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Maharajganj News: जांच न दवा, सीएचसी से मात्र छह मिनट में रेफर, चलते ऑटो में हुआ प्रसव

Sat, 13 Jun 2026 01:54 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sat, 13 Jun 2026 01:54 AM IST
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No tests or medication; referred from the CHC in just six minutes delivery took place in a moving auto-rickshaw.
प्रसव के बाद नवजात के साथ नौतनवा स्थित महिला अस्पताल में भर्ती महिला सरिता एवं मौजूद महिला के प
स्टाफ नर्स पर बिना जांच के रेफर करने का आरोप, रतनपुर सीएचसी लेकर पहुंचे थे परिजन
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रतनपुर सीएचसी का मामला, दो माह से सीएचसी से चल रहा था प्रसूता का इलाज
नौतनवा। महिला डॉक्टर न होने के कारण जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मात्र रेफरल सेंटर बन कर रह गए हैं। शुक्रवार को इसी तरह का मामला रतनपुर सीएचसी में देखने को मिला। अमहवा निवासी एक प्रसव पीड़िता कराहते हुए ऑटो से रतनपुर सीएचसी पहुंची। आरोप है कि यहां पर बिना किसी जांच के मात्र छह मिनट में औपचारिकता पूरी कर उसे रेफर कर दिया गया। परिजन उसे दूसरे अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसने बच्चे को जन्म दिया। फिलहाल बच्चे की हालत गंभीर है।
जानकारी के अनुसार, क्षेत्र के अमहवा निवासी रवींद्र ने बताया कि उनकी गर्भवती पत्नी सरिता दो माह से रतनपुर सीएचसी में इलाज करवा रही थीं। शुक्रवार की सुबह करीब 7 बजे सरिता को प्रसव पीड़ा होने लगी। वह तत्काल पत्नी को एक ऑटो से अपनी सास सरस्वती एवं गांव की कुछ अन्य महिलाओं को साथ लेकर रतनपुर सीएचसी पहुंचे। आरोप है कि यहां तैनात एक स्टाफ नर्स ने पहुंचते ही कहा कि मरीज की स्थिति बहुत नाजुक है, उसे अच्छे अस्पताल ले जाने की जरूरत है। इसके बाद स्टाफ नर्स ने प्रसूता को अस्पताल से रेफर कर दिया।
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घबराए परिजन वहां से ऑटो से ही लेकर प्रसूता को नेपाल में डिलीवरी कराने के लिए निकल पड़े। इसी बीच सोनौली पहुंचने से पहले ही असहनीय पीड़ा होने लगी। साथ में मौजूद महिलाओं की मदद से रास्ते में ही प्रसूता ने चलती ऑटो में एक बच्चे को जन्म दिया। इसके बाद परिजन वापस ऑटो लेकर सीएचसी नौतनवा पहुंचे यहां भी कोई महिला चिकित्सक मौजूद नहीं मिली।
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मजबूरी में परिजनों ने प्रसूता को कस्बे में स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया। जब रवींद्र से एंबुलेंस की बजाए ऑटो से प्रसूता को ले जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पत्नी दर्द से कराह रही थी ऐसे में कुछ सूझ नहीं रहा था। एंबुलेंस का इंतजार कब तक करता।

इस संबंध में निजी अस्पताल की डॉ. रेशमा खातून का कहना है कि समय से पहले प्रसव होने के कारण बच्चे का स्वास्थ्य खराब है, जिसे रेफर किया गया है।

सीएचसी में नहीं है महिला डॉक्टर
रतनपुर सीएचसी में महिला रोग विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है। इसके चलते यहां पहुंचने वाली गर्भवती महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। स्त्री रोग विशेषज्ञ नहीं होने के कारण ऑपरेशन नहीं हो पाता है। सीएचसी में एंबुलेंस की व्यवस्था तो है।

वर्जन
मामले की जानकारी नहीं है। यदि किसी भी स्वास्थ्य कर्मी द्वारा इस तरह की लापरवाही की गई है तो उसकी जांच कराकर विधिक कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।
-डॉ. सुरेंद्र कुमार, प्रभारी चिकित्साधिकारी रतनपुर
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प्रसव पीड़िता को सीएचसी से रेफर करने की जानकारी नहीं है। इस मामले की जांच कराई जाएगी। परिजनों को एंबुलेंस से प्रसव पीड़िता को ले जाना चाहिए था। -डॉ. नवनाथ प्रसाद, सीएमओ
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