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Maharajganj News: भारत से नेपाल में बढ़ी कपड़ों की तस्करी
Mon, 15 Jan 2024 07:53 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 15 Jan 2024 07:53 PM IST
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महराजगंज। रविवार को सोनौली सीमा से सटे रूपनदेही जिले की पुलिस ने एक नेपाली ट्रक से 30 लाख मूल्य के रेडीमेड कपड़ों को बरामद किया था। पूछताछ में पता चला कि भारतीय क्षेत्र से नेपाल में यह कपड़े पहुंचे थे। कपड़ों की इस तस्करी की मुख्य वजह नेपाल कस्टम में लगने वाला भारी भरकम राजस्व और भारत के मिलों से जीएसटी चोरी कर दो नंबर बिल पर लाया जाना है।
नेपाल में आगामी सहालग समेत अन्य त्योहार हैं। इसके कारण नेपाल में कपड़े की मांग बढ़ जाती है। वहीं, नेपाल कपड़ों के लिए काफी हद तक भारत पर आश्रित है। नेपाल में कपड़ों पर कस्टम ड्यूटी अधिक है। इस वजह से भारत की तुलना में नेपाल में कपड़े महंगे मिलते हैं। सरहद पर कड़ाई के बाद नेपाल में कपड़ों की तस्करी तेजी से हो रही है।
सूत्रों के अनुसार, जनपद के नौतनवां, कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, परसा मलिक, ठूठीबारी और निचलौल थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव से कपड़े की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। इसके लिए सोनौली कोतवाली नौतनवा डिग्री काॅलेज के पास बड़े-बड़े अवैध गोदाम बनाए गए हैं। एसएसबी व पुलिस तस्करों को पकड़ भी रही है। इसका असर तस्करों पर कम ही दिख रहा है।
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तस्कर भारतीय बाजारों से कम कीमत पर कपड़ों को खरीदकर नेपाल पहुंचा कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि एसएसबी व पुलिस की गिरफ्त में सिर्फ कैरियर ही आ रहे हैं, जो हजार, पांच सौ रुपये के लिए काम करते हैं, जबकि इससे जुड़े बड़े कारोबारी बेखौफ होकर मुनाफा कमाने में जुटे हैं। जिला पुलिस कार्यालय रूपनदेही के प्रवक्ता, पुलिस उपाधीक्षक डीएसपी मनोहर प्रसाद भट्ट ने बताया कि भारत से नेपाल आए कपड़े समेत अन्य सामान बरामद कर भैरहवा कस्टम कार्यालय बेलहिया भेज दिया गया है।
साइकिल व बाइक से नेपाल पहुंच रहे कपड़े
भारत-नेपाल सीमा हमेशा से काला कारोबार करने वालों के लिए मुफीद रही है। सूत्रों के अनुसार, जिले की 84 किमी खुली सीमा का लाभ उठाकर तस्कर आसानी से कपड़ा पार कर लेते हैं। भारतीय कपड़ा नेपाल में साइकिल बाइक और पिकअप के जरिए पहुंचाया जा रहा है। हाल में जांच के दौरान कई मामले सामने आए हैं।
मुख्य सड़क पर कड़ाई के बाद पगडंडियों से बढ़ी तस्करी
भारत-नेपाल के मुख्य सड़क सोनौली, ठूठीबारी पर कड़ाई के बाद तस्करों ने पगडंडियों का रास्ता पकड़ लिया है। सूत्रों की माने तो एक दिन में करोड़ों रुपये के कपड़े तस्करी के द्वारा नेपाल पहुंचा दिए जा रहे हैं। नौतनवा स्थित ट्रांसपोर्ट में सूरत, गुजरात, दिल्ली, कोलकाता से पकड़े मंगवा कर डंप किए जाते हैं। फिर छोटे वाहनों से दस से 15 बंडल कपड़ों को सीमाओं के निकट गांव में रख दिया जाता है। यहां से कैरियर मौका मिलते ही साइकिल से कपड़ों को नेपाल के सीमावर्ती गांव में पहुंचा देते हैं। वहां ठीक इसी तरह नेपाली गांव में बने गोदाम पर डंप किया जाता है फिर ट्रकों से महानगरों के लिए रवाना किया जाता है।
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नेपाल में आगामी सहालग समेत अन्य त्योहार हैं। इसके कारण नेपाल में कपड़े की मांग बढ़ जाती है। वहीं, नेपाल कपड़ों के लिए काफी हद तक भारत पर आश्रित है। नेपाल में कपड़ों पर कस्टम ड्यूटी अधिक है। इस वजह से भारत की तुलना में नेपाल में कपड़े महंगे मिलते हैं। सरहद पर कड़ाई के बाद नेपाल में कपड़ों की तस्करी तेजी से हो रही है।
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सूत्रों के अनुसार, जनपद के नौतनवां, कोल्हुई, सोनौली, बरगदवा, परसा मलिक, ठूठीबारी और निचलौल थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव से कपड़े की तस्करी बड़े पैमाने पर हो रही है। इसके लिए सोनौली कोतवाली नौतनवा डिग्री काॅलेज के पास बड़े-बड़े अवैध गोदाम बनाए गए हैं। एसएसबी व पुलिस तस्करों को पकड़ भी रही है। इसका असर तस्करों पर कम ही दिख रहा है।
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तस्कर भारतीय बाजारों से कम कीमत पर कपड़ों को खरीदकर नेपाल पहुंचा कर मोटा मुनाफा कमा रहे हैं। सूत्र बता रहे हैं कि एसएसबी व पुलिस की गिरफ्त में सिर्फ कैरियर ही आ रहे हैं, जो हजार, पांच सौ रुपये के लिए काम करते हैं, जबकि इससे जुड़े बड़े कारोबारी बेखौफ होकर मुनाफा कमाने में जुटे हैं। जिला पुलिस कार्यालय रूपनदेही के प्रवक्ता, पुलिस उपाधीक्षक डीएसपी मनोहर प्रसाद भट्ट ने बताया कि भारत से नेपाल आए कपड़े समेत अन्य सामान बरामद कर भैरहवा कस्टम कार्यालय बेलहिया भेज दिया गया है।
साइकिल व बाइक से नेपाल पहुंच रहे कपड़े
भारत-नेपाल सीमा हमेशा से काला कारोबार करने वालों के लिए मुफीद रही है। सूत्रों के अनुसार, जिले की 84 किमी खुली सीमा का लाभ उठाकर तस्कर आसानी से कपड़ा पार कर लेते हैं। भारतीय कपड़ा नेपाल में साइकिल बाइक और पिकअप के जरिए पहुंचाया जा रहा है। हाल में जांच के दौरान कई मामले सामने आए हैं।
मुख्य सड़क पर कड़ाई के बाद पगडंडियों से बढ़ी तस्करी
भारत-नेपाल के मुख्य सड़क सोनौली, ठूठीबारी पर कड़ाई के बाद तस्करों ने पगडंडियों का रास्ता पकड़ लिया है। सूत्रों की माने तो एक दिन में करोड़ों रुपये के कपड़े तस्करी के द्वारा नेपाल पहुंचा दिए जा रहे हैं। नौतनवा स्थित ट्रांसपोर्ट में सूरत, गुजरात, दिल्ली, कोलकाता से पकड़े मंगवा कर डंप किए जाते हैं। फिर छोटे वाहनों से दस से 15 बंडल कपड़ों को सीमाओं के निकट गांव में रख दिया जाता है। यहां से कैरियर मौका मिलते ही साइकिल से कपड़ों को नेपाल के सीमावर्ती गांव में पहुंचा देते हैं। वहां ठीक इसी तरह नेपाली गांव में बने गोदाम पर डंप किया जाता है फिर ट्रकों से महानगरों के लिए रवाना किया जाता है।