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वन अपराध को रोकने के लिए बना व्हाट्सएप ग्रुप
maharaganj
Updated Tue, 05 Dec 2017 12:41 AM IST
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व्हाट्सएप
- फोटो : amar ujala
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सोहगीबरवा। बाल्मीकि टाइगर रिजर्व नेपाल के चितवन राष्ट्रीय निकुंज, परसा और सोहगीबरवा वन आश्रयणी क्षेत्र के वन प्रशासन ने वन अपराध की घटनाओं को रोकने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया है। इसके तहत पेशेवर शिकारियों को चिन्ह्ति कर विशेष सर्च ऑपरेशन शुरू की गई है। ग्रुप के सहयोग से भारत व नेपाल के खुली सीमा पर आपरेशन चलेगा। ग्रुप में वन अपराधियों की पूरी लिस्ट रहेगी। इससे अपराध रोकने में सहूलियत मिलेगी। साथ ही किसी भी आपातकालीन सूचनाओं के आदान प्रदान करने में भी मदद होगी।
ग्रुप के सहयोग से भटके बाघ, गैंडा, हाथी की निगरानी करने में भी मदद होगी। बाल्मीकि टाइगर रिजर्व के निदेशक एस. चन्द्रशेखर ने बताया कि इस व्हाट्सएप ग्रुप से नेपाल के चितवन नेशनल पार्क व परसा और उत्तर प्रदेश के सोहगीबरवा वन आश्रयणी क्षेत्र के अधिकारी तथा बाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मी जोडे़ गए है। बताया कि पेशेवर शिकारी तस्करों और वन अपराधियों के संबंध में ग्रुप के जरिए जानकारी दी जाएगी। इससे सूचनाओं का आदान प्रदान तेजी से होगा। बताया कि दोनों देशों के वन अधिकारी रणनीति तैयार करके बॉर्डर क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाएंगे।
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ग्रुप के सहयोग से भटके बाघ, गैंडा, हाथी की निगरानी करने में भी मदद होगी। बाल्मीकि टाइगर रिजर्व के निदेशक एस. चन्द्रशेखर ने बताया कि इस व्हाट्सएप ग्रुप से नेपाल के चितवन नेशनल पार्क व परसा और उत्तर प्रदेश के सोहगीबरवा वन आश्रयणी क्षेत्र के अधिकारी तथा बाल्मीकि टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मी जोडे़ गए है। बताया कि पेशेवर शिकारी तस्करों और वन अपराधियों के संबंध में ग्रुप के जरिए जानकारी दी जाएगी। इससे सूचनाओं का आदान प्रदान तेजी से होगा। बताया कि दोनों देशों के वन अधिकारी रणनीति तैयार करके बॉर्डर क्षेत्रों में सर्च ऑपरेशन चलाएंगे।
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