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कस्तूरबा स्कूलों के सोलह शिक्षकों पर गिर सकती गाज
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महोबा/पनवाड़ी। जिले के कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में 14 सालों से संविदा पर कार्य कर रहे टीचरों को अब शासन के निर्देश पर बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है। इसके विरोध में कस्तूरबा गांधी के टीचरों ने कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर विरोध जताया और सीएम को संबोधित ज्ञापन एसडीएम कुलपहाड़ मोहम्मद उवैस को सौंपा।
ज्ञापन में बताया कि विकासखंड कबरई, चरखारी, पनवाड़ी और जैतपुर में वर्ष 2006 से महिला और पुरुष पार्टटाइम शिक्षकों का नवीनीकरण न करने से जिले के 16 पार्टटाइम शिक्षकों को बाहर करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे शिक्षकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। रोजी-रोटी छिनने से नाराज अध्यापकों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। ज्ञापन में बताया कि निदेशक राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ विजय करण आनंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार नवीनीकरण न करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे शिक्षकों में खलबली मच गई है। शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2006 में उनकी नियुक्ति हुई थी।
उस समय पार्टटाइम अध्यापक को चार हजार रुपये और फुल टाइम शिक्षक को छह हजार रुपये मिलता था। जो बढ़कर मौजूदा समय में पार्टटाइम शिक्षक को नौ हजार रुपये और फुल टाइम शिक्षक को बीस हजार रुपये कर दिया गया। निदेशक राज्य परियोजना द्वारा भेजे आदेश में विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विषय और गणित विषयों में महिला शिक्षकों को वरीयता दी जा रही है। इन विषयों को न लेने वाले शिक्षकों का नवीनीकरण नहीं हो रहा, जिससे ऐसे जिले के 16 संविदा शिक्षकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में प्रताप कुशवाहा, सावित्री, रेखा अनुरागी समेत तमाम शिक्षक मौजूद थेे।
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ज्ञापन में बताया कि विकासखंड कबरई, चरखारी, पनवाड़ी और जैतपुर में वर्ष 2006 से महिला और पुरुष पार्टटाइम शिक्षकों का नवीनीकरण न करने से जिले के 16 पार्टटाइम शिक्षकों को बाहर करने का रास्ता साफ हो गया है। इससे शिक्षकों के परिवार के सामने आर्थिक संकट पैदा हो गया है। रोजी-रोटी छिनने से नाराज अध्यापकों ने मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। ज्ञापन में बताया कि निदेशक राज्य परियोजना कार्यालय लखनऊ विजय करण आनंद द्वारा जारी आदेश के अनुसार नवीनीकरण न करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे शिक्षकों में खलबली मच गई है। शिक्षकों ने बताया कि वर्ष 2006 में उनकी नियुक्ति हुई थी।
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उस समय पार्टटाइम अध्यापक को चार हजार रुपये और फुल टाइम शिक्षक को छह हजार रुपये मिलता था। जो बढ़कर मौजूदा समय में पार्टटाइम शिक्षक को नौ हजार रुपये और फुल टाइम शिक्षक को बीस हजार रुपये कर दिया गया। निदेशक राज्य परियोजना द्वारा भेजे आदेश में विज्ञान, अंग्रेजी, हिंदी, सामाजिक विषय और गणित विषयों में महिला शिक्षकों को वरीयता दी जा रही है। इन विषयों को न लेने वाले शिक्षकों का नवीनीकरण नहीं हो रहा, जिससे ऐसे जिले के 16 संविदा शिक्षकों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। ज्ञापन देने वालों में प्रताप कुशवाहा, सावित्री, रेखा अनुरागी समेत तमाम शिक्षक मौजूद थेे।
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