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होम्योपैथ अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी
Thu, 21 Feb 2019 12:43 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 21 Feb 2019 12:43 AM IST
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होम्योपैथ अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले में स्थित 26 होम्योपैथ अस्पतालों में चिकित्सकों में कमी है। जिसका खामियाजा मरीजों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है। अधिकांश होम्योपैथ अस्पताल फॉर्मासिस्ट के भरोसे संचालित हो रहे हैं। हालत यह है कि 26 अस्पतालों में मात्र पांच चिकित्सकों की ही तैनाती की गई है।
जिले में स्थित होम्योपैथ अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हालत यह है कि जिन अस्पतालों में चिकित्सक तैनात हैं, वहां समय से अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। जहां डॉक्टर तैनात हैं, वहां भी समय से नहीं पहुंचते हैं। जिले के 26 अस्पतालों में से 21 में डॉक्टरों की तैनाती ही नहीं है। वहां मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सरकारी होम्योपैथ अस्पतालों में इलाज की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को निजी चिकित्सकों का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ रहा है। जिले के नौतनवां, फरेंदा, गोधवल, खुशहालनगर, घुघली में ही चिकित्सकों की तैनाती है। इनमें से चार चिकित्सकों के पास एक-एक अस्पताल का अतिरिक्त प्रभार भी है। वहीं नौतनवां में तैनात डॉक्टर के पास जिला होम्योपैथ अधिकारी का प्रभार है। पिपरपाती, भिटौली, लक्ष्मीपुर एकडंगा, बरियारपुर, चिउटहां, सिसवां, कटहरी, झुलनीपुर, सिंदुरिया, पिपरवास, ताल्ही, समरधीरा, कांध, औसानी, बारगाहपुर, बृजमनगंज, जिला मुख्यालय स्थित होम्योपैथ अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। यह अस्पताल फॉर्मासिस्टों के भरोसे चल रहे हैं।जिला होम्योपैथ अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के बारे में विभाग की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है। उपलब्ध संसाधनों के सहारे ही बेहतर कार्य करने की कोशिश की जा रही है।
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जिले में स्थित होम्योपैथ अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। हालत यह है कि जिन अस्पतालों में चिकित्सक तैनात हैं, वहां समय से अस्पताल नहीं पहुंच रहे हैं। जहां डॉक्टर तैनात हैं, वहां भी समय से नहीं पहुंचते हैं। जिले के 26 अस्पतालों में से 21 में डॉक्टरों की तैनाती ही नहीं है। वहां मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सरकारी होम्योपैथ अस्पतालों में इलाज की बेहतर व्यवस्था न होने के कारण मरीजों को निजी चिकित्सकों का सहारा लेने के लिए विवश होना पड़ रहा है। जिले के नौतनवां, फरेंदा, गोधवल, खुशहालनगर, घुघली में ही चिकित्सकों की तैनाती है। इनमें से चार चिकित्सकों के पास एक-एक अस्पताल का अतिरिक्त प्रभार भी है। वहीं नौतनवां में तैनात डॉक्टर के पास जिला होम्योपैथ अधिकारी का प्रभार है। पिपरपाती, भिटौली, लक्ष्मीपुर एकडंगा, बरियारपुर, चिउटहां, सिसवां, कटहरी, झुलनीपुर, सिंदुरिया, पिपरवास, ताल्ही, समरधीरा, कांध, औसानी, बारगाहपुर, बृजमनगंज, जिला मुख्यालय स्थित होम्योपैथ अस्पताल में डॉक्टरों की तैनाती नहीं है। यह अस्पताल फॉर्मासिस्टों के भरोसे चल रहे हैं।जिला होम्योपैथ अधिकारी डॉ. वीरेंद्र कुमार ने कहा कि डॉक्टरों की कमी के बारे में विभाग की ओर से शासन को पत्र भेजा गया है। उपलब्ध संसाधनों के सहारे ही बेहतर कार्य करने की कोशिश की जा रही है।
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