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Maharajganj News: चार शिक्षकों को अतिरिक्त वेतन वृद्धि मामले में 1.82 लाख रुपये की रिकवरी का नोटिस जारी
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दो साल से दिया जा रहा था अतिरिक्त वेतन का लाभ
62,200 रुपये प्रतिमाह की वजाए 64,100 किया जा रहा था भुगतान
शिकायत जांच में पकड़ी गई वित्त विभाग की गड़बड़ी, बीईओ को भेजा गया नोटिस
महराजगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में जिले का निजाम बदलते ही गड़बड़ियों का पुलिंदा खुलने लगा है। विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी पनियरा के चार शिक्षकों को बिना अहर्ता पूरी किए ही अतिरिक्त वेतन लाभ दे रहे थे। शिकायत पर हुई जांच में राजफाश हुआ तो अब पनियरा बीईओ को नोटिस जारी कर रिकवरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा अब तक बीएसए रिद्धि पांडेय के हवाले रहा। पिछले दिनों उनका स्थानांतरण सोनभद्र डायट हुआ तो जिले में बीएसए के रूप में सुरजीत सिंह को जिम्मेदारी मिली। बीएसए पद पर काबिज होते ही उन्होंने एक शिकायत की जांच में पनियरा के चार शिक्षकों को अतिरिक्त वेतन लाभ देने का मामला पकड़ लिया। विभाग इन चार शिक्षकों को 1.82 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान किया था। अब वित्त एवं लेखाधिकारी ने अपना गला छुड़ाने के लिए बीईओ पनियरा को नोटिस देकर रिकवरी कराने को कहा है।
यह है मामला
पनियरा के प्राथमिक स्कूल घोठही के राजेश कुमार ने मार्च 2026 में शिकायती पत्र देकर ब्लॉक के चार तैनात परिषदीय शिक्षक रवि, संजय पासवान, राम लक्ष्मण व रामभवन को अतिरिक्त वेतन वृद्धि लाभ देने का आरोप लगाया। जांच में पाया गया कि उक्त चारों को अतिरिक्त वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दो साल से दिया जा रहा था। पाया गया कि इन्हें 64,100 रुपये प्रति माह भुगतान किया गया जबकि 62,200 ही इनको मिलने चाहिए थे। इस गड़बड़ी से विभाग को 1.82 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मामला साफ होने पर वित्त एवं लेखाधिकारी अबरार आलम ने बीईओ पनियरा की आख्या को आधार बताकर रिकवरी नोटिस जारी कर पल्ला झाड़ दिया, लेकिन क्या बेसिक शिक्षा का वित्त विभाग सिर्फ बीईओ की आख्या पर वेतन निर्धारित व जारी कर देता है?
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बर्खास्त शिक्षकों का एक वर्ष बाद भी नहीं जोड़ सके हिसाब
जनपद में 2016 से लेकर 2025 तक 22 शिक्षकों पर फर्जी व कूटरचित दस्तावेज पर नौकरी करने का आरोप सिद्ध हुआ है। जिसके बाद उन्हें बर्खास्त किया गया। इन सभी शिक्षकों पर 2024 व 2025 में सदर कोतवाली में धोखाधड़ी का अभियोग पंजीकृत कराया गया लेकिन बेसिक का वित्त एवं लेखा विभाग अब तक यह रिपोर्ट नहीं दे सका कि बर्खास्त शिक्षकों को कितने रुपये वेतन भत्ते के रूप में विभाग ने दिया जिसकी रिकवरी की जा सके।
वर्जन
पनियरा के कुछ शिक्षक बिना अहर्ता के वार्षिक वेतन वृद्धि लाभ पिछले दो वर्ष से ले रहे थे। मामले में वित्त विभाग ने प्राथमिक चरण में रिकवरी नोटिस जारी किया है। यह जांच किया जाएगा कि इस प्रकरण में दोषी कौन है। इसके बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
-सुरजीत सिंह, बीएसए, महराजगंज।
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62,200 रुपये प्रतिमाह की वजाए 64,100 किया जा रहा था भुगतान
शिकायत जांच में पकड़ी गई वित्त विभाग की गड़बड़ी, बीईओ को भेजा गया नोटिस
महराजगंज। बेसिक शिक्षा विभाग में जिले का निजाम बदलते ही गड़बड़ियों का पुलिंदा खुलने लगा है। विभाग के वित्त एवं लेखाधिकारी पनियरा के चार शिक्षकों को बिना अहर्ता पूरी किए ही अतिरिक्त वेतन लाभ दे रहे थे। शिकायत पर हुई जांच में राजफाश हुआ तो अब पनियरा बीईओ को नोटिस जारी कर रिकवरी कराने के निर्देश दिए गए हैं।
बेसिक शिक्षा अब तक बीएसए रिद्धि पांडेय के हवाले रहा। पिछले दिनों उनका स्थानांतरण सोनभद्र डायट हुआ तो जिले में बीएसए के रूप में सुरजीत सिंह को जिम्मेदारी मिली। बीएसए पद पर काबिज होते ही उन्होंने एक शिकायत की जांच में पनियरा के चार शिक्षकों को अतिरिक्त वेतन लाभ देने का मामला पकड़ लिया। विभाग इन चार शिक्षकों को 1.82 लाख रुपये अतिरिक्त भुगतान किया था। अब वित्त एवं लेखाधिकारी ने अपना गला छुड़ाने के लिए बीईओ पनियरा को नोटिस देकर रिकवरी कराने को कहा है।
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यह है मामला
पनियरा के प्राथमिक स्कूल घोठही के राजेश कुमार ने मार्च 2026 में शिकायती पत्र देकर ब्लॉक के चार तैनात परिषदीय शिक्षक रवि, संजय पासवान, राम लक्ष्मण व रामभवन को अतिरिक्त वेतन वृद्धि लाभ देने का आरोप लगाया। जांच में पाया गया कि उक्त चारों को अतिरिक्त वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ दो साल से दिया जा रहा था। पाया गया कि इन्हें 64,100 रुपये प्रति माह भुगतान किया गया जबकि 62,200 ही इनको मिलने चाहिए थे। इस गड़बड़ी से विभाग को 1.82 लाख रुपये का नुकसान हुआ। मामला साफ होने पर वित्त एवं लेखाधिकारी अबरार आलम ने बीईओ पनियरा की आख्या को आधार बताकर रिकवरी नोटिस जारी कर पल्ला झाड़ दिया, लेकिन क्या बेसिक शिक्षा का वित्त विभाग सिर्फ बीईओ की आख्या पर वेतन निर्धारित व जारी कर देता है?
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बर्खास्त शिक्षकों का एक वर्ष बाद भी नहीं जोड़ सके हिसाब
जनपद में 2016 से लेकर 2025 तक 22 शिक्षकों पर फर्जी व कूटरचित दस्तावेज पर नौकरी करने का आरोप सिद्ध हुआ है। जिसके बाद उन्हें बर्खास्त किया गया। इन सभी शिक्षकों पर 2024 व 2025 में सदर कोतवाली में धोखाधड़ी का अभियोग पंजीकृत कराया गया लेकिन बेसिक का वित्त एवं लेखा विभाग अब तक यह रिपोर्ट नहीं दे सका कि बर्खास्त शिक्षकों को कितने रुपये वेतन भत्ते के रूप में विभाग ने दिया जिसकी रिकवरी की जा सके।
वर्जन
पनियरा के कुछ शिक्षक बिना अहर्ता के वार्षिक वेतन वृद्धि लाभ पिछले दो वर्ष से ले रहे थे। मामले में वित्त विभाग ने प्राथमिक चरण में रिकवरी नोटिस जारी किया है। यह जांच किया जाएगा कि इस प्रकरण में दोषी कौन है। इसके बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
-सुरजीत सिंह, बीएसए, महराजगंज।