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Maharajganj News: कोटेदार पर कालाबाजारी का आरोप गोदाम से 66 क्विंटल अनाज गायब

Wed, 11 Mar 2026 02:37 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 02:37 AM IST
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Kotedar accused of black marketing, 66 quintals of grain missing from warehouse
परतावल। विकास खंड के ग्राम पंचायत कोटवा में उचित दर दुकान से जुड़े खाद्यान्न के कथित गबन और कालाबाजारी का मामला सामने आया है। जांच में स्टॉक के अनुरूप खाद्यान्न न मिलने पर पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर कोटेदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत कोटवा के उचित दर की दुकान के कोटेदार जुगुल किशोर के विरुद्ध जांच के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर 18 अगस्त 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। नोटिस के माध्यम से विक्रेता को आरोपों के संबंध में अभिलेखीय साक्ष्य और पिछले दो माह का स्टॉक रजिस्टर 15 दिन के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।
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कोटेदार ने 9 अक्टूबर 2025 को नोटरी शपथ पत्र के साथ लिखित स्पष्टीकरण और दो माह के स्टॉक रजिस्टर की छायाप्रति प्रस्तुत की। इस स्पष्टीकरण की जांच क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी से कराई गई लेकिन प्रस्तुत स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी की आख्या के आधार पर 24 जनवरी 2026 को कोटेदार जुगुल किशोर की उचित दर दुकान का अनुबंध निलंबित कर दिया गया।
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साथ ही ग्राम पंचायत कोटवा के कार्डधारकों को ग्राम पंचायत पिपरिया के उचित दर विक्रेता राजेंद्र प्रसाद की दुकान से संबद्ध कर दिया गया। निलंबन के बाद जुगुल किशोर को निर्देश दिया गया कि वह समस्त योजनाओं का खाद्यान्न, गोदाम में बचा स्टॉक, ई-पॉस मशीन, ई-वेइंग मशीन और अन्य उपकरण संबद्ध विक्रेता को सौंप दें।
इसी बीच संबद्ध विक्रेता राजेंद्र प्रसाद ने 25 फरवरी 2026 को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया कि निलंबित विक्रेता ने दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 का बचा हुआ खाद्यान्न उपलब्ध नहीं कराया है। शिकायत के आधार पर छह मार्च 2026 की शाम करीब पांच बजे पूर्ति विभाग की टीम ने ग्राम पंचायत कोटवा स्थित गोदाम का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कोटेदार के पिता चंद्रिका मौके पर मौजूद मिले। उन्होंने गोदाम खोलकर दिखाया और बताया कि यही गोदाम है तथा यहीं दो कमरों में कोटे का खाद्यान्न रखा जाता था लेकिन निरीक्षण के समय दोनों कमरे पूरी तरह खाली पाए गए।
विभागीय वेबसाइट के ऑनलाइन स्टॉक से मिलान करने पर पाया गया कि गोदाम में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 का कुल 26.25 क्विंटल गेहूं तथा 39.7294 क्विंटल चावल अवशेष होना चाहिए था लेकिन मौके पर एक भी बोरी खाद्यान्न नहीं मिला।
पूर्ति विभाग के अनुसार निलंबित कोटेदार ने अवशेष खाद्यान्न संबद्ध विक्रेता को उपलब्ध न कराकर उसकी कालाबाजारी की है। यह कृत्य उत्तर प्रदेश आवश्यक वस्तु (विक्रय एवं वितरण नियंत्रण का विनियमन) आदेश 2016 तथा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन है और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है।

जिलाधिकारी के आदेश के आदेश पर निलंबित कोटेदार के खिलाफ पूर्ति निरीक्षक बृजेश कुमार पांडेय ने थाना श्यामदेउरवा थाना में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई है। थानाध्यक्ष अभिषेक सिंह ने बताया कि पूर्ति निरीक्षक की शिकायत पर कोटेदार जुगुल किशोर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
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