{"_id":"68bc870375906c873d0cf7c7","slug":"instructions-now-doctors-will-have-to-prescribe-generic-medicines-mahoba-news-c-225-1-mah1001-117775-2025-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"हिदायत: अब डॉक्टरों को लिखनी होंगी जेनेरिक दवाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिदायत: अब डॉक्टरों को लिखनी होंगी जेनेरिक दवाएं
Sun, 07 Sep 2025 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
संवाद न्यूज एजेंसी, महोबा
Updated Sun, 07 Sep 2025 12:39 AM IST
विज्ञापन
महोबा। सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों को अब जेनेरिक दवाएं ही लिखनी होंगी। प्रमुख सचिव के आदेश पर सीएमओ ने सभी चिकित्सा प्रभारियों को जेनरिक और प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र पर उपलब्ध दवाएं लिखने के निर्देश दिए हैं।
प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सीएमओ, समस्त अधीक्षक और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को जेनेरिक दवाओं के संदर्भ में पत्र भेजा है। जिसके अनुसार अब जिले के सरकारी अस्पतालों में निशुल्क दवा वितरित की जा रही हैं। मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान कहा था कि डॉक्टर अगर सिर्फ जेनेरिक दवाएं लिखें तो दवा कंपनियों की रिश्वतखोरी बंद हो सकती है। दवा कंपनियां अत्याधिक और तर्कहीन दवाएं लिखने के लिए डॉक्टरों पर दबाव बनाते हैं। उन्हें खास ब्रांड पर जोर देने के लिए रिश्वत की पेशकश करते हैं। इस पर अंकुश तभी लगेगा जब डॉक्टरों के लिए जेनेरिक दवाएं ही लिखने का वैधानिक आदेश आएगा। हालांकि, पहले भी सरकारी चिकित्सालयों में दवाएं नहीं होने पर चिकित्सकों को जेनेरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए गए थे लेकिन अधिकांश जगह प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालित होने पर भी चिकित्सक ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं लिख रहे हैं। प्रमुख सचिव ने ऐसे चिकित्सक व प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, सीएमओ डॉ. आशाराम का कहना है कि सभी चिकित्सा अधीक्षकों को अवगत कराया जा रहा है। चिकित्सक केंद्रों पर दवा नहीं होने पर जेनेरिक दवा ही लिखेंगे।
विज्ञापन
प्रमुख सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सीएमओ, समस्त अधीक्षक और प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को जेनेरिक दवाओं के संदर्भ में पत्र भेजा है। जिसके अनुसार अब जिले के सरकारी अस्पतालों में निशुल्क दवा वितरित की जा रही हैं। मई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने एक मामले में सुनवाई के दौरान कहा था कि डॉक्टर अगर सिर्फ जेनेरिक दवाएं लिखें तो दवा कंपनियों की रिश्वतखोरी बंद हो सकती है। दवा कंपनियां अत्याधिक और तर्कहीन दवाएं लिखने के लिए डॉक्टरों पर दबाव बनाते हैं। उन्हें खास ब्रांड पर जोर देने के लिए रिश्वत की पेशकश करते हैं। इस पर अंकुश तभी लगेगा जब डॉक्टरों के लिए जेनेरिक दवाएं ही लिखने का वैधानिक आदेश आएगा। हालांकि, पहले भी सरकारी चिकित्सालयों में दवाएं नहीं होने पर चिकित्सकों को जेनेरिक दवाएं लिखने के निर्देश दिए गए थे लेकिन अधिकांश जगह प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालित होने पर भी चिकित्सक ब्रांडेड कंपनियों की दवाएं लिख रहे हैं। प्रमुख सचिव ने ऐसे चिकित्सक व प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है। उधर, सीएमओ डॉ. आशाराम का कहना है कि सभी चिकित्सा अधीक्षकों को अवगत कराया जा रहा है। चिकित्सक केंद्रों पर दवा नहीं होने पर जेनेरिक दवा ही लिखेंगे।
विज्ञापन