{"_id":"68556e6b46b7dbb40703ddc2","slug":"leopards-footprints-seen-in-baspar-dhekhi-village-panic-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-152421-2025-06-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: बासपार ढेकही गांव में दिखा तेंदुए का पदचिह्न, दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: बासपार ढेकही गांव में दिखा तेंदुए का पदचिह्न, दहशत
Fri, 20 Jun 2025 07:51 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 20 Jun 2025 07:51 PM IST
विज्ञापन
घुघली। क्षेत्र के बासपार ढेकही गांव में तेंदुआ बीते दिनों दिखा था। शुक्रवार को गांव के लोग दहशत में रहे, लेकिन तेंदुए का कही पता नहीं चला। वन विभाग की टीम भी ढूंढ़ रही है। दूसरी ओर गांव के लोगों का कहना है कि तेंदुआ कहीं से भी आ सकता है। लोग खेतों की ओर जाने के दौरान दहशत में रहे।
तेंदुए का पद चिह्न देखकर ग्रामीणों को आशंका है कि वह इसी क्षेत्र में रिहायशी इलाकों में ही शिकार की तलाश में इधर-उधर घूम रहा है। इसको लेकर क्षेत्र के ढेकहीं गांव ही नहीं अपितु मठिया, मंगलपुर पटखौली, बेलवा तिवारी, बांसपार मिश्र, अमसहा, अमसही, शीतलापुर, मेदनीपुर, चौमुखा सहित दर्जन भर गांवों में दहशत का माहौल है।
20 दिन पहले मेदनीपुर ग्राम सभा के नारायन टोला के बगीचे में ग्रामीणों ने एक साथ तेंदुए के दो शावकों को देखा था। तब भी लोग यही कह रहे थे कि इन शावकों के साथ मादा तेंदुआ भी होगी। डिप्टी रेंजर कासिम अली का कहना है कि शावक या तेंदुआ होता तो किसी जानवर को शिकार जरूर बनाता। डेढ़ माह हो गए, अभी तक किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है। टीम लगा दी गई है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
तेंदुए का पद चिह्न देखकर ग्रामीणों को आशंका है कि वह इसी क्षेत्र में रिहायशी इलाकों में ही शिकार की तलाश में इधर-उधर घूम रहा है। इसको लेकर क्षेत्र के ढेकहीं गांव ही नहीं अपितु मठिया, मंगलपुर पटखौली, बेलवा तिवारी, बांसपार मिश्र, अमसहा, अमसही, शीतलापुर, मेदनीपुर, चौमुखा सहित दर्जन भर गांवों में दहशत का माहौल है।
विज्ञापन
20 दिन पहले मेदनीपुर ग्राम सभा के नारायन टोला के बगीचे में ग्रामीणों ने एक साथ तेंदुए के दो शावकों को देखा था। तब भी लोग यही कह रहे थे कि इन शावकों के साथ मादा तेंदुआ भी होगी। डिप्टी रेंजर कासिम अली का कहना है कि शावक या तेंदुआ होता तो किसी जानवर को शिकार जरूर बनाता। डेढ़ माह हो गए, अभी तक किसी नुकसान की सूचना नहीं मिली है। टीम लगा दी गई है। संवाद
विज्ञापन