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Maharajganj News: पंचायत सहायक के लिए नहीं मिल रहे जनजाति के अभ्यर्थी, 62 पद खाली
Thu, 15 Feb 2024 03:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 15 Feb 2024 03:09 AM IST
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महराजगंज। निचलौल ब्लाॅक के तीन गांवों में पंचायत सहायक पद पर नियुक्ति के लिए अभ्यर्थी ही नहीं मिल रहे हैं। इसका कारण यह है कि नियुक्ति के लिए पात्र ही इन गांवों में नहीं हैं।
ग्राम पंचायत लोहरौली, पिपरा काजी व रामनगर में पंचायत सहायक नियुक्ति के लिए जनजाति वर्ग का आरक्षण हुआ है। अब तक एक भी आवेदन नहीं आया है। इन गांवों के अलावा जिले में पंचायत सहायकों के 62 पद खाली हैं। इससे मिनी सचिवालयों पर ताले लटके हैं। ग्रामीणों कार्य के लिए ब्लाॅक और जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
ग्रामीणों को उनके गांव में ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से हर ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय (पंचायत भवन) का निर्माण कराया गया है। जनपद में 882 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायत भवनों की साज-सज्जा और कंप्यूटर उपकरण, फर्नीचर आदि की व्यवस्था कराकर उसमें एक पंचायत सहायक की तैनाती भी की गई थी। दो साल पहले प्रधान सीट के आरक्षण के आधार पर सहायकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। आवेदन के बाद चयन हुआ था। सहायकों को अनुबंध पत्र जारी करने के बाद उन्हें काम शुरू करने के आदेश दिए गए थे। वर्तमान में जिले में कुल 820 सहायक कार्य कर रहे हैं। प्रधान सीट के आरक्षण के आधार पर निचलौल ब्लाॅक के तीन गांवों से एक भी आवेदन नहीं मिले। इसके अलावा नियुक्ति के बाद कई लोगाें का मोह भंग हो गया और वे इस्तीफा दे दिए।
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हर सचिवालय में दी गई है इंटरनेट की सुविधा
ग्रामीणों को पेंशन, आवास, शुद्ध पेयजल आदि शिकायतों और आवेदनों के लिए ब्लाॅक की दौड़ न लगानी पड़े इसके लिए जिले के सभी 882 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय खोले गए हैं। हर सचिवालय में इंटरनेट की सुविधा दी गई है। फर्नीचर के साथ जरूरी उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पंचायत भवनों से ही गांव के सारे भुगतान करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। बैंक संबंधी कार्यों के लिए बैंक सखी की तैनाती भी की गई है लेकिन पंचायत सहायकों के न होने से ग्रामीणों के काम नहीं हो पा रहे हैं।
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ग्राम पंचायत लोहरौली, पिपरा काजी व रामनगर में पंचायत सहायक नियुक्ति के लिए जनजाति वर्ग का आरक्षण हुआ है। अब तक एक भी आवेदन नहीं आया है। इन गांवों के अलावा जिले में पंचायत सहायकों के 62 पद खाली हैं। इससे मिनी सचिवालयों पर ताले लटके हैं। ग्रामीणों कार्य के लिए ब्लाॅक और जिला मुख्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।
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ग्रामीणों को उनके गांव में ही सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से हर ग्राम पंचायत में मिनी सचिवालय (पंचायत भवन) का निर्माण कराया गया है। जनपद में 882 ग्राम पंचायतें हैं। पंचायत भवनों की साज-सज्जा और कंप्यूटर उपकरण, फर्नीचर आदि की व्यवस्था कराकर उसमें एक पंचायत सहायक की तैनाती भी की गई थी। दो साल पहले प्रधान सीट के आरक्षण के आधार पर सहायकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। आवेदन के बाद चयन हुआ था। सहायकों को अनुबंध पत्र जारी करने के बाद उन्हें काम शुरू करने के आदेश दिए गए थे। वर्तमान में जिले में कुल 820 सहायक कार्य कर रहे हैं। प्रधान सीट के आरक्षण के आधार पर निचलौल ब्लाॅक के तीन गांवों से एक भी आवेदन नहीं मिले। इसके अलावा नियुक्ति के बाद कई लोगाें का मोह भंग हो गया और वे इस्तीफा दे दिए।
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हर सचिवालय में दी गई है इंटरनेट की सुविधा
ग्रामीणों को पेंशन, आवास, शुद्ध पेयजल आदि शिकायतों और आवेदनों के लिए ब्लाॅक की दौड़ न लगानी पड़े इसके लिए जिले के सभी 882 ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय खोले गए हैं। हर सचिवालय में इंटरनेट की सुविधा दी गई है। फर्नीचर के साथ जरूरी उपकरणों की भी व्यवस्था की गई है। इसके अलावा पंचायत भवनों से ही गांव के सारे भुगतान करने के आदेश भी जारी किए गए हैं। बैंक संबंधी कार्यों के लिए बैंक सखी की तैनाती भी की गई है लेकिन पंचायत सहायकों के न होने से ग्रामीणों के काम नहीं हो पा रहे हैं।