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समस्याओं का निस्तारण शीघ्र किया जाए
ब्यूरो/अमर उजाला महराजगंज
Updated Tue, 25 Oct 2016 12:20 AM IST
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संविदा कर्मियों की समस्याओं के निवारण के संबंध में सोमवार को आदर्श साक्षरता कर्मी वेलफेयर एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष ने राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन डीएम को दिया। जिलाध्यक्ष प्रमोद द्विवेदी ने बताया कि साक्षर भारत मिशन के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर एक महिला व एक पुरुष प्रेरक दो हजार रुपये प्रतिमाह तथा ब्लाक एवं जिला समन्वयक छह हजार प्रतिमाह के रूप में नियुक्त 2010-11 में की गई।
उन्होंने बताया कि इसके पूर्व भी साक्षरता के क्षेत्र में योजनाओं को स्वरूप बदलकर कई दशक से इन्हीं कर्मचारियों से कार्य लिया जाता रहा है। वर्तमान में साक्षरता कर्मियों द्वारा प्रौढ़ों का साक्षर करने के साथ ही बेसिक साक्षरता, विधिक साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, चुनावी साक्षरता, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता के कार्यक्रम गांव-गांव संचालित किए जाते है। इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रचार प्रसार तथा क्रियान्वयन भी साक्षरता कर्मियों के माध्यम से किया जाता है। किंतु इन साक्षरता कर्मियों के भविष्य के बारे में राज्य सरकार कोई ध्यान नहीं दिया है। ऐसी स्थिति में परिवार भुखमरी के कगार पर है। कम मानदेय होने के कारण बच्चों की शिक्षा भी ठीक से नहीं हो पा रही है। उन्होंने उक्त समस्याओं का निराकरण की मांग किया है।
इस दौरान अजय कुमार पटेल, रजनीश शर्मा, वेद प्रकाश, प्रियंका पांडेय, अभिमंयु मिश्र, सुग्रीव गुप्ता, अंगद कुमार, महेन्द्र गुप्ता, हेमंत कुमार पांडेय, राजेश साहनी के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।
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उन्होंने बताया कि इसके पूर्व भी साक्षरता के क्षेत्र में योजनाओं को स्वरूप बदलकर कई दशक से इन्हीं कर्मचारियों से कार्य लिया जाता रहा है। वर्तमान में साक्षरता कर्मियों द्वारा प्रौढ़ों का साक्षर करने के साथ ही बेसिक साक्षरता, विधिक साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, चुनावी साक्षरता, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता कार्यक्रम के अंतर्गत जागरूकता के कार्यक्रम गांव-गांव संचालित किए जाते है। इसके साथ ही केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का प्रचार प्रसार तथा क्रियान्वयन भी साक्षरता कर्मियों के माध्यम से किया जाता है। किंतु इन साक्षरता कर्मियों के भविष्य के बारे में राज्य सरकार कोई ध्यान नहीं दिया है। ऐसी स्थिति में परिवार भुखमरी के कगार पर है। कम मानदेय होने के कारण बच्चों की शिक्षा भी ठीक से नहीं हो पा रही है। उन्होंने उक्त समस्याओं का निराकरण की मांग किया है।
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इस दौरान अजय कुमार पटेल, रजनीश शर्मा, वेद प्रकाश, प्रियंका पांडेय, अभिमंयु मिश्र, सुग्रीव गुप्ता, अंगद कुमार, महेन्द्र गुप्ता, हेमंत कुमार पांडेय, राजेश साहनी के अलावा तमाम लोग उपस्थित रहे।
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