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Maharajganj News: पशुपालकों को राहत, बकरियों का भी होगा कृत्रिम गर्भाधान
Thu, 04 Apr 2024 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 04 Apr 2024 01:26 AM IST
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महराजगंज। महराजगंज में बड़ी संख्या में पशुपालक बकरियों का पालन कर रहे हैं। जमुनापारी बकरियों के पालन में जिला आगे बढ़ रहा है। बकरियों की नस्ल सुधारने, इनमें बीमारियां फैलने से रोकने के लिए जनपद में बकरियों का कृत्रिम गर्भाधान जल्द शुरू होने जा रहा है।
जिले में श्वेत क्रांति लाने की सरकार की ओर से प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत जिले में गांव का चयन किया जाना है। इन गांव में दूध व मांस के लिए पाले जाने वाले मवेशियों का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। पशुओं को उत्तम किस्म का सीमन दिया जाएगा। जिले में 30 हजार पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान के लिए 11 माह का समय दिया गया है। पशु चिकित्सा विभाग इन्हें चिन्हित करने में जुटा है। इसके बाद पशुओं को जरूरत के हिसाब से कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। जिले में लाख से ज्यादा गाय, भैंस, बकरी आदि पशु हैं, लेकिन उन्नत किस्त के दुधारू गाय व भैंस ही नहीं बकरियों की भी कमी है। दुग्ध उत्पादन की मांग पूरा करने में जिले के पशु नाकाफी है तथा पैकेट वाले दूध की बिक्री खूब हो रही है, क्योंकि मांग अधिक है। जिले के प्रत्येक में गांव सौ पशुुओं को कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा दी जाएगी। साथ ही विभिन्न रोगों से बचाव के लिए सभी पशुओं का टीकाकरण भी किया जाएगा।
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जिले में श्वेत क्रांति लाने की सरकार की ओर से प्रयास किया जा रहा है। इसी के तहत जिले में गांव का चयन किया जाना है। इन गांव में दूध व मांस के लिए पाले जाने वाले मवेशियों का कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। पशुओं को उत्तम किस्म का सीमन दिया जाएगा। जिले में 30 हजार पशुओं को कृत्रिम गर्भाधान के लिए 11 माह का समय दिया गया है। पशु चिकित्सा विभाग इन्हें चिन्हित करने में जुटा है। इसके बाद पशुओं को जरूरत के हिसाब से कृत्रिम गर्भाधान किया जाएगा। जिले में लाख से ज्यादा गाय, भैंस, बकरी आदि पशु हैं, लेकिन उन्नत किस्त के दुधारू गाय व भैंस ही नहीं बकरियों की भी कमी है। दुग्ध उत्पादन की मांग पूरा करने में जिले के पशु नाकाफी है तथा पैकेट वाले दूध की बिक्री खूब हो रही है, क्योंकि मांग अधिक है। जिले के प्रत्येक में गांव सौ पशुुओं को कृत्रिम गर्भाधान की सुविधा दी जाएगी। साथ ही विभिन्न रोगों से बचाव के लिए सभी पशुओं का टीकाकरण भी किया जाएगा।
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