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कच्ची शराब के खिलाफ थाना घेरा

Tue, 13 Sep 2016 12:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 13 Sep 2016 12:43 AM IST
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shows anger at police station
फरेन्दा थाने का घेराव करती गांव की महिलाएं व अन्य लोग। - फोटो : अमर उजाला
फरेंदा। क्षेत्र में बन रही कच्ची शराब एवं बिक्री को रोकने को लेकर क्षेत्र के गढ़वा, महुअवा उर्फ महुई एवं पिपरा तहसीलदार के लोगों ने फरेंदा थाने का घेराव किया और थानाध्यक्ष को ज्ञापन देकर तत्काल कच्ची शराब बंद कराने की मांग की।
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सोमवार को इन गांवों के बड़ी संख्या में लोग ग्राम प्रधान गणेश निषाद, रामगुलाम, रामसमुझ के नेतृत्व में थाने पर पहुंचकर गए और थाने का घेराव किया। बेचन, शकुंतला, चंद्रावती, रामभवन, प्रताप, सुभाष, रामपलट, बबलू, राजमती, आशा, सुनील, छोटेलाल आदि ने कहा कि ग्राम गढ़वा टोला सपही का व्यक्ति प्रतिदिन कम से कम सौ लीटर शराब बनाता है।
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वहां सुबह-शाम पियक्कड़ों की भीड़ लगी रहती है। कई बार पुलिस और आबकारी विभाग से शिकायत की गई, परंतु आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। विरोध करने वालों को आरोपी डरा धमकाकर चुप करा देता है। घेराव कर रहे गांव वालों ने थानाध्यक्ष फरेंदा को ज्ञापन दिया। एसओ सत्येंद्र पांडेय ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर गांव वालों ने घेराव समाप्त किया। 
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इस संबंध में थानाध्यक्ष फरेंदा सत्येंद्र पांडेय का कहना है कि गांव वालों ने जिस व्यक्ति के खिलाफ शराब बनाने की शिकायत की। उसके अड्डों पर तत्काल दबिश दी गई। वहां न तो वह व्यक्ति मिला और न ही शराब बनाने का कोई उपकरण। कार्रवाई की जाएगी।


कई बार कर चुके हैं थाने पर घेराव और प्रदर्शनः फरेन्दा। क्षेत्र में कच्ची शराब को लेकर गांव वालों ने कई बार थाने व तहसील दिवस में प्रदर्शन कर घेराव किया है लेकिन न तो पुलिस और न ही आबकारी विभाग इसको गंभीरता से लेता है। क्षेत्र के रामनगर, भैसहिया, ठरवरिया, जानकीनगर, बरातगाड़ा, रेहरवा, परगापुर, गुदरीपुर, नगेसरापुर आदि गांवों में कच्ची शराब का धंधा फल-फूल रहा है। इसकी शिकायत कई बार की जा चुकी है, पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कभी-कभार छापेमारी होती भी है तो मौके पर कुछ उपकरण व लहन के अलावा कुछ मिलता नहीं है। कच्ची शराब के धंधेबाज पहले ही फरार हो जाते हैं। खानापूरी के नाम पर आबकारी विभाग कार्रवाई के नाम पर कुछ लोगों की गिरफ्तारी दिखा देता है।
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