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Maharajganj News: सरकार से ले लिया लाखों का रिफंड, जीएसटी टीम ने पकड़ा
Sat, 12 Jul 2025 01:05 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 12 Jul 2025 01:05 AM IST
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नौतनवा। जीएसटी में हेराफेरी कर राजस्व को चूना लगाने का मामला सामने आने पर शुक्रवार को वाराणसी से केंद्रीय जीएसटी की एक टीम नगर पालिका परिषद नौतनवा के गांधी नगर वार्ड में पहुंची।
यहां जीएसटी अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में राजकुमार जायसवाल के घर करीब दो घंटे की जांच-पड़ताल एवं पूछताछ के बाद समन देकर लौट गई। वहीं इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।जीएसटी अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि राजकुमार जायसवाल निवासी गांधी नगर, नौतनवा फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन है। इस फर्म के जरिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रानिक, पेंट, मशीनरी समेत विभिन्न सामग्रियों का फर्जी जीएसटी बिल काट सामान को नेपाल निर्यात दिखाकर सरकार से लाखों रुपये धन वापसी लिया जा रहा था।
मामला उजागर होने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फर्म स्वामी के घर पहुंचा गया। यहां उनकी अनुपस्थिति में उनके पुत्र अजय जायसवाल से पूछताछ किया गया। पूछताछ के दौरान ही बताया गया कि किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा राजकुमार जायसवाल का पैन कार्ड लिया गया है और उसके बदले में उन्हें 10 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता है।
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वहीं इस पूरे हेराफेरी के खेल की जानकारी से फर्म स्वामी ने अपनी अनभिज्ञता जाहिर की। फिलहाल टीम राजकुमार जायसवाल के नाम पर समन जारी कर वापस लौट गई है। जीएसटी अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि पूछताछ में मामला फर्जीवाड़ा से भी जुड़ा हुआ सामने आ रहा है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
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यहां जीएसटी अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में राजकुमार जायसवाल के घर करीब दो घंटे की जांच-पड़ताल एवं पूछताछ के बाद समन देकर लौट गई। वहीं इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी की स्थिति बनी रही।जीएसटी अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव ने बताया कि राजकुमार जायसवाल निवासी गांधी नगर, नौतनवा फर्म का जीएसटी रजिस्ट्रेशन है। इस फर्म के जरिए बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रानिक, पेंट, मशीनरी समेत विभिन्न सामग्रियों का फर्जी जीएसटी बिल काट सामान को नेपाल निर्यात दिखाकर सरकार से लाखों रुपये धन वापसी लिया जा रहा था।
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मामला उजागर होने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर फर्म स्वामी के घर पहुंचा गया। यहां उनकी अनुपस्थिति में उनके पुत्र अजय जायसवाल से पूछताछ किया गया। पूछताछ के दौरान ही बताया गया कि किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा राजकुमार जायसवाल का पैन कार्ड लिया गया है और उसके बदले में उन्हें 10 हजार रुपये प्रतिमाह भुगतान किया जाता है।
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वहीं इस पूरे हेराफेरी के खेल की जानकारी से फर्म स्वामी ने अपनी अनभिज्ञता जाहिर की। फिलहाल टीम राजकुमार जायसवाल के नाम पर समन जारी कर वापस लौट गई है। जीएसटी अधीक्षक आलोक श्रीवास्तव का कहना है कि पूछताछ में मामला फर्जीवाड़ा से भी जुड़ा हुआ सामने आ रहा है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।