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Maharajganj News: ओवरहेड टैंक बना शो पीस, निर्माण के चार साल बाद भी नहीं मिल रहा पेयजल
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2.50 करोड़ की लागत से जलकल विभाग की ओर से बनवाया गया था ओवरहेड टैंक
आधी आबादी को भी नहीं मिल रहा शुद्ध पेयजल, पाइप लाइन में 20 जगह लीकेज से हो रही परेशानी
सिंदुरिया। मिठौरा की ग्रामसभा सिंदुरिया व मिठौरा में करीब 2.50 करोड़ की लागत से जलकल विभाग की ओर से बनवाया गया ओवरहेड टैंक ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा पाने में अक्षम साबित हो रहा है। विभाग ने वर्ष 2015 में 450 किलोलीटर क्षमता वाली इस टंकी का निर्माण शुरू कराया था। इसे तैयार होने में चार साल का समय लगा। 2019 में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी दोनों ग्रामसभाओं के लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, अकेले सिंदुरिया ग्रामसभा की आबादी करीब 15 हजार है। इसमें पांच टोले भगवानपुर, सड़क टोला, मुरलीबारी, मंगलापुर और सिंदुरिया खास शामिल हैं। जलकल विभाग के ओवरहेड टैंक से सिंदुरिया गांव की आधी आबादी को ही पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। गांव में जहां लोगों को पानी मिल रहा है वहां पाइप लाइनों में लगभग 20 जगह लीकेज है। ग्राम प्रधान केशव यादव ने बताया कि जबसे पानी की सप्लाई शुरू हुई, पानी की एक बूंद भी उनके घर को मयस्सर नहीं हुई है। वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य घनश्याम पटेल ने बताया कि पानी कब आता है, पता ही नहीं चलता। पानी सप्लाई का यहां कोई समय निर्धारित नहीं है। टंकी के कैंपस में बने आवास के इर्द-गिर्द गंदगी का अंबार लगा है।
ग्रामवासी पंकज शर्मा, सुरेश, उमेश, अमरजीत, गोरख, हरीशचंद्र, ब्रजेश, काशी आदि का कहना है कि टोटी से पानी निकलने की रफ्तार इतनी कम है कि एक बाल्टी पानी भरने में घंटों लग जाते हैं। ठीक यही हालत मिठौरा का भी है। महराजगंज-निचलौल रोड के चौड़ीकरण का काम शुरू होते ही यहां जलकल की पाइप लाइनें टूट गईं, जिसे आज तक विभाग ठीक नहीं करवा पाया। मिठौरा ग्रामसभा की आबादी तीन टोलों में बंटी हैं। इनमें सिर्फ टंकी के आसपास की आबादी को ही पानी मिल पा रहा है। गांव की शेष आबादी शुद्ध पेयजल से वंचित है।
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वर्जन
समस्या संज्ञान में है। इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
-विनोद वर्मा, अधिशासी अभियंता, जलकल विभाग
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आधी आबादी को भी नहीं मिल रहा शुद्ध पेयजल, पाइप लाइन में 20 जगह लीकेज से हो रही परेशानी
सिंदुरिया। मिठौरा की ग्रामसभा सिंदुरिया व मिठौरा में करीब 2.50 करोड़ की लागत से जलकल विभाग की ओर से बनवाया गया ओवरहेड टैंक ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध करा पाने में अक्षम साबित हो रहा है। विभाग ने वर्ष 2015 में 450 किलोलीटर क्षमता वाली इस टंकी का निर्माण शुरू कराया था। इसे तैयार होने में चार साल का समय लगा। 2019 में निर्माण कार्य पूरा होने के बाद भी दोनों ग्रामसभाओं के लोगों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, अकेले सिंदुरिया ग्रामसभा की आबादी करीब 15 हजार है। इसमें पांच टोले भगवानपुर, सड़क टोला, मुरलीबारी, मंगलापुर और सिंदुरिया खास शामिल हैं। जलकल विभाग के ओवरहेड टैंक से सिंदुरिया गांव की आधी आबादी को ही पानी की सप्लाई नहीं हो पा रही है। गांव में जहां लोगों को पानी मिल रहा है वहां पाइप लाइनों में लगभग 20 जगह लीकेज है। ग्राम प्रधान केशव यादव ने बताया कि जबसे पानी की सप्लाई शुरू हुई, पानी की एक बूंद भी उनके घर को मयस्सर नहीं हुई है। वहीं पूर्व जिला पंचायत सदस्य घनश्याम पटेल ने बताया कि पानी कब आता है, पता ही नहीं चलता। पानी सप्लाई का यहां कोई समय निर्धारित नहीं है। टंकी के कैंपस में बने आवास के इर्द-गिर्द गंदगी का अंबार लगा है।
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ग्रामवासी पंकज शर्मा, सुरेश, उमेश, अमरजीत, गोरख, हरीशचंद्र, ब्रजेश, काशी आदि का कहना है कि टोटी से पानी निकलने की रफ्तार इतनी कम है कि एक बाल्टी पानी भरने में घंटों लग जाते हैं। ठीक यही हालत मिठौरा का भी है। महराजगंज-निचलौल रोड के चौड़ीकरण का काम शुरू होते ही यहां जलकल की पाइप लाइनें टूट गईं, जिसे आज तक विभाग ठीक नहीं करवा पाया। मिठौरा ग्रामसभा की आबादी तीन टोलों में बंटी हैं। इनमें सिर्फ टंकी के आसपास की आबादी को ही पानी मिल पा रहा है। गांव की शेष आबादी शुद्ध पेयजल से वंचित है।
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वर्जन
समस्या संज्ञान में है। इस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
-विनोद वर्मा, अधिशासी अभियंता, जलकल विभाग