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वन कर्मचारी घूस लेते गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो/महराजगंज
Updated Tue, 20 Oct 2015 12:33 AM IST
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एंटी करप्शन की टीम ने सोमवार को लक्ष्मीपुर रेंज ऑफिस में तैनात कर्मचारी को पांच हजार रुपये घूस लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कर्मचारी के खिलाफ पुरंदरपुर थाने में भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
संतकबीरनगर की खलीलाबाद कोतवाली के बंजरिया निवासी अबुल हसन की मालवाहक गाड़ी को एक अगस्त को नौ बोटा सागौन की लकड़ी के साथ लक्ष्मीपुर वन विभाग की टीम ने पकड़ा था। मामले में वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। अबुल हसन को गाड़ी छुड़ाने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। पिछले दिनों उन्होंने जुर्माना तो भर दिया लेकिन और पांच हजार रुपये की मांग की जा रही थी। इसकी शिकायत उन्होंने एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम से की। सोमवार को अपराह्न तीन बजे अबुल हसन पांच हजार रुपये के साथ लक्ष्मीपुर रेंज में पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात कर्मचारी अनंत शरण श्रीवास्तव को जैसे ही एक-एक हजार के पांच नोट दिए, उसी समय एंटी करप्शन टीम गोरखपुर के प्रभारी सभाजीत त्रिपाठी अपनी टीम के साथ पहुंच गए और अनंत को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। नोट पर केमिकल लगे हुए थे। वहां से अनंतशरण को पुरंदरपुर थाने लाया गया। यहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, कर्मचारी का कहना है कि साजिश के तहत उसे अबुल हसन जबरदस्ती हाथ में रुपये थमा गया।
वह उसे पांच हजार रुपये की रसीद पिछले माह ही दे चुके हैं। एंटी करप्शन प्रभारी सभाजीत त्रिपाठी का कहना है कि नियम के अनुसार जुर्माना दो लाख रुपये होना चाहिए लेकिन वन विभाग की मिलीभगत से एक लाख रुपये ही लगाया गया। एक लाख पहले जमा हो चुका था। पांच हजार घूूस के बाद ही रिलीज ऑर्डर की बात की जा रही थी। केमिकल लगे नोटों के साथ कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। एसओ आनंद गुप्ता का कहना है का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। डीएफओ शिवाजी राय का कहना है कि कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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संतकबीरनगर की खलीलाबाद कोतवाली के बंजरिया निवासी अबुल हसन की मालवाहक गाड़ी को एक अगस्त को नौ बोटा सागौन की लकड़ी के साथ लक्ष्मीपुर वन विभाग की टीम ने पकड़ा था। मामले में वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। अबुल हसन को गाड़ी छुड़ाने के लिए एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। पिछले दिनों उन्होंने जुर्माना तो भर दिया लेकिन और पांच हजार रुपये की मांग की जा रही थी। इसकी शिकायत उन्होंने एंटी करप्शन गोरखपुर की टीम से की। सोमवार को अपराह्न तीन बजे अबुल हसन पांच हजार रुपये के साथ लक्ष्मीपुर रेंज में पहुंचे। उन्होंने वहां तैनात कर्मचारी अनंत शरण श्रीवास्तव को जैसे ही एक-एक हजार के पांच नोट दिए, उसी समय एंटी करप्शन टीम गोरखपुर के प्रभारी सभाजीत त्रिपाठी अपनी टीम के साथ पहुंच गए और अनंत को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। नोट पर केमिकल लगे हुए थे। वहां से अनंतशरण को पुरंदरपुर थाने लाया गया। यहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं, कर्मचारी का कहना है कि साजिश के तहत उसे अबुल हसन जबरदस्ती हाथ में रुपये थमा गया।
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वह उसे पांच हजार रुपये की रसीद पिछले माह ही दे चुके हैं। एंटी करप्शन प्रभारी सभाजीत त्रिपाठी का कहना है कि नियम के अनुसार जुर्माना दो लाख रुपये होना चाहिए लेकिन वन विभाग की मिलीभगत से एक लाख रुपये ही लगाया गया। एक लाख पहले जमा हो चुका था। पांच हजार घूूस के बाद ही रिलीज ऑर्डर की बात की जा रही थी। केमिकल लगे नोटों के साथ कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है। एसओ आनंद गुप्ता का कहना है का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। डीएफओ शिवाजी राय का कहना है कि कर्मचारी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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