेत चार लोगों पर रिपोर्ट दर्ज हुई थी। बाद में सिपाही अरुण यादव को भी आरोपी बनाया गया। चार आरोपी लखनऊ जेल में बंद हैं, जबकि निलंबित आईपीएस पाटीदार फरार हैं।
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पाटीदार को भगोड़ा घोषित कर उन पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया है। मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर इंद्रकांत के भाई विजय त्रिपाठी ने गृहमंत्री को पत्र भेजकर मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। बताया कि घटना के 10 माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी। ऐसे में पाटीदार को शीघ्र बर्खास्त किया जाए।
धमकी भरी पोस्ट मामले में आरोपियों पर नहीं हुई ठोस कार्रवाई
जेल में बंद सिपाही अरुण यादव के भाइयों द्वारा फेसबुक पर धमकी भरी पोस्ट किए जाने से पीड़ित परिवार परेशान है। विजय ने 21 जुलाई को एसपी सुधा सिंह से शिकायत की थी। इसके बाद आरोपी सिपाही अरुण यादव के भाई नीरज यादव और नीलेश यादव के खिलाफ कबरई थाने में धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
आरोप है कि मामला दर्ज होने के 10 दिन बाद भी पुलिस ने न तो आरोपियों को कोई नोटिस दिया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की। विवेचक एसआई महेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। ड्यूटी पर आने के बाद आरोपियों को नोटिस तामील कराएंगे।
जेल में बंद सिपाही अरुण यादव के भाइयों द्वारा फेसबुक पर धमकी भरी पोस्ट किए जाने से पीड़ित परिवार परेशान है। विजय ने 21 जुलाई को एसपी सुधा सिंह से शिकायत की थी। इसके बाद आरोपी सिपाही अरुण यादव के भाई नीरज यादव और नीलेश यादव के खिलाफ कबरई थाने में धमकी देने की रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
आरोप है कि मामला दर्ज होने के 10 दिन बाद भी पुलिस ने न तो आरोपियों को कोई नोटिस दिया और न ही कोई प्रभावी कार्रवाई की। विवेचक एसआई महेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वह अवकाश पर हैं। ड्यूटी पर आने के बाद आरोपियों को नोटिस तामील कराएंगे।