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Maharajganj News: 75 में महज 10 भवनों का कायाकल्प
Tue, 12 Nov 2024 02:02 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 12 Nov 2024 02:02 AM IST
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महराजगंज। जिले के 12 ब्लॉकों में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प कह रफ्तार सुस्त है। महज दस भवनों में ही काम शुरू हो पाया है। जिम्मेदार इसको लेकर गंभीर नहीं दिखे रहे हैं। इन स्थानों पर लर्निंग लैब बनाए जाएंगे। इसमें बच्चों को स्मार्ट क्लास रूम में शिक्षा दी जाएगी।
जानकारी के अनुसार, जिले के 12 ब्लॉकों में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों में 10 जगहों पर काम पूरा हो चुका है। कार्य तेजी से कराने को लेकर खास गंभीरता नहीं बरती जा रही है। बच्चों की बुनियादी शिक्षा बेहतर ढंग से देने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। केंद्र को आकर्षक बनाया जाएगा। दीवारों पर बेहतर चित्रकारी के साथ बच्चों की पढ़ने लिखने की सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
65 केंद्रों पर निर्माण कार्य अधूरा है। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, वाल पेंटिंग समेत 18 बिंदुओं पर काम कराया जाना है। केंद्रों में दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप की व्यवस्था की जाएगी। इन केद्रों पर बच्चों को अनुपूरक पोषाहार, स्कूल पूर्व शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा देने के लिए शासन ने नई रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत अब आंगनबाड़ी केंद्र को लर्निंग लैब के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्रों की व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। परियोजना विभाग की ओर से 75 केंद्रों पर लर्निंग लैब बनाने का प्लान तैयार किया गया है। इसमें बच्चों के लिए झूले, खिलौने और लर्निंग का सामान दिया जाएगा।
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प्राइमरी स्कूलों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों को माॅडल केंद्र बनाने की तैयारी है। लैब से सुसज्जित केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को रंगों के अलावा पेड़-पौधों, फूल की जानकारी के साथ अक्षर का ज्ञान कराया जाएगा। इसके लिए केंद्रों पर वॉल पेंटिंग भी कराई जाएगी। इसमें बच्चे अक्षर ज्ञान के अलावा स्कूल जाने से पहले संपूर्ण ज्ञान अर्जित कर सकें। कक्षा में ब्लैक बाेर्ड अथवा ग्रीन बोर्ड आदि की सुविधा दी जाएगी। लर्निंग लैब के रूप में जो आंगनबाड़ी केंद्र विकसित होंगे, उससे बच्चों का बौद्धिक विकास भी संभव हो सकेगा।
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जानकारी के अनुसार, जिले के 12 ब्लॉकों में 75 आंगनबाड़ी केंद्रों में 10 जगहों पर काम पूरा हो चुका है। कार्य तेजी से कराने को लेकर खास गंभीरता नहीं बरती जा रही है। बच्चों की बुनियादी शिक्षा बेहतर ढंग से देने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। केंद्र को आकर्षक बनाया जाएगा। दीवारों पर बेहतर चित्रकारी के साथ बच्चों की पढ़ने लिखने की सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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65 केंद्रों पर निर्माण कार्य अधूरा है। स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युतीकरण, वाल पेंटिंग समेत 18 बिंदुओं पर काम कराया जाना है। केंद्रों में दिव्यांग बच्चों के लिए रैंप की व्यवस्था की जाएगी। इन केद्रों पर बच्चों को अनुपूरक पोषाहार, स्कूल पूर्व शिक्षा, टीकाकरण, स्वास्थ्य जांच, पोषण एवं स्वास्थ्य शिक्षा देने के लिए शासन ने नई रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत अब आंगनबाड़ी केंद्र को लर्निंग लैब के रूप में विकसित किया जाएगा। केंद्रों की व्यवस्था दुरुस्त करने के साथ ही आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। परियोजना विभाग की ओर से 75 केंद्रों पर लर्निंग लैब बनाने का प्लान तैयार किया गया है। इसमें बच्चों के लिए झूले, खिलौने और लर्निंग का सामान दिया जाएगा।
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प्राइमरी स्कूलों की तर्ज पर आंगनबाड़ी केंद्रों को माॅडल केंद्र बनाने की तैयारी है। लैब से सुसज्जित केंद्रों में पंजीकृत बच्चों को रंगों के अलावा पेड़-पौधों, फूल की जानकारी के साथ अक्षर का ज्ञान कराया जाएगा। इसके लिए केंद्रों पर वॉल पेंटिंग भी कराई जाएगी। इसमें बच्चे अक्षर ज्ञान के अलावा स्कूल जाने से पहले संपूर्ण ज्ञान अर्जित कर सकें। कक्षा में ब्लैक बाेर्ड अथवा ग्रीन बोर्ड आदि की सुविधा दी जाएगी। लर्निंग लैब के रूप में जो आंगनबाड़ी केंद्र विकसित होंगे, उससे बच्चों का बौद्धिक विकास भी संभव हो सकेगा।