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भारत से चली रामायण सर्किट ट्रेन पहुंची नेपाल के जनकपुर
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भारत से चली रामायण सर्किट ट्रेन नेपाल पहुंची
महराजगंज। भारत की रामायण सर्किट ट्रेन करीब 500 धार्मिक पर्यटकों को लेकर बृहस्पतिवार दोपहर जनकपुर धाम पहुंची। रामायण सर्किट पर चलने वाली भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन अयोध्या, बनारस, प्रयागराज और सीतामढ़ी होते हुए नेपाल-भारत सीमा पर जयनगर से जनकपुर पहुंची। जयनगर से जैसे ही ट्रेन ने नेपाल में प्रवेश किया, विभिन्न स्थानों पर फूलों से उसका स्वागत किया गया। यहां त्रेतायुग में राम और सीता का विवाह हुआ था। उनका विवाह अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र राम और जनकपुर के राजा जनक की पुत्री सीता से हुआ था। भारत सरकार ने रामायण अध्याय में वर्णित सभी स्थानों को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने के लिए रमायण सर्किट तैयार किया है। रामायण सर्किट में नेपाल का जनकपुर भी शामिल है। जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार साल पहले जनकपुर आए थे, तब दोनों देशों के बीच रामायण सर्किट समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। रामायण सर्किट को जोड़ने वाली स्पेशल ट्रेन का सफर दिल्ली से शुरू हो गया है। चूंकि जनकपुर में भी ब्रॉड गेज रेल लिंक है, रामायण सर्किट ट्रेन सीधे जनकपुर पहुंच गई है। नेपाल में मधेश के पर्यटन मंत्री शत्रुघन महतो ने कहा कि पर्यटकों को जानकी मंदिर, धनुषधाम और जनकपुर में दैनिक गंगा आरती में शामिल किया जाएगा। भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन मंगलवार को भारतीय समयानुसार शाम सात बजे नई दिल्ली से जनकपुर के लिए रवाना हुई थी। ट्रेन के दो डिब्बों को विशेष रूप से योग से संबंधित चित्रों और सामग्रियों से सजाया गया है। ट्रेन में 14 कोच हैं। कुछ बोगियों के बाहरी हिस्से को भारत के विभिन्न शास्त्रीय और लोक नृत्यों, वेशभूषा, त्योहारों और व्यंजनों को बढ़ावा देने वाली सामग्रियों से सजाया गया है।
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महराजगंज। भारत की रामायण सर्किट ट्रेन करीब 500 धार्मिक पर्यटकों को लेकर बृहस्पतिवार दोपहर जनकपुर धाम पहुंची। रामायण सर्किट पर चलने वाली भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन अयोध्या, बनारस, प्रयागराज और सीतामढ़ी होते हुए नेपाल-भारत सीमा पर जयनगर से जनकपुर पहुंची। जयनगर से जैसे ही ट्रेन ने नेपाल में प्रवेश किया, विभिन्न स्थानों पर फूलों से उसका स्वागत किया गया। यहां त्रेतायुग में राम और सीता का विवाह हुआ था। उनका विवाह अयोध्या के राजा दशरथ के पुत्र राम और जनकपुर के राजा जनक की पुत्री सीता से हुआ था। भारत सरकार ने रामायण अध्याय में वर्णित सभी स्थानों को धार्मिक पर्यटन से जोड़ने के लिए रमायण सर्किट तैयार किया है। रामायण सर्किट में नेपाल का जनकपुर भी शामिल है। जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चार साल पहले जनकपुर आए थे, तब दोनों देशों के बीच रामायण सर्किट समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे। रामायण सर्किट को जोड़ने वाली स्पेशल ट्रेन का सफर दिल्ली से शुरू हो गया है। चूंकि जनकपुर में भी ब्रॉड गेज रेल लिंक है, रामायण सर्किट ट्रेन सीधे जनकपुर पहुंच गई है। नेपाल में मधेश के पर्यटन मंत्री शत्रुघन महतो ने कहा कि पर्यटकों को जानकी मंदिर, धनुषधाम और जनकपुर में दैनिक गंगा आरती में शामिल किया जाएगा। भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन मंगलवार को भारतीय समयानुसार शाम सात बजे नई दिल्ली से जनकपुर के लिए रवाना हुई थी। ट्रेन के दो डिब्बों को विशेष रूप से योग से संबंधित चित्रों और सामग्रियों से सजाया गया है। ट्रेन में 14 कोच हैं। कुछ बोगियों के बाहरी हिस्से को भारत के विभिन्न शास्त्रीय और लोक नृत्यों, वेशभूषा, त्योहारों और व्यंजनों को बढ़ावा देने वाली सामग्रियों से सजाया गया है।