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रेकी की नीयत से वाराणसी जाना चाहता था जावेद
अमर उजाला ब्यूरो/महराजगंज
Updated Tue, 27 Oct 2015 12:05 AM IST
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नेपाल से घुसपैठ की कोशिश में सोनौली बॉर्डर पर पकड़ा गया पाकिस्तानी नागरिक जावेद कमाल आईएसआई एजेंट है या नहीं, इसकी तह तक पहुंचने के लिए जहां पुलिस उसे रिमांड पर लेने की तैयारी में लगी है, वहीं इस बीच खुफिया एजेंसियों की तरफ से जुटाई गई जानकारियों में उसका आईएसआई से करीबी रिश्ता तय माना जा रहा है।
शुरुआती जानकारी में उसके वाराणसी पहुंचकर कुछ खास जगहों की रेकी करके बैंकॉक लौटने की योजना पता चली है खुफिया सूत्र बताते हैं कि उसे 13 नवंबर को बैंकॉक लौटना था। इसके लिए उसके पास से बैंकॉक की हवाई यात्रा का टिकट मौजूद था। सोनौली के रास्ते भारत में दाखिल होकर गोरखपुर के रास्ते वाराणसी पहुंचना था।
भारतीय होटलों में ठहरने या लोगों से घुलने-मिलने में मदद के लिए उसे फर्जी आईडी भी उपलब्ध कराई गई थी।
नोमैंस लैंड पर पकड़े जाने के दौरान उस पर वीजा न मिलने के कारण सोनौली थाने में केस दर्ज कराते हुए जेल भेज दिया था।
गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक के वक्त की पूछताछ में उसकी गतिविधियां संदिग्ध महसूस होने पर उसकी पृष्ठभूमि की गहराई से पड़ताल की जा रही है। महराजगंज के एसपी भारत सिंह यादव के मुताबिक वह अभी संदेह के दायरे में है।
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सच जानने के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की कोशिश में लगी है।
इस बीच खुफिया एजेंसियों को उसके कुछ सहयोगियों के नेपाल में मौजूद होने और उसकी गिरफ्तारी के बाद भूमिगत हो जाने की जानकारी भी मिली है
फेसबुक से बढ़ाई भारतीयों से दोस्ती
खुफिया तरीके से जुटाई जा रही जानकारियों में जावेद कमाल के फेसबुक पर कई भारतीयों से दोस्ती करने और पीएमओ तथा इंडियन आर्मी के पेज को लाइक करने की जानकारी मिली है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से मोबाइल फोन का चार्जर मिला था लेकिन फोन हाथ नहीं लगा। ऐसे में फोन किसी और साथी पर होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
डॉक्टरेट भी जांच के दायरे में
गिरफ्तारी के समय जावेद कमार ने खुद को प्रोफेसर बताया था। पीएचडी की डिग्री और रिसर्च से जुड़े काम के सिलसिले में वाराणसी जाने की योजना बताई थी। वीजा न होने से जहां उसके प्रोफेसर होने व डॉक्टरेट की डिग्री को लेकर सवाल उठे थे, वहीं अब तक हासिल खुफिया जानकारियों में उसके फैसलाबाद के मदरसे से पांचवीं तक की पढ़ाई करने और सन 96 से आईएसआई के संपर्क में आ जाने के संकेत मिले हैं।
सीमा पर चौकसी बढ़ाई
नेपाल से लेकर नोमैंस लैंड तक मधेसी और गैर मधेसियों के आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाओं को लेकर चौकन्नी सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा से संदिग्ध स्थितियों में पाकिस्तानी की गिरफ्तारी होने के बाद चौकसी और बढ़ा दी है। गिरफ्त में आए जावेद कमाल के वाराणसी जाने की योजना के संकेत मिलने के बाद सीमा से वाराणसी तक शरारती तत्वों पर निगरानी के लिए कहा गया है।
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शुरुआती जानकारी में उसके वाराणसी पहुंचकर कुछ खास जगहों की रेकी करके बैंकॉक लौटने की योजना पता चली है खुफिया सूत्र बताते हैं कि उसे 13 नवंबर को बैंकॉक लौटना था। इसके लिए उसके पास से बैंकॉक की हवाई यात्रा का टिकट मौजूद था। सोनौली के रास्ते भारत में दाखिल होकर गोरखपुर के रास्ते वाराणसी पहुंचना था।
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भारतीय होटलों में ठहरने या लोगों से घुलने-मिलने में मदद के लिए उसे फर्जी आईडी भी उपलब्ध कराई गई थी।
नोमैंस लैंड पर पकड़े जाने के दौरान उस पर वीजा न मिलने के कारण सोनौली थाने में केस दर्ज कराते हुए जेल भेज दिया था।
गिरफ्तारी से लेकर जेल भेजे जाने तक के वक्त की पूछताछ में उसकी गतिविधियां संदिग्ध महसूस होने पर उसकी पृष्ठभूमि की गहराई से पड़ताल की जा रही है। महराजगंज के एसपी भारत सिंह यादव के मुताबिक वह अभी संदेह के दायरे में है।
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सच जानने के लिए पुलिस रिमांड पर लेने की कोशिश में लगी है।
इस बीच खुफिया एजेंसियों को उसके कुछ सहयोगियों के नेपाल में मौजूद होने और उसकी गिरफ्तारी के बाद भूमिगत हो जाने की जानकारी भी मिली है
फेसबुक से बढ़ाई भारतीयों से दोस्ती
खुफिया तरीके से जुटाई जा रही जानकारियों में जावेद कमाल के फेसबुक पर कई भारतीयों से दोस्ती करने और पीएमओ तथा इंडियन आर्मी के पेज को लाइक करने की जानकारी मिली है। गिरफ्तारी के समय उसके पास से मोबाइल फोन का चार्जर मिला था लेकिन फोन हाथ नहीं लगा। ऐसे में फोन किसी और साथी पर होने का अंदेशा जताया जा रहा है।
डॉक्टरेट भी जांच के दायरे में
गिरफ्तारी के समय जावेद कमार ने खुद को प्रोफेसर बताया था। पीएचडी की डिग्री और रिसर्च से जुड़े काम के सिलसिले में वाराणसी जाने की योजना बताई थी। वीजा न होने से जहां उसके प्रोफेसर होने व डॉक्टरेट की डिग्री को लेकर सवाल उठे थे, वहीं अब तक हासिल खुफिया जानकारियों में उसके फैसलाबाद के मदरसे से पांचवीं तक की पढ़ाई करने और सन 96 से आईएसआई के संपर्क में आ जाने के संकेत मिले हैं।
सीमा पर चौकसी बढ़ाई
नेपाल से लेकर नोमैंस लैंड तक मधेसी और गैर मधेसियों के आंदोलन के दौरान हिंसक घटनाओं को लेकर चौकन्नी सुरक्षा एजेंसियों ने सीमा से संदिग्ध स्थितियों में पाकिस्तानी की गिरफ्तारी होने के बाद चौकसी और बढ़ा दी है। गिरफ्त में आए जावेद कमाल के वाराणसी जाने की योजना के संकेत मिलने के बाद सीमा से वाराणसी तक शरारती तत्वों पर निगरानी के लिए कहा गया है।