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Maharajganj News: व्यापारियों का आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न रोकने की मांग
Tue, 05 Aug 2025 06:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Tue, 05 Aug 2025 06:42 PM IST
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महराजगंज। मंगलवार को कलक्ट्रेट परिसर में संयुक्त व्यापारी मोर्चा के पदाधिकारियों ने संयोजक पशुपतिनाथ गुप्ता के नेतृत्व में जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। खाद्य सुरक्षा विभाग छोटे व्यापारियों की आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न रोकने की मांग की।
संयोजक पशुपतिनाथ गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यापारी सीमित पूंजी के साथ छोटी दुकानों में व्यापार कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ये व्यापारी एक-दो कर्मचारियों को भी रोजगार देते हैं, जिससे उनके परिवारों का भी गुजारा होता है। हालांकि, ये व्यापारी बड़े मॉल, मार्ट, फ्रेंचाइजी, होटल या रेस्तरां के मानकों का मुकाबला नहीं कर सकते। इसके बावजूद वे शुद्ध और ताजा सामान बेचने का प्रयास करते हैं। छोटे किराना व्यापारी बड़े ब्रांडों के पैक सामान के साथ-साथ गरीब ग्राहकों के लिए खुले सामान भी बेचते हैं।
आरोप लगाया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षक मानकों के नाम पर उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न करते हैं। जैसे- नमूना लेते समय कोई शुल्क नहीं देना, नमूने की रसीद न देना और पैक सामान की जांच में कमी पाए जाने पर छोटे व्यापारियों पर जुर्माना लगाना।
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इसके अलावा, निरीक्षकों पर धौंस दिखाने और व्यापारियों से सीधे संवाद न करने का भी आरोप लगाया गया। इस दौरान रविन्द्र कुमार अग्रहरि, दामोदर गोयल, विनोद कुमार, गोविंद गुप्ता, अशोक मोदनवाल, राधारमण, गणेश प्रसाद, देश बंधु, दीपक सिंह, राममिलन, बद्री विशाल गुप्ता मौजूद रहे।
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संयोजक पशुपतिनाथ गुप्ता ने कहा कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छोटे व्यापारी सीमित पूंजी के साथ छोटी दुकानों में व्यापार कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ये व्यापारी एक-दो कर्मचारियों को भी रोजगार देते हैं, जिससे उनके परिवारों का भी गुजारा होता है। हालांकि, ये व्यापारी बड़े मॉल, मार्ट, फ्रेंचाइजी, होटल या रेस्तरां के मानकों का मुकाबला नहीं कर सकते। इसके बावजूद वे शुद्ध और ताजा सामान बेचने का प्रयास करते हैं। छोटे किराना व्यापारी बड़े ब्रांडों के पैक सामान के साथ-साथ गरीब ग्राहकों के लिए खुले सामान भी बेचते हैं।
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आरोप लगाया कि खाद्य सुरक्षा विभाग के निरीक्षक मानकों के नाम पर उनका आर्थिक और मानसिक उत्पीड़न करते हैं। जैसे- नमूना लेते समय कोई शुल्क नहीं देना, नमूने की रसीद न देना और पैक सामान की जांच में कमी पाए जाने पर छोटे व्यापारियों पर जुर्माना लगाना।
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इसके अलावा, निरीक्षकों पर धौंस दिखाने और व्यापारियों से सीधे संवाद न करने का भी आरोप लगाया गया। इस दौरान रविन्द्र कुमार अग्रहरि, दामोदर गोयल, विनोद कुमार, गोविंद गुप्ता, अशोक मोदनवाल, राधारमण, गणेश प्रसाद, देश बंधु, दीपक सिंह, राममिलन, बद्री विशाल गुप्ता मौजूद रहे।