फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mahoba News ›   education

कस्तूरबा स्कूलों के सोलह शिक्षकों पर गिर सकती गाज

Tue, 01 Sep 2020 10:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 01 Sep 2020 10:06 PM IST
विज्ञापन
education
महोबा/पनवाड़ी। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में 14 सालों से संविदा पर कार्य कर रहे टीचरों को अब शासन के निर्देश पर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इसके विरोध में कस्तूरबा गांधी के टीचरों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर विरोध जताया और सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस को सौंपा।
विज्ञापन

ज्ञापन में बताया कि विकासखंड कबरई, चरखारी, पनवाड़ी और जैतपुर में वर्ष 2006 से महिला और पुरुष पार्टटाइम शिक्षकों का नवीनीकरण न करने से जिले के 16 पार्टटाइम शिक्षकों को बाहर करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे शिक्षकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। रोजी-रोटी छिनने से नाराज अध्यापकों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। ज्ञापन में बताया कि निदेशक राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ विजय करण आनंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार नवीनीकरण न करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे शिक्षकों में खलबली मच गई है। शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2006 में उनकी नियुक्ति हुई थी।
विज्ञापन

उस समय पार्टटाइम अध्यापक को चार हजार रुपये और फुल टाइम शिक्षक को छह हजार रुपये मिलता था। जो बढ़कर मौजूदा समय में पार्टटाइम शिक्षक को नौ हजार रुपये और फुल टाइम शिक्षक को बीस हजार रुपये कर दिया गया। निदेशक राज्य परियोजना द्वारा भेजे आदेश में विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विषय और गणित विषयों में महिला शिक्षकों को वरीयता दी जा रही है। इन विषयों को न लेने वाले शिक्षकों का नवीनीकरण नहीं हो रहा, जिससे ऐसे जिले के 16 संविदा शिक्षकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में प्रताप कुशवाहा, सावित्री, रेखा अनुरागी समेत तमाम शिक्षक मौजूद थेे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed